Bhilai Steel Plant: रेल मिल में पैर गंवाने वाले मजदूर के घर पहुंचा CITU, प्रबंधन-ठेकेदार को झकझोरा
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल के भिलाई स्टील प्लांट में पैर गंवाने वाले मजदूर के घर सीटू पदाधिकारी पहुंच गए। 23 जनवरी 2024 को लांग रेल मिल में दोपहर 1.30 बजे के लगभग रेल निकलने वाले रोल टेबल में रोलर बदलने के दौरान एक दुर्घटना में रामस्नेही गुप्ता का दाहिना पैर कट गया था, जिससे पीड़ित परिवार आर्थिक सकंट में आ गया है। इस बीच राम स्नेही का इलाज सेक्टर 9 अस्पताल में चल रहा है, लेकिन यूनियन को यह शिकायत लगातार मिल रही थी कि प्रबंधन एवं ठेकेदार की ओर से उन्हें जो राहत मिलनी चाहिए थी, उसमें विलंब हो रहा ह
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल के भिलाई स्टील प्लांट में पैर गंवाने वाले मजदूर के घर सीटू पदाधिकारी पहुंच गए। 23 जनवरी 2024 को लांग रेल मिल में दोपहर 1.30 बजे के लगभग रेल निकलने वाले रोल टेबल में रोलर बदलने के दौरान एक दुर्घटना में रामस्नेही गुप्ता का दाहिना पैर कट गया था, जिससे पीड़ित परिवार आर्थिक सकंट में आ गया है। इस बीच राम स्नेही का इलाज सेक्टर 9 अस्पताल में चल रहा है, लेकिन यूनियन को यह शिकायत लगातार मिल रही थी कि प्रबंधन एवं ठेकेदार की ओर से उन्हें जो राहत मिलनी चाहिए थी, उसमें विलंब हो रहा है। इस तरह की दुर्घटनाओं में जो व्यवस्था है वह कब मिलेगा कैसे मिलेगा इसकी कोई जानकारी उन्हें नहीं दी जा रही थी। इसके बाद सीटू के महासचिव जगन्नाथ त्रिवेदी एवं सहायक महासचिव जोगाराव उनके घर पहुंचे। इस तरह पीड़ित परिवार से पूरी जानकारी लेकर भिलाई इस्पात संयंत्र के औद्योगिक संबंध विभाग में महाप्रबंधक जेन ठाकुर से मुलाकात की और उन्हें परिस्थितियों से अवगत कराया। अंग क्षतिपूर्ति के रूप में एवं ESI के तहत जो आर्थिक मदद मिलनी चाहिए, इस पर उनसे चर्चा की। जीएम आईआर ने तत्काल इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इस पूरे मामले को ESI, ठेकेदार एवं ऑपरेटिंग अथॉरिटी से बात कर जल्द से जल्द पैर गंवाने वाले ठेका मजदूर को राहत पहुंचाने की बात कही। इस तरह की दुर्घटनाओं में क्षतिपूर्ति राशि के रूप में महीने में मिलने वाले वेतन का 90% भुगतान ईएसआई द्वारा हर माह उसके स्वस्थ हो जाने और ड्यूटी ज्वाइन करने तक मिलता है। ड्यूटी नहीं करने की स्थिति में अलग-अलग अंग क्षति के अनुसार मिलने वाले वेतन का प्रतिशत में पेंशन शुरू होता है। महाप्रबंधक जेएन ठाकुर ने जानकारी दी कि 23 जनवरी से 3 अप्रैल तक 27789 का भुगतान राम स्नेही के खाते में ईएसआई द्वारा किया जा चुका है। यहां यह महत्वपूर्ण है कि जो कर्मचारी ईएसआई के दायरे में आते हैं, वे वर्क मैन कम्पंसेशन के दायरे में नहीं आते हैं और जो वर्क मैन कम्पंसेशन के दायरे में आते हैं, वे ईएसआई में शामिल नहीं होते है। इसके बाद सीटू का प्रतिनिधिमंडल रेल मिल जीएम मैकेनिक काशीनाथ मलिक से मुलाकात कर इस पूरे मामले में जानकारी ली। काशीनाथ मलिक ने कहा रेल मिल प्रबंधन हर संभव मदद कर रहा है और आगे भी करेगा और उन्हें थोड़े स्वस्थ होने के पश्चात रेल मिल में काम पर रखने का आश्वासन दिया।