बोनस न मिलने का गुस्सा बीएमएस के केंद्रीय नेता डीके पांडेय पर उतरा, गमछा-बनियान में ही पदाधिकारियों ने घेरा, देखिए वायरल वीडियो

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इस्को बर्नपुर बीएमएस के पदाधिकारियों ने 27 सितंबर को उद्योग प्रभारी डीके पांडेय को उनके आवास पर ही घेर लिया था।
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सूचनाजी न्यूज, बर्नपुर। सेल के बोनस को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों का गुस्सा यूनियन नेता पर उतरना शुरू हो गया है। बीएमएस के उद्योग प्रभारी डीके पांडेय को उनके आवास पर ही कर्मचारियों ने घेर लिया। अपनी नाराजगी जाहिर की। कहासुनी और विवाद का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। हकीकत में यह वीडियो 27 सितंबर का है, जिसे लीक कर दिया गया है। सेल की इकाइयों में इसे तेजी से वायरल किया जा रहा है।

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वायरल वीडियो पर डीके पांडेय ने कहा कि मैं समय से पहले पहुंच गया। ये आधे घंटे बाद आए थे। जब सवालों की झड़ी लगाई तो सबकी बोलती बंद हो गई। बोनस अकेले बीएमएस तय नहीं करता है। जब तारीख तय हो गई है तो फिर विरोध-प्रदर्शन में क्यों शामिल हुए। भिलाई और बोकारो में मैंने मना किया और बीएमएस नहीं साथ गया। बर्नपुर, राउरकेला, दुर्गापुर के लोगों को अपने पद को लेकर तकलीफ है। इसलिए वे डीके पांडेय के खिलाफ काम करते हैं। फेडरेशन को सहयोग करते नहीं है। मेरे खिलाफ कोई आंदोलन करते हैं तो करें।

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दुर्गापुर के एक पदाधिकारी केा अध्यक्ष पद चाहिए। बर्नपुर के लोगों को एनजेसीएस में जाना है। यह तकलीफ है। बोनस का कोई मुद्दा ही नहीं है। जो लोग बोनस पर उछल रहे हैं 45 से नीचे आएंगे। बर्नपुर के सब अपने लोग हैं। बाथरूम से निकलकर आए थे। खाना खाने की तैयारी थी, तभी लोग आए और चिल्लाने लगे थे। पीआरपी के फॉर्मूले की बात करने वाले होश में आएं। इंसेंटिव छोड़ना पड़ेगा। सी-ग्रेड को स्वीकार करना होगा। 24 घंटे ड्यूटी करना होगा। ये सारी चीजे स्वीकार करने को तैयार हैं क्या। एनएमडीसी की तुलना करते हैं लोग, जहां महज 6 हजार ही कर्मचारी हैं।

वायरल वीडियो में डीके पांडेय से बहस करते दिख रहे बर्नपुर बीएमएस के संगठन मंत्री दीपक सिंह ने सूचनाजी.कॉम को बताया कि 24 सितंबर की बोनस मीटिंग के बाद डीके पांडेय बर्नपुर आए हुए थे। दो दिन बीत जानने के बाद मीटिंग में शामिल नहीं हुए। इससे नारज पदाधिकारी बीएमएस कार्यालय को आवंटित आवास पहुंचे और डीके पांडेय से अपने मन की बात करनी शुरू की।

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सवाल-जवाब का दौर चल रहा था, तभी किसी ने वीडियो बनाया और अब वायरल कर दिया है। यह सही नहीं है। एक परिवार का मामला है। वीडियो वायरल किए से मैं काफी मर्माहत हूं। बीएमएस परिवार का आंतरिक मामला है, किसी को टिका-टिप्पणी नहीं करना चाहिए।

दीपक सिंह ने कहा कि मेरा अधिकार है। डीके पांडेय हम सबका नेतृत्व कर रहे हैं। 10 तारीख को बोनस की तारीख क्यों लिए। इसी सवाल का जवाब लिया जा रहा था, क्योंकि दुर्गा पूजा समाप्त हो जाएगा। सैलरी एक तारीख को ही मिल जाएगी। आखिर बीएमएस ने क्यों 10 तारीख पर सहमति दी। पांडेयजी यूनियन आफिस के आवास में ही रहते हैं। इसलिए पदाधिकारी वहीं, उनसे मिलने पहुंचे। बनियान और गमछा में ही उन्हें घेर लिया गया था।

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वीडियो में डीके पांडेय बोलते दिख रहे हैं कि आफिस में मीटिंग कीजिए, वहां सबके सवालों का जवाब देंगे। इसके बाद मीटिंग हुई और उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बीएमएस ने 45 हजार रुपए की मांग कभी नहीं की। बीएमएस एक माह के सैलरी की मांग करती रही है। कर्मचारियों की तरफ से पीआरपी के तर्ज पर पीबीटी का 5 प्रतिशत बोनस देने की मांग की गई है।

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