- क्षतिग्रस्त डक्टिंग से हो रहे धूल रिसाव पर पूरी तरह रोक लगी। कार्यस्थल का वातावरण और दृश्यता में सुधार हुआ।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के सिंटरिंग प्लांट 3 से अच्छी खबर है। वर्ष 2001 में नई सिंटर मशीन के साथ लगाए गए रूम डीडस्टिंग फैन के डक्टिंग पाइप (व्यास 2500 मिमी) लंबे समय तक उपयोग के बाद बुरी तरह से खराब हो गए थे। इन पाइपों में कई जगह दरारें और क्षति आ जाने से पाइपलाइन के साथ-साथ धूल का रिसाव होने लगा था, जिससे प्लांट में काम का माहौल धूल भरा और असुरक्षित हो गया था।
समस्या की गंभीरता को देखते हुए हमारी टीम ने इस चुनौती को स्वीकार किया और सिस्टम को फिर से दुरुस्त करने का बीड़ा उठाया। इन-हाउस प्रयासों से खराब डक्टिंग को बदला गया। इसके तहत व्यास 2500 मिमी के बेंड पाइप और सीधे पाइप, कुल मिलाकर लगभग 20 मीटर लंबाई के, बनाए और लगाए गए। इस पहल से सिस्टम की मजबूती लौटी और कार्यस्थल का माहौल साफ-सुथरा व सुरक्षित हुआ।
प्लानिंग सेक्शन के सहयोग से जितेश और विपिन ने समय पर 8 मिमी की प्लेटें उपलब्ध कराईं, जिससे काम बिना किसी रुकावट के पूरा हो सका। यह कार्य आई. वी. रमना, जीएम (मैकेनिकल), कैलाश गुप्ता, डीजीएम (मैकेनिकल), और एस. श्रीनिवास, एजीएम (मैकेनिकल) के मार्गदर्शन में सिंटरिंग प्लांट 3 की समर्पित टीम द्वारा सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
प्लांट गैराज टीम का भी महत्वपूर्ण सहयोग मिला, जिसमें प्रदीप्त भौमिक, जीएम; त्रिपाठी, सहायक प्रबंधक; और राकेश चौधरी, प्रबंधक शामिल थे। उन्होंने ओमेगा 75T क्रेन और कुशल ऑपरेटर शेख फैयाज व जय कुमार उपलब्ध कराकर कार्य को सुरक्षित और सुचारू रूप से पूरा करने में मदद की।
आखिर मिल गया ये रिजल्ट
– क्षतिग्रस्त डक्टिंग से हो रहे धूल रिसाव पर पूरी तरह रोक लगी
– कार्यस्थल का वातावरण और दृश्यता में सुधार हुआ
– डीडस्टिंग सिस्टम की परिचालन दक्षता बढ़ी
– इन-हाउस कार्य से समय और लागत दोनों की बचत हुई














