प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन से लंबित मुद्दों, वेतन समझौते से जुड़े बकाया भुगतान और अन्य श्रमिक हितों से संबंधित मांगों पर आवाज उठाई।
- प्लांट के स्कूलों के निजीकरण के बाद छात्रों की फीस में भारी वृद्धि हुई है।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। Steel Authority of India Limited के Rourkela Steel Plant में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध तेज हो गया है। राउरकेला इस्पात कारखाना कर्मचारी संघ (RIKKS) के बैनर तले कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में आरएसपी ने उत्पादन, उत्पादकता और लाभ के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं में लगातार कटौती की जा रही है। उनका कहना था कि मजदूरों के हितों की अनदेखी कर कई ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं, जिनसे कर्मचारियों और उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
यूनियन ने आरोप लगाया कि प्लांट के स्कूलों के निजीकरण के बाद छात्रों की फीस में भारी वृद्धि हुई है। इसी तरह आईजीएच में भोजन शुल्क बढ़ाने तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण (वोकेशनल ट्रेनिंग) के लिए शुल्क लागू करने जैसे फैसलों से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा है। नेताओं का कहना है कि इन निर्णयों के खिलाफ पर्याप्त विरोध नहीं होने के कारण प्रबंधन अन्य सुविधाओं में भी कटौती करने का प्रयास कर रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने आवास संबंधी मुद्दों को भी उठाया। उनका कहना था कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लाइसेंस एवं रिटेंशन योजना के तहत दिए गए क्वार्टरों में किए गए निर्माण कार्यों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि बड़ी संख्या में क्वार्टर खाली पड़े हैं। यूनियन नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यूनियन ने क्वार्टरों के रखरखाव की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि मकानों की मरम्मत, छतों की लीकेज, शौचालयों की खराब स्थिति और अन्य बुनियादी समस्याओं के समाधान में अत्यधिक देरी की जाती है। इसके अलावा टाउनशिप कर्मचारियों को प्लांट में भेजने संबंधी हालिया आदेशों पर भी आपत्ति जताई गई।
प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन से कर्मचारियों के लंबित मुद्दों, वेतन समझौते से जुड़े बकाया भुगतान और अन्य श्रमिक हितों से संबंधित मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारी विरोधी फैसलों को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन में भारतीय मजदूर संघ के इस्पात सहप्रभारी हिमांशु शेखर बल, सुंदरगढ़ जिला प्रभारी राजेद्र नाथ महंत, RIKKS अध्यक्ष प्रदोष पंडा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और यूनियन पदाधिकारी उपस्थित रहे।

