Breaking News: आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित 2500 परिवारों को मिली प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त

मुख्यमंत्री ने राशि अंतरण कार्यक्रम में मंत्रालय से वर्चुअली जुड़े। 17 जिलों के हितग्राहियों से की बात, आवास निर्माण के लिए पहली किस्त मिलने पर दी बधाई। सूचनाजी न्यूज, रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित 2500 परिवारों को जारी की प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त जारी कर दी है। ये खबर भी पढ़ें: Bhilai Steel Plant: सेहत से घिनौना मज़ाक, सूअर चाट रहे थाली-प्लेट, आप करते हैं उसी में नाश्ता छत्तीसगढ़ के विशेष आग्रह पर केंद्र सरकार ने ऐस

  • मुख्यमंत्री ने राशि अंतरण कार्यक्रम में मंत्रालय से वर्चुअली जुड़े।
  • 17 जिलों के हितग्राहियों से की बात, आवास निर्माण के लिए पहली किस्त मिलने पर दी बधाई।
सूचनाजी न्यूज, रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित 2500 परिवारों को जारी की प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त जारी कर दी है। ये खबर भी पढ़ें: Bhilai Steel Plant: सेहत से घिनौना मज़ाक, सूअर चाट रहे थाली-प्लेट, आप करते हैं उसी में नाश्ता छत्तीसगढ़ के विशेष आग्रह पर केंद्र सरकार ने ऐसे परिवारों के लिए स्वीकृत किए हैं 15 हजार आवास। कुल दस करोड़ रुपए हितग्राहियों के खातों में अंतरित प्रथम किस्त के रूप में 2500 परिवारों को जारी किए गए 40-40 हजार रुपए। ये खबर भी पढ़ें: गंगा-जमुनी तहज़ीब: भिलाई स्टील प्लांट के पूर्व कार्मिक अतहर अफज़ल ने दान की मंदिर को अपनी जमीन, मुहब्बत का पैगाम मुख्यमंत्री ने राशि अंतरण कार्यक्रम में मंत्रालय से वर्चुअली जुड़े 17 जिलों के हितग्राहियों से की बात, आवास निर्माण के लिए पहली किस्त मिलने पर दी बधाई। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह कार्यक्रम में मौजूद थीं। ये खबर भी पढ़ें: SAIL BSL: 43वें बैच के SOT परिवार संग जब मिल-बैठे और फिर.... मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह और प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा कार्यक्रम में उपस्थित थे। ये खबर भी पढ़ें: Labor Day 2025: नौकरी 8 घंटे केवल श्रम कानून की किताबों में, हकीकत में मजदूर कोल्हू का बैल