9 साल की नेहल ने ब्रेन कैंसर को हराया, सीएम भूपेश बघेल का आभार जताया

निराशा के अंधेरों में आशा की किरण बनी मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना। मुख्यमंत्री की पहल से नन्ही नेहल को मिली नई जिन्दगी।


सूचनाजी न्यूज, रायपुर। अक्सर गंभीर बीमारियां इंसान को शारीरिक रूप से परेशान करने के साथ व्यक्ति एवं उसके परिवार को आर्थिक परेशानियों में भी डाल जाती है। ऐसी संकट की घड़ी में अपने भी जहां आंख चुराने लगते है, ऐसे में व्यक्ति निराश हो जाता है। कहीं भी उसे सहायता प्राप्त नहीं होती। ऐसी परिस्थितियों से लोगों को राहत पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की योजना काम आई।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा 01 जनवरी 2020 को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना प्रारंभ की गयी थी। जिससे गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को आर्थिक समस्या से बचा कर उनको बेहतर उपचार प्रदान किया जा सके।

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ऐसी ही एक कहानी विकासखण्ड कोण्डागांव के सम्बलपुर निवासी छोटे से किसान गिरजानंद पटेल की है। जहां उनकी 09 वर्षीय बेटी नन्ही नेहल पटेल जब वर्ष 2019 में चौथी कक्षा में अपने नाना-नानी के साथ रह कर जगदलपुर में पढ़ रही थी, तब अचानक उसकी तबियत खराब रहने लगी। उसे कक्षा में उल्टियां होने के साथ तीव्र बुखार आया करता था। जिसे शिक्षक सामान्य बुखार समझकर दवाईयां दे दिया करते थे। जिससे उसे तात्कालिक आराम तो प्राप्त हो जाता था।

परन्तु बहुत दिनों तक यह क्रम चलने पर 17 जून 2019 को विशाखापटनम घूमने जा रहे उनके नाना-नानी द्वारा वहां उसकी स्वास्थ्य जांच निजी अस्पताल में करवाई। जहां डॉक्टरों द्वारा दिमाग में ट्यूमर होने की बात कहते हुए प्रारंभिक जांच कर उसका इलाज किया गया। जिसके पश्चात नेहल को कुछ दिनों बाद पुनः परेशानियां होने लगी।

वह दर्द के कारण पढ़ नहीं पाती थी एवं दिन-रात दर्द से चिल्लाया करती थी। धीरे-धीरे वह चलने फिरने में भी असमर्थ हो गयी। नेहल की ऐसी दशा देख पिता द्वारा डॉक्टरों की सलाह पर वर्ष 2020 में नेहल की जांच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर में कराई गई।

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परिजनों ने नेहल को बचा पाने की अपनी उम्मीद भी खो दी थी…

एम्स के चिकित्सकों द्वारा जांच उपरांत दिमाग में ट्यूमर के स्थान पर ब्रेन कैंसर की पुष्टि करते हुए यह बात परिजनों को बताई। जिसपर परिजनों द्वारा पूछे जाने पर डॉक्टरों ने बताया कि नेहल कैंसर के चौथे स्टेज में है और कैंसर सिर से होते हुए मेरूरज्जू तक फैल रहा है। एम्स में डेढ़ साल तक नेहल का उपचार चलता रहा, परंतु नेहल की हालत ना सुधरता देख डॉक्टरों ने चेन्नई स्थित एक निजी अस्पताल में इसका इलाज संभव होने की जानकारी परिजनों को दी। इलाज में बहुत अधिक खर्च होने की बात जानकर परिजनों ने नेहल को बचा पाने की अपनी उम्मीद भी खो दी थी।

मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना ने दिखाई उम्मीद

ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत 20 लाख रुपये तक स्वास्थ्य उपचार हेतु सहायता प्राप्त होने के संबंध में जानकारी प्रदान की गयी। जिससे उनमें निराशा के अंधेरे में उम्मीद की एक नई किरण दिखाई दी।

जिस पर मार्च 2022 में ग्राम के जनप्रतिनिधि बुधराम नेताम द्वारा उन्हें योजना का लाभ लेने हेतु सहायता करते हुए जगदलपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भेंट मुलाकात कार्यक्रम में जाने के संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री से सहायता हेतु अपील करने को कहा। जिस पर 26 मई 2022 को जगदलपुर में नेहल के पिता द्वारा मुख्यमंत्री से सहायता की अपील की।

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विधायक मोहन मरकाम ने बढ़ाया हाथ

मुख्यमंत्री द्वारा संवेदनशीलता पूर्वक जल्द से जल्द नेहल की सहायता हेतु स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया। जिस पर तत्परता दिखाते हुए अगले ही दिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के दल द्वारा नेहल के घर पहुंच स्वास्थ्य रिपोर्ट तैयार की गयी। जहां 04 जून को लिमदरहा में अपने कार्यक्रम के दौरान कोण्डागांव विधायक मोहन मरकाम के द्वारा नेहल की चर्चा पर मुख्यमंत्री ने तुंरत राशि जारी कर नेहल का उपचार प्रारंभ करवाने के निर्देश दिये। जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए 06 जून को अधिकारियों द्वारा विभागीय कार्यवाही पूर्ण कर 20 लाख रुपये नेहल के पिता के खाते में अंतरित कर दिये गये।

तीन साल बाद कैंसर को हराया

राशि प्राप्त होते ही नेहल के पिता उसे लेकर चेन्नई पहुंचे। जहां प्रारंभिक जांच के उपरांत डॉक्टरों द्वारा 28 लाख रुपयों के खर्च होने की बात बतायी, जिस पर पुनः नेहल के परिजन 08 लाख रूपयों की कमी को लेकर चिन्तित हो गये। परिजनों ने जैसे-तैसे कर कुछ रूपये जोड़े जो फिर भी पूरे नहीं थे। तब उन्होने प्रतिनिधि के माध्यम से पुनः मुख्यमंत्री से सहायता की गुहार लगायी। जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा स्वेच्छानुदान से नेहल की सहायता हेतु 05 लाख रुपयों की अतिरिक्त सहायता परिजनों को दी।

जिससे परिजनों की चिन्ता दूर हुई। जिसके पश्चात 35 दिन लम्बे चले उपचार के उपरांत नेहल ने अंततः तीन वर्षों बाद कैंसर को हरा दिया और अब पूरी तरह स्वस्थ हो गयी है। जहां स्कूल प्रबंधन एवं शिक्षकों द्वारा नेहल के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का प्रबंध कर दिया गया। जिससे नेहल अब घर में रहकर अपनी पढ़ाई जारी रख पा रही है।

शायद आज नेहल इस दुनिया में न होती…

नेहल एवं उसके परिजनों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को इलाज हेतु सहायता के लिए तहे दिल से धन्यवाद देते हुए पिता गिरजानंद ने नम आंखों से कहा कि अगर मुख्यमंत्री से सहायता राशि न मिलती तो आज शायद आज नेहल इस दुनिया में न होती। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए बताया कि नेहल को जब से मुख्यमंत्री द्वारा प्राप्त सहायता के बारे में जानकारी मिली है, वह स्वयं मिलकर उनका आभार व्यक्त करना चाहती है।

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