Bokaro Steel Plant: रोज़ी रोटी बचाओ की लड़ाई, सारे आंदोलन को जोड़ने की दुहाई

सरकार मजदूर वर्ग को बंधुआ मजदूर बनाने वाली कानून बनाकर लायी है। सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल कर्मचारियों के बकाया एरियर, ठेका मजदूर, एनपीएस, निजीकरण आदि सवालों को लेकर ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा की ओर से बोकारो स्टील प्लांट के एचआरसीएफ विभाग में मजदूर संवाद कार्यक्रम चलाया गया। इस अवसर पर उपस्थित मजदूरों से संवाद करते हुए एटक के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों की मूल भावना को लगातार कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी उद्योगों से प्रतिस्पर्धा क

  • सरकार मजदूर वर्ग को बंधुआ मजदूर बनाने वाली कानून बनाकर लायी है।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल कर्मचारियों के बकाया एरियर, ठेका मजदूर, एनपीएस, निजीकरण आदि सवालों को लेकर ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा की ओर से बोकारो स्टील प्लांट के एचआरसीएफ विभाग में मजदूर संवाद कार्यक्रम चलाया गया। इस अवसर पर उपस्थित मजदूरों से संवाद करते हुए एटक के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों की मूल भावना को लगातार कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी उद्योगों से प्रतिस्पर्धा के नाम पर उत्पादन बढ़ाने और लागत घटाने का दबाव बनाया जा रहा है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव कर्मचारियों और मजदूरों पर पड़ रहा है। अत्यधिक कार्यभार, कर्मचारियों की कमी और उत्पादन लक्ष्य हासिल करने की होड़ के कारण श्रमिकों को मानसिक एवं शारीरिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। रोजी रोटी बचाओ की लड़ाई तेज करने के आह्वान के साथ सीटू के महामंत्री आर के गोरांई ने कहा कि देश की मोदी सरकार मजदूर वर्ग को बंधुआ मजदूर बनाने वाली कानून बनाकर लायी है। जब मजदूर वर्ग के पास पॉकेट में खरीदने के लिए रुपए पैसे ही नहीं होगा तो इस बाजार की चकाचौंध भी खत्म हो जाएगा। मुट्ठी भर धनाढ्य वर्ग से किसी शहर या कारखाने का विकास नहीं हो सकता है। वर्तमान केंद्र सरकार मेहनतकशों के जीवन और जीविका पर संगठित हमले कर रही है। एक ओर वह देश की प्राकृतिक संपदा की लूट के लिए कार्पोरेट घरानों को खुली छूट दे रही है वहीं दूसरी ओर मजदूरों- किसानों के अधिकारों को सीमित करते हुए उन्हें गरीबी के दलदल में धकेल रही है। एचएमएस के संयुक्त महामंत्री आरके सिंह ने कहा कि आज पूरे देश में नया लेबर कोड लागू किया जा रहा है। सरकार और प्रबंधन अब स्थायी मजदूरों के स्थान पर फिक्स्ड टर्म मजदूर और कर्मचारी को बहाल करेंगे,जिसकी नौकरी मात्र दो से चार साल तक की होगी। तनख्वाह के नाम पर फिक्स्ड राशि दी जाएगी। कोई सामाजिक सुरक्षा की गारंटी नहीं होगी। इसके लिए बोकारो में तमाम बिखरे हुए आंदोलनों को जोड़ कर निर्णायक आंदोलन की ओर आगे बढ़ना ही आज का संकल्प होगा। मजदूर संवाद कार्यक्रम में राजीव रंजन,एस पी सिंह, डेविड,एम अंसारी, दशरथ सिंह,आर शर्मा, इश्तियाक अंसारी,देव कुमार,प्राण सिंह, एन एल रजक, आदि ने अपने विचार और सुझाव साझा किया।