विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हादसा: मजदूर के सिर पर गिरा बस बार, मौत
पिछले दिनों एक हादसे में 10 कार्मिकों की जान जा चुकी है। अब ठेका मजदूर की मौत हुई। सूचनाजी न्यूज, विशाखापत्तनम। राष्ट्रीय इसपात निगम लिमिटेड के विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (VSP) में एक और हादसा हो गया है। 52 वर्षीय ठेका कर्मचारी की मौत हो गई। प्लांट के अंदर हुए हादसे में मजदूर अनंत बारवे के सिर में चोट लगी। अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन जान बचाई न जा सकी। एक्सीडेंट कोक ओवन बैटरी-1 (Coke Oven Battery-1) में हुआ, जहां करीब 7 मीटर ऊंचाई से एक भारी इलेक्ट्रिकल बस बार मजदूर के सिर पर गिर गया। वाइज
- पिछले दिनों एक हादसे में 10 कार्मिकों की जान जा चुकी है। अब ठेका मजदूर की मौत हुई।
सूचनाजी न्यूज, विशाखापत्तनम। राष्ट्रीय इसपात निगम लिमिटेड के विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (VSP) में एक और हादसा हो गया है। 52 वर्षीय ठेका कर्मचारी की मौत हो गई। प्लांट के अंदर हुए हादसे में मजदूर अनंत बारवे के सिर में चोट लगी। अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन जान बचाई न जा सकी। एक्सीडेंट कोक ओवन बैटरी-1 (Coke Oven Battery-1) में हुआ, जहां करीब 7 मीटर ऊंचाई से एक भारी इलेक्ट्रिकल बस बार मजदूर के सिर पर गिर गया।
वाइजैग स्टील प्लांट के कार्मिकों का कहना है कि लंबे समय से मेंटेनेंस आदि कार्य प्रभावित है। बस बार को पहले ही खोलकर हटा देना था। अनुभवी मैनपॉवर की कमी की वजह से मेंटेनेंस आदि कार्य में दिक्कत हो रही है। जिस बस बार को हटाना था, वही हादसे का कारण बन गया। मजदूर की जान चली गई।
हादसे के बाद यूनियन ने घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही प्रबंधन से आग्रह किया है कि प्लांट में लंबित रखरखाव (मेंटेनेंस) कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन और समय पर रखरखाव कार्यों की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि संभावित खतरों को समय रहते दूर किया जाए, तो ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सकता है।
बता दें कि पिछले दिनों भीषण हादसे में 10 कर्मचारियों, अधिकारियों और मजदूरों की मौत हो चुकी है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल बीएसएल के डायरेक्टर इंचार्ज प्रिय रंजन के नेतृत्व में एक जांच कमेटी गठित की गई थी। कमेटी अपनी रिपोर्ट भी मंत्रालय को सौंप चुकी है।