भूख हड़ताल की अनुमति नहीं मिली तो DC से मिला BAKS, BSL प्रबंधन के खिलाफ निकाली भड़ास

BSL कर्मचारियों के मुद्दों पर DC से मिले बोकारो अनाधिशासी कर्मचारी संघ-BAKS के पदाधिकारी। भूख हड़ताल की अनुमति नहीं मिलने पर जताया रोष।

  • बीएकेएस के महासचिव हरिओम ने कहा, “कानून के दायरे में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद हमारी यूनियन ने जिला प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखा है, ताकि आगे कठोर कार्रवाई से संबंधित निर्णय लेने में कोई रुकावट नहीं आए।”

सूचनाजी न्यूज, बोकारो। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के कर्मचारियों की वर्षों से लंबित समस्याओं और सेल/बीएसएल प्रबंधन के रवैये को लेकर बोकारो अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) ने जिला प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखा। बीएकेएस के महासचिव हरिओम के नेतृत्व में यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा से मुलाकात की। इस दौरान चास के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) की ओर से दो बार अनिश्चितकालीन आमरण अनशन की अनुमति नहीं दिए जाने पर यूनियन ने रोष जताया।

यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को बीएसएल कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं से अवगत कराया। साथ ही, सेल/बीएसएल प्रबंधन पर कर्मचारियों के हितों की अनदेखी, कथित अनियमितताओं और शोषण के आरोप लगाते हुए इन मुद्दों के समाधान की मांग की।

BSL प्रबंधन को BAKS के साथ बैठक करने का निर्देश देने की बात

बीएकेएस के अनुसार, उपायुक्त ने कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं को सिलसिलेवार सुना और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही। उन्होंने बीएसएल के उच्च प्रबंधन को बीएकेएस के साथ नियमित बैठक कर कर्मचारियों के लंबित मुद्दों का निराकरण करने का निर्देश देने की बात भी कही।

यूनियन का कहना है कि उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि बीएसएल प्रबंधन जल्द ही बीएकेएस के साथ बैठक करेगा, ताकि कर्मचारियों की समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।

त्योहार तक जिला प्रशासन का सहयोग करने की अपील

उपायुक्त ने यूनियन से त्योहार तक जिला प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में यदि सेल/बीएसएल प्रबंधन अपने रवैये में बदलाव नहीं करता है, तो आगे जिला प्रशासन यूनियन को सहयोग करेगा।

इस पर यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को आश्वस्त किया कि बीएकेएस ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा, जिससे जिला प्रशासन को कठिनाइयों का सामना करना पड़े। यूनियन ने कहा कि अब तक उसके सभी आंदोलन, प्रदर्शन और जुलूस कानून के दायरे में रहकर किए गए हैं और आगे भी कानून का सम्मान करते हुए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।

भूख हड़ताल की अनुमति नहीं मिलने पर यूनियन ने उठाए सवाल

बीएकेएस ने चास के अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से दो बार अनिश्चितकालीन आमरण अनशन की अनुमति नहीं दिए जाने पर आपत्ति जताई। यूनियन का कहना है कि बिना किसी ठोस आधार के अनुमति नहीं दिए जाने से कर्मचारियों के मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के उसके प्रयास प्रभावित हुए हैं।

यूनियन ने जिला प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की। बीएकेएस का कहना है कि कर्मचारियों के लंबित मुद्दों का समाधान नहीं होने की स्थिति में उसे आगे की रणनीति पर निर्णय लेना पड़ सकता है।

‘आगे की कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन के समक्ष रखा पक्ष’

बीएकेएस के महासचिव हरिओम ने कहा, “कानून के दायरे में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद हमारी यूनियन ने जिला प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखा है, ताकि आगे कठोर कार्रवाई से संबंधित निर्णय लेने में कोई रुकावट नहीं आए।” इस मुलाकात के दौरान बीएकेएस की कार्यकारिणी सदस्य शत्रुंजय कुमार, चुन्नी कुमारी, पंकज मिश्रा सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे।