आओ Bhilai Steel Plant में जान बचाएं, CITU बोला-हादसे से पहले खतरे की सूचना पहुंचाएं, नंबर 07882-861111, 07882-861212 करें सेव

दुर्घटना होने से पहले खतरे की सूचना दें, अपनी एवं अपने सहकर्मियों की जान बचाएं। आइए, हम सभी मिलकर भिलाई स्टील प्लांट में ऐसा कार्यस्थल बनाएं, जहां सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हो। समय पर दी गई सूचना केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि जीवन बचाने वाला महत्वपूर्ण कदम है। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट में काम करते हैं तो ये नंबर ☎07882-861111, 07882-861212 सेव कर लीजिए। प्लांट में लगातार हो रहे हादसों पर विराम लगाने की मुहिम में आप भी शामिल हो जाइए। आपकी एक सूचना से किसी कर्मचारी, अधिकारी या ठ

  • दुर्घटना होने से पहले खतरे की सूचना दें, अपनी एवं अपने सहकर्मियों की जान बचाएं।
  • आइए, हम सभी मिलकर भिलाई स्टील प्लांट में ऐसा कार्यस्थल बनाएं, जहां सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हो।
  • समय पर दी गई सूचना केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि जीवन बचाने वाला महत्वपूर्ण कदम है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट में काम करते हैं तो ये नंबर ☎07882-861111, 07882-861212 सेव कर लीजिए। प्लांट में लगातार हो रहे हादसों पर विराम लगाने की मुहिम में आप भी शामिल हो जाइए। आपकी एक सूचना से किसी कर्मचारी, अधिकारी या ठेका मजदूर की जान बच सकती है। प्लांट के अंदर कहीं भी असुरक्षित कामकाज होता दिखे या हादसे की आशंका बनी नज़र आए तो तुरंत फोन कर दीजिए। सूचनाजी.कॉम लगातार जन जागरुकता अभियान चला रहा है। इस अभियान को बीएसपी की पूर्व मान्यता प्राप्त यूनियन सीटू ने भी खुलकर समर्थन किया है। महासचिव टी. जोगा राव ने यूनियन के नोटिस बोर्ड पर अपने हाथों से हेल्पलाइन नंबर लिखा है,ताकि यूनियन कार्यालय आने वालों तक मैसेज पहुंचे। असुरक्षित स्थिति दिखे तो चुप न रहें, तुरंत बीएसपी के हेल्पलाइन नंबर 07882-861111, 07882-861212 पर सूचना दें। बुधवार शाम को यूनियन कार्यालय में बोर्ड लगा दिया गया है। यूनियन के सहायक महासचिव जगन्नाथ प्रसाद त्रिवेदी का कहना है कि बीएसपी के ईडी वर्क्स राकेश कुमार की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर सभी कार्मिक अपने-अपने फोन में सेव कर लें। ये खबर भी पढ़ें: Sector 9 Hospital Privatization: संयुक्त यूनियन की हुंकार, सड़क पर परिवार, कहा-तुम कोशिश करके देख लो, होने नहीं देंगे हम सीटू के सभी व्हाट्सएप ग्रुपों में नंबर वायरल यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारी डीवीएस रेड्डी का कहना है कि सुरक्षा सबसे पहले। समय पर सूचना ही अपने एवं सहकर्मियों को सुरक्षित रखने एवं सुरक्षित कार्यस्थल के निर्माण करने का मूल मंत्र है। सीटू ने इस मूल मंत्र को सभी तक पहुंचते हुए सीटू के सभी व्हाट्सएप ग्रुपों एवं अन्य माध्यमों से सीटू के सभी साथियों तथा आम कर्मियों तक यह संदेश पहुंचाते हुए फोन नंबर को दिमाग में अच्छे से बैठा लेने को कहा है, ताकि सूचना देने के लिए फोन नंबर को तलाश करने की आवश्यकता न पड़े। ये खबर भी पढ़ें: हादसा रोकना है तो अब चुप मत रहिए, भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन को करें शर्मिंदा, ये नंबर 0788-286-1212, 0788-286-1111 सुरक्षा केवल प्रबंधन की नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी की सामूहिक जिम्मेदारी दुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन (सीटू) का मानना है कि प्रत्येक दुर्घटना से पहले कुछ न कुछ संकेत अवश्य मिलते हैं। यदि असुरक्षित परिस्थितियों, उपकरणों की खराबी, गैस रिसाव, विद्युत दोष, अव्यवस्थित कार्यस्थल, सुरक्षा नियमों की अनदेखी अथवा नियर मिस (Near Miss) जैसी घटनाओं की समय रहते जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुँचा दी जाए, तो बड़ी दुर्घटनाओं को होने से पहले ही रोका जा सकता है। सुरक्षा केवल प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ये खबर भी पढ़ें: बोकारो स्टील प्लांट के अफसर पर हाथ उठाना ठेकेदार को पड़ेगा भारी, देख रहा था औकात, अब पैरवी की बात सुरक्षा सूचना के लिए 24×7 हेल्पलाइन कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार द्वारा जारी किए गए दो लैंडलाइन नंबर अब सभी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध हैं। हिंदुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन (सीटू) सभी साथियों से अपील करती है कि किसी भी असुरक्षित स्थिति, दुर्घटना की आशंका, नियर मिस, सुरक्षा उपकरणों की कमी अथवा सुरक्षा से जुड़ी किसी भी जानकारी को बिना संकोच इन नंबरों पर तुरंत दें। ☎️ 07882-861111 ☎️ 07882-861212 ये दोनों नंबर 24 घंटे, सप्ताह के सातों दिन (24×7) सक्रिय हैं। आपकी एक छोटी-सी सूचना किसी बड़े हादसे को टाल सकती है और कई परिवारों की खुशियाँ सुरक्षित रख सकती है। ये खबर भी पढ़ें: EPS 95 Higher Pension: एनएमडीसी बचेली-किरंदुल के 764 कर्मचारियों-सेवानिवृत्त कार्मिकों की अटकी उच्च पेंशन सतर्क कर्मचारी ही सुरक्षित संयंत्र की पहचान, देखें-सोचें-तुरंत सूचना दें अक्सर हम छोटी-छोटी असुरक्षित घटनाओं को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यही आगे चलकर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। इसलिए "देखें-सोचें-तुरंत सूचना दें" की कार्यसंस्कृति अपनाएँ। आइए, हम सभी मिलकर ऐसा कार्यस्थल बनाएँ जहाँ सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हो। समय पर दी गई सूचना केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि जीवन बचाने वाला महत्वपूर्ण कदम है। "दुर्घटना होने के बाद नहीं, उससे पहले चेतें। आपकी सतर्कता ही आपकी और आपके सहकर्मियों की सबसे बड़ी सुरक्षा है।" ये खबर भी पढ़ें: Vizag Steel Plant हादसे के बाद BSP में लाइन ऑफ फायर से कर्मचारियों को रख रहे दूर, पढ़ें कैसे