Bokaro Steel Plant: बीएसएल को मैकेनिकल डिकैंटर स्लज चार्जिंग सिस्टम की सौगात, अब होगी भारी बचत

यह अत्याधुनिक प्रणाली सर्कुलर इकॉनमी एवं वेस्ट-टू-वेल्थ की अवधारणा का प्रभावशाली उदाहरण है। सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट ने सतत अपशिष्ट प्रबंधन एवं परिचालन उत्कृष्टता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कोक ओवन एवं कोल केमिकल्स विभाग के वाई-21 टेल एंड पर नवनिर्मित मेकेनिकल डिकैंटर स्लज चार्जिंग सिस्टम लगाया गया है। इसका का उद्घाटन अधिशासी निदेशक (संकार्य) प्रिय रंजन एवं अधिशासी निदेशक (ऑपरेशन्स) अनुप कुमार दत्त द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (सीओ & स

  • यह अत्याधुनिक प्रणाली सर्कुलर इकॉनमी एवं वेस्ट-टू-वेल्थ की अवधारणा का प्रभावशाली उदाहरण है।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट ने सतत अपशिष्ट प्रबंधन एवं परिचालन उत्कृष्टता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कोक ओवन एवं कोल केमिकल्स विभाग के वाई-21 टेल एंड पर नवनिर्मित मेकेनिकल डिकैंटर स्लज चार्जिंग सिस्टम लगाया गया है। इसका का उद्घाटन अधिशासी निदेशक (संकार्य) प्रिय रंजन एवं अधिशासी निदेशक (ऑपरेशन्स) अनुप कुमार दत्त द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (सीओ & सीसी) श्री भास्कर प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। यह अत्याधुनिक प्रणाली सर्कुलर इकॉनमी एवं वेस्ट-टू-वेल्थ की अवधारणा का प्रभावशाली उदाहरण है। इसके माध्यम से पूर्व में सुरक्षित लैंडफिल में निस्तारित किए जाने वाले खतरनाक टार डिकैंटर स्लज को अब सुरक्षित, नियंत्रित एवं वैज्ञानिक पद्धति से कोक निर्माण प्रक्रिया में कोयला मिश्रण के रूप में पुनः उपयोग में लाया जा रहा है। इस पहल से न केवल वर्जिन कोयले पर निर्भरता में कमी आएगी, बल्कि लैंडफिल निस्तारण की आवश्यकता भी समाप्त हो जाएगी। इस प्रणाली के क्रियान्वयन से मिट्टी प्रदूषण, स्लज परिवहन से होने वाले उत्सर्जन तथा असुरक्षित मैनुअल हैंडलिंग जैसे पर्यावरणीय एवं व्यावसायिक जोखिमों में उल्लेखनीय कमी आएगी। पूर्णतः यांत्रिक एवं इन-हाउस अभिकल्पित यह प्रणाली परिचालन दक्षता में वृद्धि, कार्यस्थल सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा प्रक्रिया गवर्नेंस को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी, साथ ही इसके माध्यम से महत्वपूर्ण लागत बचत भी सुनिश्चित होगी। कोयले की खपत में कमी तथा स्लज परिवहन के उन्मूलन से कार्बन फुटप्रिंट में कमी आएगी, जिससे भविष्य में कार्बन क्रेडिट अर्जन की संभावनाएं भी सृजित होगी। समग्र रूप से यह परियोजना पर्यावरण, सामाजिक एवं शासन (ईएसजी) सिद्धांतों के प्रति बीएसएल की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षित कार्यस्थल के माध्यम से सामाजिक उत्तरदायित्व तथा सतत अनुपालन-आधारित एवं आर्थिक रूप से व्यवहार्य अपशिष्ट प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है। इस अवसर पर उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने इस अभिनव एवं सराहनीय पहल के लिए परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की प्रशंसा की तथा भविष्य में भी इस प्रकार की नवाचारी एवं पर्यावरण-अनुकूल परियोजनाओं को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।