Bhilai Steel Plant: नर्सिंग ऑफिसर और टेक्निकल ऑफिसर पदनाम का मुद्दा उठा SWFI सम्मेलन में 

हॉस्पिटल के नर्सिंग सिस्टर को नर्सिंग ऑफिसर और टेक्नोलॉजिस्ट को टेक्निकल ऑफिसर या साइंटिस्ट करने की मांग की जा रही है। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। राउरकेला में आयोजित स्टील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के 10वें अखिल भारतीय दो दिवसीय सम्मेलन में अजय कुमार आर्य ने मेडिकल के विभिन्न मुद्दों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से हॉस्पिटल कर्मियों के पदनाम का मुद्दा, खासकर नर्सिंग सिस्टर को नर्सिंग ऑफिसर और टेक्नोलॉजिस्ट को टेक्निकल ऑफिसर या साइंटिस्ट करने की मांग प्रबंधन से करते आए हैं। किंतु अभी त

  • हॉस्पिटल के नर्सिंग सिस्टर को नर्सिंग ऑफिसर और टेक्नोलॉजिस्ट को टेक्निकल ऑफिसर या साइंटिस्ट करने की मांग की जा रही है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। राउरकेला में आयोजित स्टील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के 10वें अखिल भारतीय दो दिवसीय सम्मेलन में अजय कुमार आर्य ने मेडिकल के विभिन्न मुद्दों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से हॉस्पिटल कर्मियों के पदनाम का मुद्दा, खासकर नर्सिंग सिस्टर को नर्सिंग ऑफिसर और टेक्नोलॉजिस्ट को टेक्निकल ऑफिसर या साइंटिस्ट करने की मांग प्रबंधन से करते आए हैं। किंतु अभी तक इसका कोई समाधान नहीं निकला है। इसीलिए इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने के लिए फेडरेशन के उच्च पदाधिकारी के सामने रख रहे हैं।

लगभग सभी संस्थानों में बदल चुका है पदनाम

अजय कुमार आर्य ने कहा कि सभी केंद्रीय संस्थाएं जैसे रेलवे, एम्स और राज्य सरकार के अस्पतालों में वहां के प्रबंधन ने बहुत पहले से नर्सिंग सिस्टर के पदनाम को बदलकर नर्सिंग ऑफिसर का पद दे चुके हैं पर सेल प्रबंधन अभी तक इस पर कोई भी निर्णय नहीं लिए हैं। ये खबर भी पढ़ें: BSP Officers Association Elections 2025: बनते-बिगड़ते पैनल में अंकुर मिश्र फिर अकेले, अबकी महासचिव पर दांव इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान बीएसपी प्रबंधन कहता हैं कि सेल के दूसरे अस्पतालों में भी तो इस पदनाम में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है जब वहां होगा तो यहां भी कर देंगे इस पर सीटू यूनियन का कहना है कि हमें अपने अस्पताल में इस पदनाम को बदलकर दूसरे अस्पतालों के लिए उदाहरण पेश करना चाहिए।

अस्पताल में भर्ती पर लगे रोक को हटाने के लिए करना होगा विशेष प्रयास

सम्मेलन में आर्य ने कहा कि पिछले कई वर्षों से अस्पताल में नियमित डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, टेक्निकल स्टाफ और अटेंडेड की बहाली को पूर्ण रूप से विराम लगा हुआ है, जो कि मरीज के उपचार की गुणवत्ता को भी प्रभावित कर रहा है। इसके लिए भर्ती पर लगे रोक को हटाने के लिए हर स्तर पर विशेष प्रयास किया जाना जरूरी है। ये खबर भी पढ़ें: RIKKS BMS: सेल कर्मचारियों को 29 हजार 497 से ज्यादा बोनस मिल ही नहीं सकता, फंसे NJCS नेता

सेल और छत्तीसगढ़ का पहला NABH blood सेंटर है हमारा ब्लड बैंक

अजय कुमार आर्य ने बताया कि जेएलएन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के ब्लड सेंटर नें कीर्तिमान स्थापित किया जो कि पूरे सेल और पूरे छत्तीसगढ़ का पहला एनएबीएच ब्लड सेंटर है। ज्ञात हो कि एनएबीएच स्वास्थ्य देखभाल की गुणवत्ता और रोगी सुरक्षा के लिए कठोर मानक विकसित करता है। यह संगठन उन अस्पतालों क्लीनिको, प्रयोगशालाओं एवं अन्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को मान्यता और प्रमाण पत्र प्रदान करता है, जो इन स्थापित मानकों को पूरा करते है। उसमें हमारा सेक्टर 9 अस्पताल का ब्लड बैंक भी यह प्रमाण पत्र मिला है। ये खबर भी पढ़ें: SAIL बोल चुका-एरियर देना प्रबंधन की बाध्यता नहीं, एरियर, बोनस, ग्रेच्युटी, पेंशन, वेज रिवीजन पर CITU तेज करेगा आंदोलन