Bhilai Township: स्मार्ट मीटर लगाने का खर्च कौन उठाएगा? स्टील सिटी चैंबर ने विद्युत नियामक आयोग का खटखटाया दरवाजा

भिलाई स्टील प्लांट में स्मार्ट मीटर की लागत उपभोक्ताओं से नहीं वसूलने, थ्री-फेज कनेक्शन और बिजली शिकायतों के समाधान की मांग स्टील सिटी चैंबर ने विद्युत नियामक आयोग से की।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के टाउन इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिकल विभाग की कार्यप्रणाली और बिजली उपभोक्ताओं की लंबित समस्याओं को लेकर स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स, भिलाई ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग का दरवाजा खटखटाया है। चैंबर के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने आयोग को ज्ञापन सौंपकर स्मार्ट मीटर लगाने की लागत उपभोक्ताओं से नहीं वसूलने, थ्री-फेज बिजली कनेक्शन देने में हो रही परेशानी दूर करने और शिकायतों के निराकरण के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

चैंबर ने आयोग से बीएसपी के विद्युत वितरण विभाग की कार्यप्रणाली, उपभोक्ताओं को लंबे समय से हो रही परेशानियों और प्रस्तावित पूंजी निवेश की वास्तविक स्थिति पर विचार करने का आग्रह किया है। यह आवेदन भिलाई इस्पात संयंत्र के टाउन इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिकल विभाग की याचिका क्रमांक 99/2026 के संबंध में जारी सार्वजनिक सूचना के संदर्भ में दिया गया है।

स्मार्ट मीटर का खर्च उपभोक्ताओं पर क्यों

स्टील सिटी चैंबर के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन का कहना है कि स्मार्ट मीटर की स्थापना और उसकी लागत वहन करने के सवाल पर विशेष रूप से आपत्ति जताई है। चैंबर का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाना यदि बीएसपी की विद्युत वितरण व्यवस्था से जुड़ी आवश्यकता है, तो इसका वित्तीय बोझ आम उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाना चाहिए।

ज्ञानचंद जैन ने कहा है कि उपभोक्ताओं ने पहले विद्युत यांत्रिक मीटर के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक मीटर और उसके बाद डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया देखी है। चैंबर के अनुसार, मीटर बदलने के अलग-अलग चरणों में उपभोक्ताओं से लागत वसूली जाती रही है। अब स्मार्ट मीटर लगाए जाने की तैयारी के बीच चैंबर ने मांग की है कि इस बार उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाए और इसकी लागत बीएसपी का संबंधित विभाग वहन करे।

चैंबर ने यह मुद्दा भी उठाया है कि बीएसपी ने याचिका क्रमांक 77/2025 के माध्यम से अपने विद्युत वितरण लाइसेंस के निरस्तीकरण और विद्युत वितरण प्रणाली को छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) को हस्तांतरित करने के संबंध में आयोग के समक्ष मामला प्रस्तुत किया है। चैंबर के अनुसार, इस प्रकरण में स्मार्ट मीटर की स्थापना को आवश्यक शर्त के रूप में उठाए जाने का उल्लेख है। ऐसे में उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए लागत और जिम्मेदारी स्पष्ट की जानी चाहिए।

थ्री-फेज कनेक्शन देने में आनाकानी का आरोप

अभ्यावेदन में बीएसपी के टाउन इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिकल विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। चैंबर का कहना है कि आयोग के निर्देशों के बावजूद थ्री-फेज बिजली कनेक्शन देने में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

चैंबर ने आयोग से संबंधित विभाग को स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि पात्र उपभोक्ताओं को थ्री-फेज कनेक्शन उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी या आनाकानी न हो। साथ ही, आयोग के निर्देशों का पालन नहीं करने की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई पर भी विचार करने का आग्रह किया गया है।

अन्य बकाया राशि के लिए बिजली काटने पर भी सवाल

स्टील सिटी चैंबर ने बिजली बिल के अतिरिक्त अन्य मदों की राशि वसूलने के लिए बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई है। नगर सेवा विभाग के अधिकारियों की ओर से आज भी ऐसे पत्र जारी किए जा रहे हैं, जिनमें अन्य मदों की वसूली के लिए बिजली कनेक्शन विच्छेद करने की बात कही जाती है। चैंबर का कहना है कि इस विषय पर आयोग पहले भी विभागीय कार्रवाई कर निर्देश दे चुका है, लेकिन कथित तौर पर उनका पालन नहीं किया जा रहा है। चैंबर ने आयोग से इस मामले की समीक्षा करने और पूर्व में जारी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया है।

शिकायतों के पंजीयन और पावती की व्यवस्था हो

बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण को लेकर चैंबर ने एक व्यवस्थित प्रक्रिया लागू करने की मांग की है। अभ्यावेदन में कहा गया है कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का पंजीयन किया जाए और प्रत्येक शिकायत के लिए पावती उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित हो।

चैंबर के अनुसार, शिकायत दर्ज कराने और उसके निराकरण की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार विभागीय कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

इसके अलावा बिजली बिल, मानक खपत और अतिरिक्त राशि के समायोजन से संबंधित समस्याओं का भी उल्लेख किया गया है। चैंबर ने आयोग से इन शिकायतों की समीक्षा कर उपभोक्ताओं को राहत दिलाने की मांग की है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में भी परेशानी

आवेदन में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जुड़े उपभोक्ताओं की समस्याओं को भी उठाया गया है। चैंबर का कहना है कि योजना के लाभार्थियों को विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। चैंबर ने आयोग से संबंधित विभाग को विद्युत अधिनियम, 2003, लागू विनियमों और आयोग के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित करने का आग्रह किया है।

चैंबर की प्रमुख मांगें हैं

  • स्मार्ट मीटर लगाने की लागत उपभोक्ताओं से नहीं वसूली जाए।
  • मीटर बदलने के बाद भी उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्रभावी निराकरण सुनिश्चित हो।
  • बिजली के खंभों पर अन्य मीटर लगाकर औसत खपत की जांच करने की व्यवस्था पर विचार किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को मीटर की रीडिंग और बिल की शुद्धता को लेकर संतुष्टि मिल सके।
  • यदि कोई उपभोक्ता अपने मौजूदा मीटर के समानांतर दूसरा मीटर लगवाने की मांग करता है, तो नियमानुसार ऐसी सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार किया जाए।
  • थ्री-फेज कनेक्शन और अन्य लंबित शिकायतों के समाधान के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय हो।
  • आयोग के पूर्व निर्देशों का पालन नहीं करने वाले मामलों की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

विद्युत नियामक आयोग से हस्तक्षेप की मांग

स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने आयोग से आग्रह किया है कि भिलाई स्टील प्लांट के विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली और उपभोक्ताओं की समस्याओं की वास्तविक स्थिति की समीक्षा की जाए। साथ ही, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

अब इस मामले में आयोग की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर बिजली उपभोक्ताओं की नजर रहेगी। स्मार्ट मीटर की लागत कौन वहन करेगा और लंबे समय से चली आ रही शिकायतों का समाधान किस तरह होगा, ये दोनों मुद्दे उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण हैं।