BSP बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल, Bhilai Steel City Chamber of Commerce ने स्मार्ट मीटर, खुर्सीपार-कैंप में बिजली चोरी का उठाया मुद्दा

चाहे बिजली आपूर्ति बीएसपी करे या राज्य शासन, उपभोक्ताओं को नियमों के अनुरूप सस्ती और सुगम बिजली मिलनी चाहिए। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। Bhilai Steel Plant की टाउनशिप क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को लेकर Bhilai Steel City Chamber of Commerce ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। चेंबर अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने कहा है कि बीएसपी का टाउन इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिकल विभाग स्वयं एक लाइसेंसिंग अथॉरिटी होने के बावजूद अपना लाइसेंस छत्तीसगढ़ शासन को वापस सौंपना चाहता है, जो कई सवाल पैदा करता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह शिक्षा

  • चाहे बिजली आपूर्ति बीएसपी करे या राज्य शासन, उपभोक्ताओं को नियमों के अनुरूप सस्ती और सुगम बिजली मिलनी चाहिए।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। Bhilai Steel Plant की टाउनशिप क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को लेकर Bhilai Steel City Chamber of Commerce ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। चेंबर अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने कहा है कि बीएसपी का टाउन इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिकल विभाग स्वयं एक लाइसेंसिंग अथॉरिटी होने के बावजूद अपना लाइसेंस छत्तीसगढ़ शासन को वापस सौंपना चाहता है, जो कई सवाल पैदा करता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं से बीएसपी धीरे-धीरे पीछे हटता दिख रहा है, क्या अब विद्युत सेवा से भी हाथ खींचने की तैयारी है। यदि ऐसा है तो कारखाने के उपयोग की भूमि को छोड़कर टाउनशिप की अतिरिक्त जमीन राज्य शासन को सौंप दी जानी चाहिए, ताकि राज्य सरकार वहां रहने वाले नागरिकों को अपनी योजनाओं और सेवाओं का लाभ दे सके। ज्ञानचंद जैन ने आरोप लगाया कि टाउनशिप क्षेत्र में रहने वाले लोग राज्य शासन के उपभोक्ता होने के बावजूद शासन की कई सुविधाओं और नियमों का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीएसपी प्रबंधन ने विद्युत नियामक आयोग के समक्ष स्मार्ट मीटर लगाने के लिए वेंडर तैयार किए जाने की जानकारी दी है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कार्य कब और किन क्षेत्रों से शुरू होगा। चेंबर अध्यक्ष ने कहा कि बीएसपी का विद्युत विभाग पिछले 15 वर्षों से खुर्सीपार और कैंप क्षेत्र में बिजली चोरी का मुद्दा उठाता रहा है, लेकिन चोरी रोकने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसका सीधा असर नियमित रूप से बिजली बिल भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, जिन्हें महंगी बिजली का बोझ उठाना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली चोरी रोकने के बजाय बीएसपी प्रबंधन विद्युत नियामक आयोग के समक्ष बिजली दरों में बढ़ोतरी की मांग करता है, जो ईमानदार उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ है। ज्ञानचंद जैन ने कहा कि अभी तक आयोग की जनसुनवाई की तारीख सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय उपभोक्ता इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक बिजली चोरी रोकने और विसंगतिपूर्ण नीतियों में सुधार के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक बीएसपी न तो राज्य शासन को विद्युत सेवा हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर पाएगा और न ही बिजली दरों में वृद्धि कर सकेगा। उन्होंने बताया कि पिछली सुनवाई में आयोग ने स्पष्ट कहा था कि उसका उद्देश्य जनता के हितों की रक्षा करना है और अगली जनसुनवाई संबंधित क्षेत्र में ही आयोजित की जाएगी। चेंबर अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि आगामी सुनवाई भिलाई में होगी, ताकि उपभोक्ता सीधे अपनी समस्याएं आयोग के सामने रख सकें। ज्ञानचंद जैन ने नए शहर के उपभोक्ताओं, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक संस्थाओं से अपील की है कि जैसे ही विद्युत नियामक आयोग की जनसुनवाई की तारीख घोषित हो, सभी लोग अपनी शिकायतें दर्ज कराएं और सस्ती व सुलभ बिजली के लिए सामूहिक आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि चाहे बिजली आपूर्ति बीएसपी करे या राज्य शासन, उपभोक्ताओं को नियमों के अनुरूप सस्ती और सुगम बिजली मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने बीएसपी अधिकारियों से भी अपील की कि वे ऐसी नीतियों से बचें, जो भविष्य में आम नागरिकों और कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बनें। चेंबर अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2005 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विद्युत नियामक आयोग के गठन से आम उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों की रक्षा का बड़ा मंच मिला है और स्टील सिटी चेंबर आगे भी उपभोक्ताओं के हितों के लिए संघर्ष करता रहेगा।