हुडको के दशहरा मंच पर कांग्रेस-भाजपा नेताओं का मिलन, भूपेश बघेल-प्रेम प्रकाश पांडेय बने धार्मिक एकता के गवाह

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले-भिलाई की फिजा मिनी इंडिया जैसी, हुडको की दशहरा उत्सव समिति सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल। ताम्रध्वज साहू, देवेंद्र यादव, रिकेश सेन समेत कई दिग्गज पहुंचे।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। राजनीतिक विचारधाराएं अलग-अलग, दलों की राह अलग-अलग, लेकिन दशहरा उत्सव के मंच पर सब एक साथ नजर आए। कोई कांग्रेस का बड़ा चेहरा था तो कोई भाजपा का दिग्गज नेता। मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। मौका था भिलाई के आमदी नगर हुडको में आयोजित नवयुवक दशहरा उत्सव समिति के भव्य दशहरा समारोह का। यहां राजनीति से ऊपर उठकर धार्मिक एकता, सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की तस्वीर दिखाई दी।

समिति की ओर से आयोजित इस उत्सव में कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के साथ अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। हिंदी, मुस्लिम, सिख, ईसाई और जैन समाज की भागीदारी ने आयोजन को सामाजिक एकता का रंग दिया। रामलीला, भव्य आतिशबाजी और रावण, मेघनाथ व कुंभकर्ण के पुतलों के दहन के बीच हुडको का दशहरा मैदान उत्सव के उल्लास से सराबोर रहा।

भूपेश बघेल ने कहा-भिलाई की फिजा मिनी इंडिया जैसी

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए हुडको की दशहरा उत्सव समिति की सराहना की। उन्होंने कहा कि समिति सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश करती है। भिलाई की फिजा मिनी इंडिया जैसी है, जहां विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं और त्योहारों में एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होते हैं।

भूपेश बघेल ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए दशहरा पर्व के सामाजिक महत्व को रेखांकित किया। आयोजन में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की मौजूदगी भी इसी एकता की तस्वीर पेश कर रही थी।

एक मंच पर दिखे कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज

हुडको के दशहरा उत्सव में राजनीतिक जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने की। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव और वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इसके अलावा दुर्ग के पूर्व विधायक अरुण वोरा, दुर्ग ग्रामीण की पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, भिलाई के महापौर नीरज पाल, भिलाई-चरोदा के महापौर निर्मल कोसरे और रिसाली की महापौर शशि सिन्हा भी समारोह में शामिल हुए। दुर्ग के पूर्व महापौर आरएन वर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी मनीष बंछोर की मौजूदगी ने भी आयोजन की राजनीतिक अहमियत बढ़ाई।

अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं का एक मंच पर पहुंचना समारोह का प्रमुख आकर्षण रहा। दशहरा उत्सव ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सामाजिक और धार्मिक आयोजन राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर लोगों को जोड़ने का अवसर बन सकते हैं।

29 वर्षों से परंपरा निभा रही समिति

नवयुवक दशहरा उत्सव समिति, आमदी नगर हुडको पिछले 29 वर्षों से दशहरा उत्सव का आयोजन करती आ रही है। इस वर्ष भी समिति ने भव्य कार्यक्रम की व्यवस्था की। अध्यक्ष सीजू एंथोनी और समिति के सदस्यों की देखरेख में रामलीला मंचन, आतिशबाजी तथा रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतला दहन की तैयारियां की गईं। आयोजन समिति की ओर से उत्सव के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं का भी ध्यान रखा गया। अतिथियों ने आयोजन की व्यवस्था की सराहना की।

राम मानस मंडली की ओर से रामलीला का मंचन किया गया। इसके बाद बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। आतिशबाजी ने उत्सव के माहौल को और आकर्षक बना दिया।

सम्मान समारोह भी रहा आकर्षण

दशहरा उत्सव के दौरान अतिथियों का स्वागत और सम्मान भी किया गया। समिति की ओर से स्मृति चिह्न भेंट किए गए। मंच पर नेताओं और आयोजन समिति के सदस्यों की सामूहिक मौजूदगी ने कार्यक्रम को यादगार बनाया। समारोह का आभार प्रदर्शन समिति के अध्यक्ष सीजू एंथोनी ने किया। मंच संचालन रविशंकर सिंह और जावेद खान ने किया।

डको का दशहरा उत्सव इस बात की मिसाल बना कि त्योहार केवल धार्मिक परंपराओं तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज के अलग-अलग वर्गों और राजनीतिक विचारधाराओं के लोगों को भी एक मंच पर लाने का माध्यम बनते हैं।