बोकारो स्टील प्लांट: BGH के निजीकरण के विरुद्ध होगा जन आंदोलन, नर्सिग स्टाफ संग BAKS

बीजीएच कर्मचारियों को उनके मेडिकल क्षेत्र के अनुरूप पदनाम दिए जाने की मांग। सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) की बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) में विभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का संचालन विभागीय प्रतिनिधि रेणु सिस्टर ने किया। इसमें बीजीएच के बड़ी संख्या में यूनियन सदस्

  • बीजीएच कर्मचारियों को उनके मेडिकल क्षेत्र के अनुरूप पदनाम दिए जाने की मांग।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) की बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) में विभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का संचालन विभागीय प्रतिनिधि रेणु सिस्टर ने किया। इसमें बीजीएच के बड़ी संख्या में यूनियन सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में विभाग की स्थानीय समस्याओं, बीजीएच प्रबंधन के कर्मचारियों के प्रति रवैये, बोकारो स्टील प्लांट स्तर की समस्याओं और सेल कॉरपोरेट स्तर से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। यूनियन सदस्यों ने बैठक में कई समस्याओं को यूनियन के संज्ञान में लाया। इनमें प्रमुख रूप से बीजीएच के विभिन्न सेक्शनों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से हो रहे निजीकरण और भविष्य में संपूर्ण निजीकरण की आशंका का मुद्दा उठाया गया। सदस्यों ने कहा कि बीजीएच में नियमित मैनपावर लगातार कम हो रहा है, जबकि कार्यरत कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। बैठक में उठाए गए प्रमुख मुद्दे इस प्रकार हैं बीजीएच के विभिन्न सेक्शनों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से हो रहे निजीकरण तथा भविष्य में संपूर्ण निजीकरण की आशंका का मुद्दा। बीजीएच में नियमित मैनपावर कम होने और कार्यरत कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार का मुद्दा। कार्यरत कर्मचारियों को नर्सिंग तथा मेडिकल इंफेक्शन (चिकित्सकीय जोखिम) भत्ता देने का मुद्दा। बीजीएच कर्मचारियों के लिए इंसेंटिव तथा एक्टिंग अलाउंस में संशोधन की मांग। मोबाइल सेट, सिम और रिचार्ज, इंटरनेट पैक तथा मुफ्त वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग। अटेंडेंस करेक्शन और W.O.W. की मंजूरी में होने वाली कठिनाइयों तथा छुट्टियों के आवेदन के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा अलग नियम बनाए जाने और कर्मचारियों को टारगेट किए जाने का मुद्दा। पुरुष मेडिकल स्टाफ को वॉशिंग भत्ता देने की मांग। ऑपरेशन थिएटर तकनीशियनों की ड्यूटी नियमों के अनुसार नहीं लगाए जाने तथा मैनेजर जैसे पदों के नवसृजन का मुद्दा। बीजीएच कर्मचारियों को उनके मेडिकल क्षेत्र के अनुरूप पदनाम दिए जाने की मांग। फार्मेसी में कम मैनपावर के कारण दवा वितरण में होने वाली कठिनाइयों तथा नियमित फार्मासिस्टों की भर्ती की मांग। इंचार्ज सिस्टर्स/वार्ड प्रभारियों पर बीजीएच प्रबंधन की ओर से अनावश्यक रूप से अत्यधिक दबाव दिए जाने का मुद्दा। वार्ड में डेटा एंट्री जैसे कार्य नर्सिंग स्टाफ से जबरन करवाए जाने का मुद्दा। बढ़ते कार्यभार के अनुपात में अतिरिक्त मैनपावर देने के बजाय धमकी भरे बयानों के माध्यम से महिला कर्मचारियों को मानसिक तनाव दिए जाने का आरोप। अस्पताल में कार्यरत महिला कर्मचारियों के छोटे बच्चों के लिए अस्पताल परिसर में क्रेच की सुविधा उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा। भोजनावकाश और टी-ब्रेक जैसी बुनियादी सुविधाओं में कटौती का मुद्दा। वास्तविक समस्याओं को प्रबंधन के समक्ष रखने पर कर्मचारियों को टारगेट कर प्रताड़ित किए जाने का आरोप। स्कूल, बैंक आदि आवश्यक कार्यों के लिए आउटपास नहीं दिए जाने का मुद्दा। नर्सिंग स्कूल में एक क्लेरिकल स्टाफ की नियुक्ति की आवश्यकता का मुद्दा। निजीकरण के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी बैठक में यूनियन के समक्ष यह गंभीर मुद्दा सामने आया कि बीजीएच प्रबंधन के कुछ उच्च अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर अपने स्तर पर विशेष नियम बनाए जा रहे हैं और उनके माध्यम से कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। यूनियन ने सभी मुद्दों और सामने आए तथ्यों पर कड़े कदम उठाने का भरोसा दिया। साथ ही, कर्मचारियों के साथ निजी खुन्नस निकालने वाले अधिकारियों की शिकायत उच्च प्रबंधन के समक्ष करने की बात कही गई। यूनियन ने बीजीएच के निजीकरण के किसी भी प्रयास के खिलाफ जनआंदोलन करने की चेतावनी भी दी। ‘कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर समाधान जरूरी’ BGH बोकारो के विभागीय प्रतिनिधि चुन्नी कुमारी ने कहा, “बीजीएच चिकित्सा सेवा और मानव कल्याण के लिए पूरे कोयलांचल में प्रसिद्ध संस्थान है। मानव कल्याण तभी संभव है, जब बीजीएच कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं का निर्धारित समय के भीतर समाधान किया जाए। हमारी यूनियन इसके लिए हर संभव कदम उठाएगी।”