Big Breaking: टैक्स नहीं है खनिजों पर रायल्टी, Supreme Court ने दिया राज्यों को खदानों पर बड़ा पॉवर, अब Tax लगाने का अधिकार
माइनिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, माइनर्स पर ऐसे काम करेगा राज्यों को मिलने वाला यह नया अधिकार। सुप्रीम कोर्ट ने एकदम साफ कर दिया है कि रॉयल्टी किसी प्रकार का टैक्स नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि रॉयल्टी एक अलग चीज है और टैक्स अलग चीज है। Supreme Court का बड़ा फैसला। Royalty on Minerals पर राज्यों को दिया पॉवर। सूचनाजी न्यूज, रायपुर। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से आज एक बहुत बड़ा फैसला आया है। सालों से पेडिंग मामले में आज देश की सबसे बड़ी अदालत ने निर्णय सुना दिया है। सुप्रीम कोर्
- माइनिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, माइनर्स पर ऐसे काम करेगा राज्यों को मिलने वाला यह नया अधिकार।
- सुप्रीम कोर्ट ने एकदम साफ कर दिया है कि रॉयल्टी किसी प्रकार का टैक्स नहीं है।
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि रॉयल्टी एक अलग चीज है और टैक्स अलग चीज है।
- Supreme Court का बड़ा फैसला। Royalty on Minerals पर राज्यों को दिया पॉवर।
ये खबर भी पढ़ें: Government Jobs: Railway में 2438 Post पर जॉब, 12वीं और ITI वालों को 12 अगस्त तक मौका
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की कॉन्स्टिट्यूशनल बेंच (Constitutional Bench) को दो बड़े सवालों का उसको जवाब देना था कि पहला क्या रॉयल्टी एक प्रकार टैक्स है? दूसरा क्या राज्यों के पास माइनिंग एक्टिविटीज (Mining Activities) के ऊपर टैक्स लगाने का कोई अधिकार है या नहीं है? केन्द्र सरकार लगातार इसका विरोध कर रही थी कि राज्यों को यह अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए।
ये खबर भी पढ़ें: Latest Job Alert: टीचर बनने वालों के लिए Good News, बंपर Vacancy, ऐसे करें Apply
केन्द्र द्वारा तर्क दिया जा रहा था कि राज्यों को माइनिंग का यह अधिकार दे दिए जाने से वो काफी अनकंपटीटिव (Uncompetitive) हो जाएगी और एक्सपोर्ट भी नहीं हो पाएगा। लेकिन पहले यह मामला सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच के पास गया था। फिर उन्होंने इसे संविधान पीठ के पास भेज दिया था।
ये खबर भी पढ़ें: SAIL वेज रिवीजन पर कानूनी लड़ाई, कैट दिल्ली में प्रबंधन 4 सितंबर को देगा लिखित जवाब
पांच जजों के पास भेजा गया और पांच जजों ने सात जजों के पास भेज दिया। फिर वहां से ये नौ जजों की बेंच के पास चला गया था। नौ जजों की बेंच ने इस पार आज बड़ा अहम फैसला सुनाया है। 9 जदों में से 8 ने राज्यों के पक्ष में फैसला सुना दिया।
ये खबर भी पढ़ें: SAIL वेज रिवीजन पर कानूनी लड़ाई, कैट दिल्ली में प्रबंधन 4 सितंबर को देगा लिखित जवाब
रायल्टी टैक्स नहीं है…
बताया जा रहा है कि यह मामला करीब ढाई दशक से पेडिंग था। करीब 25 साल बाद इस मामले में फैसला आ पाया। अब इसमें एकदम क्लियरिटी आ चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने एकदम साफ कर दिया है कि रॉयल्टी किसी प्रकार का टैक्स नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि रॉयल्टी एक अलग चीज है और टैक्स अलग चीज है।
ये खबर भी पढ़ें: भारत में घट रहे पारसी, आबादी बढ़ाने सरकार कर रही जोड़ों की आर्थिक मदद, पढ़िए जियो पारसी योजना
साथ ही यह भी कहा गया है कि जो राज्य है उन्हें टैक्स लगाने का भरपूर अधिकार है। राज्य माइनिंग एक्टिविटी पर टैक्स लगा सकती है। अब इसमें राज्य पहले की तरह टैक्स लगा सकते है। इसे बढ़ा भी सकते है।
ये खबर भी पढ़ें: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए 6 अगस्त तक करें आवेदन, 12वीं पास महिलाओं को मौका
जानिए किन राज्यों को सीधेतौर पर फायदा होगा
इससे मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ऐसे माइनिंग वाले बड़े राज्यों को अधिकार मिलने जा रहा है। इससे इतर माइनिंग कंपनियों के ऊपर राज्य टैक्स लगा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्यों के पक्ष में फैसला सुनाया। इसे केन्द्र के लिए सेटबैक के तौर पर देखा जा रहा है।
ये खबर भी पढ़ें: Employees State Insurance Scheme: कर्मचारी ईएसआई योजना की बड़ी रिपोर्ट जारी, महिला और ट्रांसजेंडर के ये आंकड़े