Bhilai Steel Plant: सड़क पर आना, सुरक्षित घर जाना, ये नियम आपको है निभाना
हिंदुस्तान स्टील एम्प्लाइज यूनियन (CITU), भिलाई की ओर से जनहित में सड़क सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी। सुरक्षा के लिए सीटू की अपील: नियमों का पालन करें, सुरक्षित घर पहुंचे। हेलमेट पहनें, जीवन की सुरक्षा करें।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई टाउनशिप में लगातार हो रहे सड़क हादसों से हर कोई बेचैन है। मौत और जख्मी होने की खबर अक्सर सामने आ रही है। हिंदुस्तान स्टील एम्प्लाइज यूनियन (CITU), भिलाई ने हादसों से बचने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं। सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोट गंभीर परिणाम का कारण बन सकती है। इसलिए दोपहिया वाहन चलाते समय चालक के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनना चाहिए। महानगरों और बड़े शहरों में तो पीछे बैठने वालों द्वारा हेलमेट पहनने की जागरूकता है, लेकिन भिलाई में अब भी कई लोग गाड़ी चलाते समय इसका पालन नहीं करते है। हेलमेट चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए पहनें।
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करना, संदेश पढ़ना या लिखना दुर्घटना को आमंत्रित करना है। कुछ सेकंड का ध्यान भटकना भी चालक, उसके साथ बैठे व्यक्ति और सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। फोन आने पर सुरक्षित स्थान पर वाहन रोकें, फिर बात करें। एक जरूरी कॉल से अधिक जरूरी आपकी जिंदगी है।
डिवाइडर और यातायात नियमों का सम्मान करें
सेक्टरों में आने-जाने की सुविधा के लिए प्रबंधन द्वारा बनाए गए डिवाइडरों को अपनी सुविधानुसार तोड़ना या उनके बीच से अनधिकृत रास्ता बनाकर वाहन निकालना गलत है। इससे यातायात व्यवस्था बाधित होती है और अचानक सामने आने वाले वाहनों से दुर्घटना की आशंका बढ़ती है। निर्धारित कट और रास्तों का ही उपयोग करें। सुविधा के लिए नियम तोड़ना अपनी एवं दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालना है।
गति पर नियंत्रण रखें, बच्चों के लिए उदाहरण बनें
हिंदुस्तान स्टील एम्प्लाइज यूनियन (CITU), भिलाई का कहना है कि प्लांट के अंदर निर्धारित गति सीमा का पालन करने वाले लोग बाहर की सड़कों पर भी वही अनुशासन बनाए रखें। तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना और तीन-चार गाड़ियों के झुंड में चलते हुए बातचीत करना दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। अभिभावकों को समझना चाहिए कि बच्चे केवल उपदेश से नहीं, अपने बड़ों के व्यवहार से भी सीखते हैं। बच्चों और युवाओं को यातायात नियमों का महत्व समझाएं तथा स्वयं भी उनका पालन करके उदाहरण प्रस्तुत करें।
एंबुलेंस को रास्ता देना, जीवन बचाना है
सड़क पर एंबुलेंस को रास्ता देना हर नागरिक का मानवीय और सामाजिक कर्तव्य है। एंबुलेंस में मौजूद मरीज की जिंदगी हर सेकंड कीमती होती है। ट्रैफिक में देरी उसकी जान के लिए खतरा बन सकती है। इसलिए एंबुलेंस का सायरन सुनते ही वाहन को किनारे करें और उसे रास्ता दें। याद रखें, आपका कुछ सेकंड का सहयोग किसी की जिंदगी बचा सकता है।
दुर्घटना के बाद नहीं, पहले जागरूक बनें
हाल ही में फॉरेस्ट एवेन्यू में हुई दुर्घटना में 19 वर्षीय युवती की मृत्यु ने पूरे समाज को गहरा दुख पहुँचाया है। ऐसी घटनाएं परिवारों को कभी न भरने वाला घाव देती हैं और आसपास के लोगों के मन में भी भय पैदा करती हैं। हिंदुस्तान स्टील एम्प्लाइज यूनियन (CITU), भिलाई की यह अपील आम नागरिकों के साथ अपने सदस्यों और कार्यकर्ताओं के लिए भी है। हम जानते हैं कि सुरक्षा संबंधी सलाह पर सवाल उठ सकते हैं, लेकिन जनहित में जरूरी बात कहना हमारी जिम्मेदारी है। दुर्घटना के बाद विश्लेषण करने के बजाय हमारा प्रयास होना चाहिए कि दुर्घटनाएं हों ही नहीं। सड़क सुरक्षा किसी एक व्यक्ति की नहीं, हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। नियमों का पालन करें, सावधानी बरतें और सुरक्षित घर पहुँचें।