इस्पात मंत्री से मिले BMS नेता: कुदरेमुख आयरन ओर कंपनी, RINL का SAIL में विलय, बकाया एरियर, सजा पर बात

कुदरेमुख आयरन ओर कम्पनी लिमिटेड (KIOCL) को नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कार्पोरेशन (NMDC) में विलय की मांग। सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री बी सुरेन्द्रन तथा इस्पात उद्योग के प्रभारी देवेन्द्र कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने इस्पात मंत्री एचडी कुमार स्वामी से मुलाकात की। कुदरेमुख मजदूर संघ के उपाध्यक्ष चन्द्रगौड़ा, कोषाध्यक्ष उदय कुमार के प्रतिनिधि मण्डल कुदरेमुख आयरन ओर कम्पनी लिमिटेड (KIOCL) को नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कार्पोरेशन (NMDC) के साथ विलय करने

  • कुदरेमुख आयरन ओर कम्पनी लिमिटेड (KIOCL) को नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कार्पोरेशन (NMDC) में विलय की मांग।
सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री बी सुरेन्द्रन तथा इस्पात उद्योग के प्रभारी देवेन्द्र कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने इस्पात मंत्री एचडी कुमार स्वामी से मुलाकात की। कुदरेमुख मजदूर संघ के उपाध्यक्ष चन्द्रगौड़ा, कोषाध्यक्ष उदय कुमार के प्रतिनिधि मण्डल कुदरेमुख आयरन ओर कम्पनी लिमिटेड (KIOCL) को नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कार्पोरेशन (NMDC) के साथ विलय करने के विषय पर इस्पात व भारी उद्योग मंत्री को ज्ञापन सौंपा। ये खबर भी पढ़ें: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे: GM तरुण प्रकाश निकले बिलासपुर-रायपुर खंड के निरीक्षण पर, CM-राज्यपाल से मिले कुदरेमुख आयरन ओर कम्पनी लिमिटेड, कुदरेमुख, मंगलूरू, कर्नाटक तथा राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड, विशाखापत्तनम आन्ध्र प्रदेश को सेल में विलय कर संयंत्रों को बचाने के लिए विलय प्रक्रिया को अनुमति प्रदान करने हेतु आग्रह किया गया। ये खबर भी पढ़ें: केंद्रीय  सेल एससी-एसटी इम्प्लाइज फेडरेशन के उपाध्यक्ष बने कोमल प्रसाद इसके पूर्व डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एण्ड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के उप वित्त सचिव ‌ तुहिन कान्त पाण्डेय से भी मुलाकात की गई। कुदरेमुख आयरन ओर कम्पनी लिमिटेड तथा राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड विशाखापत्तनम को राष्ट्रहित और कर्मचारीहित रक्षक बनाने की मांग की गई। ये खबर भी पढ़ें: BSP-BSL हादसे, मौत का जिक्र अधिकारियों के ACR में कराइए SAIL चेयरमैन साहब: BAKS भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (Steel Authority of India Limited - SAIL) के कर्मचारियों के लिए वेतन समझौता अधूरा है। इसे पूरा करने का प्रयास करने की मांग की गई। इस्पात उद्योग में कर्मचारियों तथा श्रम संघों के आक्रोश को दबाने के लिए कर्मचारियों को निशाना बनाकर अनैतिकता के साथ स्थानांतरण किया गया है। इस पर गम्भीरता से रोक लगाने का प्रयास करने की मांग की गई। स्थानांतरित कर्मचारियों की वापसी पर विचार करें। ये खबर भी पढ़ें: बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने डायरेक्टर इंचार्ज से प्रमोशन, बकाया पैसा और 20 लाख के मेडिक्लेम पर की सीधी बात