भिलाई में खड़ी बाइक, रायपुर 11 बार कटा 50 हजार का चालान! सतर्कता से पकड़ाया ठग, जानिए पूरा मामला
भिलाई के आम्रपाली वनांचल सिटी गौरव पथ के रहने वाले ज्योति कांत अग्रवाल की शिकायत पर खुला राज। सूचनाजी न्यूज, भिलाई/रायपुर। अगर आपकी बाइक घर में खड़ी है और फिर भी लगातार ट्रैफिक चालान आपके नाम पर आ रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भिलाई के ज्योति कांत अग्रवाल के साथ ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां उनकी मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था और चालान उनके नाम पर कटते जा रहे थे। भिलाई के आम्रपाली वनांचल सिटी गौरव पथ के रहने वाले ज्योति कांत अग्रवाल
- भिलाई के आम्रपाली वनांचल सिटी गौरव पथ के रहने वाले ज्योति कांत अग्रवाल की शिकायत पर खुला राज।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई/रायपुर। अगर आपकी बाइक घर में खड़ी है और फिर भी लगातार ट्रैफिक चालान आपके नाम पर आ रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भिलाई के ज्योति कांत अग्रवाल के साथ ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां उनकी मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था और चालान उनके नाम पर कटते जा रहे थे।
भिलाई के आम्रपाली वनांचल सिटी गौरव पथ के रहने वाले ज्योति कांत अग्रवाल की बाजाज Avenger 220 CC बाइक (CG 07 BK 7848) घर पर ही खड़ी थी, लेकिन रायपुर में उस नंबर का गलत इस्तेमाल कर ट्रैफिक नियम तोड़े जा रहे थे। इसका परिणाम यह हुआ कि उनके नाम पर लगातार ई-चालान 11 बार जारी होते गए और राशि करीब 50 हजार रुपये तक पहुंच गई।
पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और जांच के बाद रायपुर से आरोपी को पकड़ लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी किसी अन्य वाहन पर फर्जी तरीके से नंबर प्लेट का उपयोग कर रहा था।
शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि सभी चालान रायपुर के व्यस्त इलाकों जैसे बाम्बे मार्केट से मिलेनियम मार्ग क्षेत्र से जारी किए गए थे, जबकि वाहन मालिक कभी वहां गया ही नहीं। इससे स्पष्ट हुआ कि यह मामला नंबर प्लेट क्लोनिंग (Number Plate Cloning) का है।
क्या है नंबर प्लेट क्लोनिंग?
इस तरह के अपराध में अपराधी किसी वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर कॉपी कर उसे दूसरे वाहन पर लगा देते हैं और अपराध या ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं। इसका खामियाजा असली वाहन मालिक को भुगतना पड़ता है।
कैसे रहें सतर्क?
- समय-समय पर अपने वाहन के चालान की ऑनलाइन जांच करें
- अनजान जगहों से चालान आने पर तुरंत शिकायत दर्ज करें
- अपने वाहन की नंबर प्लेट पर सुरक्षा फीचर्स का उपयोग करें
- संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें
पुलिस की अपील
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऐसे मामलों को हल्के में न लें और तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। यह मामला न सिर्फ एक व्यक्ति के लिए राहत भरा रहा, बल्कि आम जनता के लिए एक चेतावनी भी है कि डिजिटल युग में वाहन सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी है।