Bokaro Steel Plant: आवास आवंटन धांधली के आरोप पर अधिकारी को चार्जशीट, भ्रष्टाचार केस में कर्मचारी का सेलम स्टील प्लांट ट्रांसफर

सेक्टर 2 के फील्ड असिस्टेंट पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। विजिलेंस ने दोषी पाया। सूचनाजी न्यूज, बोकारो। Steel Authority of India Limited (SAIL) के बोकारो स्टील प्लांट से बड़ी खबर आ रही है। आवास आवंटन में हेराफेरी आदि के आरोप में एक अधिकारी को कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया है। वहीं, एक अन्य भ्रष्टाचार के मामले में कर्मचारी पर गाज गिर गई है। उसका ट्रांसफर सेलम स्टील प्लां कर दिया गया है। Anti-Bribery Management System पर अमल करने वाले Bokaro Steel Plant में भ्रष्टाचार की सजा ट्रांसफर करके दी जा रही

सेक्टर 2 के फील्ड असिस्टेंट पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। विजिलेंस ने दोषी पाया।

सूचनाजी न्यूज, बोकारो। Steel Authority of India Limited (SAIL) के बोकारो स्टील प्लांट से बड़ी खबर आ रही है। आवास आवंटन में हेराफेरी आदि के आरोप में एक अधिकारी को कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया है। वहीं, एक अन्य भ्रष्टाचार के मामले में कर्मचारी पर गाज गिर गई है। उसका ट्रांसफर सेलम स्टील प्लां कर दिया गया है। Anti-Bribery Management System पर अमल करने वाले Bokaro Steel Plant में भ्रष्टाचार की सजा ट्रांसफर करके दी जा रही है। आरोपितों का ट्रांसफर करने की परंपरा पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। पिछले दिनों बोकारो स्टील प्लांट के एक अन्य भ्रष्टाचार के आरोपित कर्मचारी को गुआ माइंस भेजा गया था। ये खबर भी पढ़ें: Mia By Tanishq Bokaro: डायमंड रिंग चोरी के आरोप में BSL का डिप्टी मैनेजर मां संग गिरफ्तार, लेकिन सवाल भी… ताज़ा मामला काफी तूल पकड़े हुए है। खुद को एक यूनियन का पदाधिकारी बताने वाले नीरज कुमार का ट्रांसफर किया गया है। सेक्टर 2 के फील्ड असिस्टेंट पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। विजिलेंस ने दोषी पाया। इंक्वायरी के दौरान नगर सेवाएं विभाग से हटाकर एलएंडडी में भेज दिया गया था। अब सेल कारपोरेट आफिस से 12 अगस्त को ऑर्डर आया और आरोपित कर्मचारी का सेलम स्टील प्लांट-तमिलानाडु ट्रांसफर कर दिया गया है। ये खबर भी पढ़ें: Bokaro Steel Plant के DIC बीके तिवारी की कुर्सी पर बैठेंगे प्रिय रंजन, ISP, कारपोरेट आफिस होते अब BSL के मुखिया, ये मायूस शुक्रवार को ऑर्डर मिल गया है। नगर सेवा भवन के आवंटन को लेकर प्रबंधन सख्त रूख अपनाए हुए है। यही वजह है कि एक नेताजी के घर पर सब्जी पहुंचाने और दत्तक पुत्र बनकर सेवा करने वाले कर्मचारी पर ही गाज गिर गई है।

ट्रांसफर करने की रफ्तार तेज

बता दें कि कर्मचारियों का दूसरे प्लांट में ट्रांसफर करने की रफ्तार तेज हो गई है। पूर्व में बर्नपुर से दो कर्मचारियों का सेलम स्टील प्लांट ट्रांसफर किया जा चुका है। वहीं, कारपोरेट आफिस से एक कर्मी का सेलम और बीएसएल हड़ताल के बाद 4 को माइंस और एक को भद्रावति भेजा गया था। इसी तरह एक सप्ताह पहले डिप्टी मैनेजर का ट्रांसफर प्लांट में कर दिया गया। ये खबर भी पढ़ें: CITU Union Election: बीएसपी के फायर ब्रिगेड से सीटू इलेक्शन की प्रक्रिया शुरू, युवाओं का रुझान, बदलेंगे कई चेहरे

बोकारो अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने कहा...

वहीं, ट्रांसफर करने की परंपरा पर बोकारो अनाधिशासी कर्मचारी संघ का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकपाल में शिकायत कर अपने राष्ट्रीय दायित्व का निर्वहन करने वाले ईमानदार अधिकारी राजीव भाटिया को कंपल्सरी रिटायर कर दिया जा रहा है और भ्रष्ट अधिकारियों को पुनः बहाल कर दिया जाता है। ये खबर भी पढ़ें: SAIL BSL: सर, कर्मचारियों के साथ ऐसी दुश्मनी क्यों, जारी कीजिए चार पहिया वाहन का गेट पास

ग्रेट प्लेस टू वर्क वाले संस्थान की कहानी

यह सब एक ग्रेट प्लेस टू वर्क वाले संस्थान की विशेष उपलब्धि है,जिसके लिए लोक उपक्रम एक दोहन का केंद्र बन चुका है। वह लोग दूसरे को भी ज्ञान देते फिरते है। सारे भ्रष्टाचारी अभी सफेदपोश बन अपनी पीठ स्वयं थपथपा रहे है। चिंता न करें। प्रभु की लाठी में देर हो सकता,अंधेर नहीं…।