Bokaro Steel Plant में बवाल की लिख गई पटकथा, भोर में 4 बजे से गेट जाम करेंगे आंदोलनकारी, BSL प्रबंधन बोला-देश का नुकसान

बोकारो स्टील प्रबंधन बोला-संविदा के आधार पर अप्रेंटिसों के नियोजन की दिशा में अपने प्रयासों को और गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रबंधन इस विषय से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान सकारात्मक एवं रचनात्मक संवाद के माध्यम से निकालने के लिए तत्पर है।

सूचनाजी न्यूज, बोकारो। देश में सरकार की नीतियों के खिलाफ हर तरफ गुस्सा नज़र आ रहा है। बोकारो भी अछूता नहीं है। नियोजन की मांग को लेकर विस्थापित 10 तारीख से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। गुरुवार को स्टील गेट 9 नंबर और दुग्गल गेट 10 नंबर को जाम कर दिया था। अब शुक्रवार भोर से मेन गेट छोड़कर सभी गेट को जाम करने की तैयार कर ली गई है। भोर में 4 बजे से ही विस्थापितों को मोर्चा संभालने का हुक्म जारी हुआ है। भीड़ के साथ किसी भी कार्मिक को अंदर जाने से रोकने की तैयारी है। शुक्रवार को मेन गेट खुला रहेगा। शनिवार से मेन गेट भी जाम करने की घोषणा कर दी गई है। 

विस्थापितों की तरफ से सोशल मीडिया पर मैसेज प्रसारित किया जा रहा है। साफ शब्दों में लिखा गया-नियोजन की मांग को लेकर 16 अक्टूबर 2026 को बोकारो इस्पात संयंत्र के मेन गेट (गेट संख्या 1) को छोड़कर सारे गेट को अनिश्चितकालीन संवैधानिक पूर्वक लोकतांत्रिक तरीके से बंद किया जा रहा है। इसलिए सारे विस्थापित ठान लें। इस बार आर या पार की लड़ाई कर देना हैं। कल सुबह सारे विस्थापितों को 4 बजे ही आंदोलन स्थल पर भारी भीड़ के साथ प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों के निर्णय अनुसार गेट पर पहुंच जाना है। नियोजन लेकर रहना है।

पढ़िए बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन की अपील 

बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन ने संवाद के माध्यम से समाधान एवं औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए एक बार फिर अपील की है। प्रबंधन का कहना है कि विस्थापित समूहों द्वारा किए जा रहे आंदोलन के क्रम में, बोकारो स्टील प्रबंधन द्वारा पूर्व में की गई अपील के बावजूद आज संयंत्र के गेट संख्या 9 एवं 10 को बाधित किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। ये दोनों गेट संयंत्र के परिचालन हेतु आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति तथा उत्पादित इस्पात एवं अन्य सामग्रियों के डिस्पैच के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में, इन गेटों पर लंबे समय तक अवरोध बने रहने से संयंत्र की उत्पादन एवं डिस्पैच गतिविधियाँ गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं।

इसी प्रकार, संयंत्र के अन्य प्रवेश द्वारों को बाधित करने का प्रयास भी किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। इससे न केवल संयंत्र का सामान्य परिचालन प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो सकता है, बल्कि राष्ट्रीय संपत्ति एवं औद्योगिक गतिविधियों को भी क्षति पहुँचने की आशंका है।

बोकारो स्टील प्लांट केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि राष्ट्र की अमूल्य संपत्ति एवं गौरव है। यह संयंत्र दशकों से राष्ट्र-निर्माण की नींव को सुदृढ़ करता आ रहा है तथा राष्ट्र एवं समाज के विकास में निरंतर एवं प्रत्यक्ष योगदान दे रहा है। इससे हजारों परिवारों की आजीविका और पूरे क्षेत्र की समृद्धि जुड़ी हुई है। ऐसे में, संयंत्र को पहुँचने वाली कोई भी क्षति केवल बोकारो स्टील की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र एवं हम सबकी साझा क्षति है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव देश के समग्र विकास पर पड़ेगा।

बोकारो स्टील प्रबंधन संविदा के आधार पर अप्रेंटिसों के नियोजन की दिशा में अपने प्रयासों को और गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, प्रबंधन इस विषय से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान सकारात्मक एवं रचनात्मक संवाद के माध्यम से निकालने के लिए तत्पर है तथा संबंधित पक्षों के साथ वार्ता हेतु सदैव उपलब्ध है।

अतः प्रबंधन विस्थापित समूहों से एक बार पुनः अपील करता है कि वे औद्योगिक शांति एवं संयंत्र के निर्बाध परिचालन को ध्यान में रखते हुए अवरोध का मार्ग छोड़कर संवाद एवं आपसी सहयोग का मार्ग अपनाएँ। आपसी सहमति एवं वार्ता के माध्यम से ही सभी संबंधित मुद्दों का स्थायी एवं सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा सकता है।