Breaking News: बोकारो BAKS की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को प्रशासन ने नहीं दी अनुमति, कार्यक्रम स्थगित
बीएकेएस बोकारो अध्यक्ष दिलीप कुमार और महासचिव हरिओम सुबह 10 बजे से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने वाले थे। नई तारीख और अनशन स्थल दोबारा तय किया जाएगा।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल बोकारो कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर 12 अक्टूबर से होने वाली अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल स्थगित कर दी गई है। जिला प्रशासन ने अनुमति नहीं दिया है। पहले से चल रहे विस्थापितों के भूख हड़ताल को देखते हुए प्रशासन ने बोकारो अनाधिशासी कर्मचारी संघ को कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है।बीएकेएस अध्यक्ष दिलीप कुमार और महासचिव हरिओम सुबह 10 बजे से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने वाले थे।
रविवार देर रात प्रशासन की ओर से यूनियन को सूचित कर दिया गया है। महासचिव हरिओम ने कहा-बहुत ही भारी मन से सूचित कर रहा हूं। जिला प्रशासन से अभी-अभी आदेश प्राप्त हुआ है। जिला प्रशासन द्वारा हमारे अनिश्चितकालीन अनशन की अनुमति नहीं दी गई है, चूंकि वहां पूर्व से एक अनशन जारी है। वैसी स्थिति में कल के कार्यक्रम को स्थगित किया जाता है। आगामी कार्यक्रम की तिथि,स्थल की सूचना जिला प्रशासन को कल की बैठक के बाद सूचित किया जाएगा।
चास अनुमंडल पदाधिकारी ने अनुमति देने से किया इनकार
बोकारो के चास अनुमंडल पदाधिकारी ने बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ के महासचिव हरिओम द्वारा 12 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित आमरण अनशन कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इस संबंध में 11 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी किया गया।
संघ की ओर से बीएसएल कर्मचारियों के सेल कॉर्पोरेट स्तर के लंबित 45 से अधिक मुद्दों और बीएसएल स्तर के लगभग 50 से अधिक मुद्दों को लेकर आंदोलन प्रस्तावित था। इसके तहत 12 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से बोकारो धरना स्थल पर आमरण अनशन आयोजित करने की सूचना दी गई थी।
चास अनुमंडल पदाधिकारी के आदेश में बीएस सिटी थाना के पुलिस निरीक्षक-सह-थाना प्रभारी की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। रिपोर्ट में आशंका जताई गई कि टू टैंक गार्डन परिसर में पहले से विस्थापित की ओर से 10 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल की जा रही है। ऐसे में उसी स्थान पर दूसरे संगठन का कार्यक्रम होने से विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
आदेश में कहा गया है कि विधि-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए धरना स्थल पर 12 अक्टूबर को आमरण अनशन आयोजित करने की अनुमति अस्वीकृत की जाती है। हालांकि, आवेदक को कार्यक्रम के बदले अन्य शांतिपूर्ण विकल्प चुनने, स्थल एवं विधि में बदलाव करने और नए सिरे से आवेदन देने की छूट दी गई है।