Breaking News: क्या भिलाई स्टील प्लांट से रोज़ 63 लाख की लोहा चोरी, 3 हजार करोड़ की चपत, ट्रांसपोर्टर की शिकायत PM मोदी से, पढ़ें डिटेल

शिकायतकर्ता के बारे में बताया जा रहा है कि कैंप 2 के टीके मिश्रा हैं। अज़मत अली, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के भिलाई स्टील प्लांट से एक हैरान करने वाली खबर है। एक ट्रांसपोर्टर के द्वारा हर दिन 63 लाख रुपए का लोहा चोरी किया जा रहा है। अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों से की मिलीभगत का आरोप है। 3 हजार करोड़ रुपए की चोरी का हिसाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय को दिया गया है। सेल बीएसपी में चोरी की शिकायत Centralised Public Grievance Redress and Monitoring System (CPGRAMS) पर की

  • शिकायतकर्ता के बारे में बताया जा रहा है कि कैंप 2 के टीके मिश्रा हैं।
अज़मत अली, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के भिलाई स्टील प्लांट से एक हैरान करने वाली खबर है। एक ट्रांसपोर्टर के द्वारा हर दिन 63 लाख रुपए का लोहा चोरी किया जा रहा है। अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों से की मिलीभगत का आरोप है। 3 हजार करोड़ रुपए की चोरी का हिसाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय को दिया गया है। सेल बीएसपी में चोरी की शिकायत Centralised Public Grievance Redress and Monitoring System (CPGRAMS) पर की गई। प्रधानमंत्री कार्यालय से शिकायत की कॉपी कलेक्टर दुर्ग को भेजी गई। कलेक्टर कार्यालय से शिकायती पत्र को सेल भिलाई स्टील प्लांट भेजकर जवाब तलब किया गया है। भिलाई स्टील प्लांट इस पर क्या जवाब देगा, ये तो आने वाला समय ही बताएगा। साथ ही जवाब को सार्वजनिक भी किया जाना चाहिए, ताकि तमाम दावों की सच्चाई भी उजागर हो सके। अगर, आरोप बेबुनियाद और झूठे हैं तो इसकी भी जानकारी बीएसपी प्रबंधन को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। निश्चित रूप से बीएसपी की ओर से इस पर कोई अपडेट आएगा तो सूचनाजी.कॉम इसे प्रसारित करेगा। ये खबर भी पढ़ें: सीएमडी साहब…आप आएं हैं तो भिलाई की भलाई कर जाइए शिकायतकर्ता के बारे में बताया जा रहा है कि कैंप 2 के टीके मिश्रा हैं। कलेक्टर ने 28 मई 2026 तक जवाब मांगा है, जिसका कम्पलेंट नम्बर CPGRAMS 44 है। शिकायत एक ट्रांसपोर्ट कंपनी भिलाई से संबंधित है। शिकायतकर्ता टीके मिश्रा ने ट्रांसपोर्ट कम्पनी के मालिक पर भिलाई इस्पात संयंत्र से लगभग तीन हजार करोड़ की चोरी का आरोप लगाया है। भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने इस पूरे मामले को एचआर रूल्स एंड स्ट्रेटेजिक आरटीआई एंड सीआर विभाग को भेजा है। विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक ने मार्केटिंग विभाग से इस विषय पर जांच कर तय समय सीमा के अंदर जवाब देने को कहा है। शिकायत में भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों की मिलीभगत का भी उल्लेख किया गया है। ये खबर भी पढ़ें: बिग ब्रेकिंग न्यूज: SAIL CMD डॉ. अशोक पंडा अचानक पहुंचे BHILAI STEEL PLANT, किसी को भनक तक नहीं, सभी CGM, HOD तलब इस पूरे प्रकरण पर सूचनाजी.कॉम ने सभी पक्ष से बात करने की कोशिश की। शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं हो पाया। सेल बीएसपी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया जा रहा है। आरोपित ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक को भी फोन किया गया। मैसेज किया गया। उनकी ओर से भी कोई जवाब नहीं आया है। शिकायत में कितना दम है तो ये तो जांच का विषय है। ये खबर भी पढ़ें: Bhilai Steel Plant: सेक्टर-9 अस्पताल बचाने की मुहिम, बहुत कुछ छुपा रहा प्रबंधन, सीटू ने की पारदर्शिता की मांग शिकायतकर्ता की ओर से चोरी के लिए इस्तेमाल किए गए वाहनों का नंबर, सुपरवाइजर और चालक का नाम भी बताया गया है। बकायदा कुछ दलाल, व्यापारी और नेताओं, पत्रकारों को मैनेज करने वालों का भी नाम लिया गया है। आरोप जब तक सिद्ध नहीं हो जाते, तब तक सूचनाजी.कॉम किसी पक्ष का नाम नहीं लिख रहा है। आधारिक पुष्टि और बीएसपी प्रबंधन की ओर से कलेक्टर को भेजी जा रही रिपोर्ट सामने आते ही न्यूज अपडेट की जाएगी। फिलहाल, सूचनाजी.कॉम तमाम आरोपों की पुष्टि नहीं कर रहा है। विजिलेंस जांच जरूर होना चाहिए, ताकि आरोपों की सच्चाई उजागर हो सके। पढ़िए शिकायतकर्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्या-क्या लिखा है… छत्तीसगढ़ में भिलाई इस्पात संयंत्र में लगभग तीन हजार करोड़ की चोरी। कुछ ऐसे भ्रष्टाचारी अधिकारी और नागरिक हैं, जिनके कारण सरकार को टैक्स में खासा नुकसार हो रहा। लोहे की कमाई सरकार के खजानों में न जाकर अपने जेब भर रहे हैं। ट्रांसपोर्टर विगत 40 वर्षों से भिलाई स्टील प्लांट में परिवहन का कार्य करते आ रहा है। इनके पास लगभग 700 से अधिक परिवहन हेतु गाड़ियां हैं। ये खबर भी पढ़ें: SAIL SC-ST Employees Federation: परफॉर्मेंस अप्रेजल, प्रमोशन, ट्रांसफर, पोस्टिंग, इंटरव्यू में न हो भेदभाव, अधिकारी-कर्मचारी आएं सामने वाहनों की केबिन में अलग-अलग जगह बक्से बने हुए हैं। इन बक्सों में भारी चीज भरकर प्लांट में ले जाकर उतार देते हैं। जब खाली गाड़ी का धर्मकांटा (Weight Bridge) करा लेते हैं। तत्पश्चात लोड होने में 2 से 3 टन वजन कम होता लोहे से ओवरलोड हो जाता है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट कंपनी के ड्राइवर जो लोडिंग करने के लिए प्लांट के अंदर जाते हैं और वापसी में लोहे आसानी से बाहर ले आते हैं, क्योंकि इनका प्लांट के अंदर एवं बाहर जाते समय वजन नहीं किया जाता है। भिलाई स्टील प्लांट में लगभग हर रोज 200 गाड़ियों लोडिंग के लिए जाती हैं, जिसमें से 60 से 70 गाड़ियां ट्रांसपोर्ट कम्पनी की लगती है। ये खबर भी पढ़ें: Bhilai Steel Plant में कार से घुसे चोर, CISF ने दौड़ाया, 1 धराया, 2 फरार, सवा लाख का कॉपर बरामद इन सभी गाड़ियों में लोहा चोरी का कार्य किया जाता है। इस कार्य की देख-रेख करने के लिए ट्रांसपोर्ट कम्पनी के सुपरवाइजर हमेशा मौजूद रहते हैं। चोरी के लोहे को कम्पनी के भिलाई स्थित गोदाम में संग्रहित करते हैं। प्रत्येक गाड़ी में लगभग 2 से 3 टन लोहे बीएसपी से चोरी कर बाहर निकाला जाता है। उक्त चोरी का लोहे को बेचने के लिए 4 से 5 बड़े व्यापारी हैं। ये खबर भी पढ़ें: SAIL NEWS: वीआर को लेकर प्लांट में गजब माहौल, आ रही RFID, बंद होगी रिलीविंग, मकान का तनाव, सोच लो अपना…

प्रत्येक गाड़ी में लगभग 2 से 3 टन लोहे बीएसपी से चोरी कर बाहर निकाला जाता है। 

गाड़ियों की संख्या चोरी किया गया लोहा अनुमानित लागत 70 गाड़ियां प्रतिदिन 140 टन × 45000 रु 63 लाख प्रतिदिन 70 गाड़ी × 26 दिन 3,640 टन × 45000 रु 16,38,00,000 प्रतिमाह 70 गाड़ी × 312 दिन 43,680 टन × 45000 रु 1,96,56,00,000 प्रतिवर्ष (लगभग 200 करोड़) ये खबर भी पढ़ें: SAIL BSP: पेट्रोल-डीजल बचत पर बड़ा फैसला, वर्क फ्रॉम होम, कारपूलिंग पर जोर, टूर-विदेशी दौरे पर अगले आदेश तक रोक