सेक्टर 9 हॉस्पिटल के बाहर आज शाम 6 बजे पति-पत्नी, बच्चों को लेकर आइए, अस्पताल बचाइए
संयुक्त यूनियन ने कहा कि जब-जब सरकारों और प्रबंधन ने जनविरोधी नीतियों को जनता पर थोपने का प्रयास किया है, आज फिर जरूरत है। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। आज मंगलवार शाम 6 बजे सेक्टर 9 हॉस्पिटल के बाहर आइए। इसी हॉस्पिटल में आप परिवार के सदस्यों का इलाज कराते हैं। अब इस हॉस्पिटल को इलाज की जरूरत है। अस्पताल को बेचने की प्रक्रिया चल रही है। आप चाहते हैं कि इसको बचाया जाए तो परिवार समेत यहां विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा बनिए, ताकि सेल प्रबंधन तक मैसेज आए कि अवाम उसके फैसले के खिलाफ है। आप की सुस्ती कहीं ऐसा न हो
- संयुक्त यूनियन ने कहा कि जब-जब सरकारों और प्रबंधन ने जनविरोधी नीतियों को जनता पर थोपने का प्रयास किया है, आज फिर जरूरत है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। आज मंगलवार शाम 6 बजे सेक्टर 9 हॉस्पिटल के बाहर आइए। इसी हॉस्पिटल में आप परिवार के सदस्यों का इलाज कराते हैं। अब इस हॉस्पिटल को इलाज की जरूरत है। अस्पताल को बेचने की प्रक्रिया चल रही है। आप चाहते हैं कि इसको बचाया जाए तो परिवार समेत यहां विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा बनिए, ताकि सेल प्रबंधन तक मैसेज आए कि अवाम उसके फैसले के खिलाफ है। आप की सुस्ती कहीं ऐसा न हो कि बाद में पछताने की नौबत तक ले जाए। इसलिए पड़ोस में भगत पैदा होने की सोच छोड़ दिए। खुद भगत सिंह का रूप दिखाने के लिए जमीन उतरिए।
सेल भिलाई स्टील प्लांट की संयुक्त ट्रेड यूनियन इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, लोईमू, एक्टू, स्टील वर्कर्स यूनियन नेताओं ने सभी कर्मचारियों, अधिकारियों, यूनियन सदस्यों, सेवानिवृत्त कर्मियों तथा उनके परिवारों से अपील की है। 14 जुलाई, मंगलवार को शाम 6:00 बजे सेक्टर-9 अस्पताल के मुख्य द्वार पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होकर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की रक्षा के संघर्ष को मजबूत करें।
संयुक्त यूनियन ने सभी कर्मचारियों, अधिकारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों, उनके परिवारों तथा भिलाई की आम जनता से आह्वान किया कि वे 14 जुलाई के प्रदर्शन को सफल बनाकर यह स्पष्ट संदेश दें कि सेक्टर-9 अस्पताल जैसी सार्वजनिक संपत्ति किसी भी कीमत पर निजी हाथों में नहीं सौंपी जाएगी। यूनियन ने कहा कि अस्पताल बचाने, कर्मचारियों और आम जनता के स्वास्थ्य अधिकारों की रक्षा करने तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए एकजुट संघर्ष ही एकमात्र प्रभावी रास्ता है।
संघर्ष की गर्भ से ही निकलते हैं सफलता के रास्ते
संयुक्त यूनियन के नेताओं ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि बिना संघर्ष के कोई भी बड़ा अधिकार या उपलब्धि हासिल नहीं हुई है। दुनिया में जितने भी सकारात्मक परिवर्तन और जनहितकारी उपलब्धियाँ हुए हैं, वे संघर्ष की कोख से ही जन्मी हैं। इसलिए यदि सेक्टर-9 अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्था को बचाना है, तो हर कर्मचारी और नागरिक को अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाते हुए संघर्ष में उतरना होगा।
निजीकरण के बाद पछताने से नहीं होगा कोई लाभ
नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि इस्पात मंत्रालय और सेल प्रबंधन सुनियोजित तरीके से सेक्टर-9 अस्पताल सहित संयंत्र की विभिन्न व्यवस्थाओं को निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं। इसके विरोध में भिलाई सहित सेल की विभिन्न इकाइयों में लगातार आंदोलन चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि आज पूरी ताकत से निजीकरण का विरोध नहीं किया गया, तो निजीकरण होने के बाद उसके दुष्परिणामों पर केवल अफसोस जताने से कोई लाभ नहीं होगा। इसलिए समय रहते संगठित होकर संघर्ष करना ही सबसे बड़ा दायित्व है।
संघर्षों ने ही बदला है जनविरोधी नीतियों को
संयुक्त यूनियन ने कहा कि जब-जब सरकारों और प्रबंधन ने जनविरोधी नीतियों को जनता पर थोपने का प्रयास किया है, तब-तब संगठित जनसंघर्षों ने उन नीतियों को बदलने का काम किया है। संघर्ष के दौरान कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन अंततः जीत सत्य और जनता के एकजुटता की ही होती है। यही इतिहास का सबसे बड़ा सबक है।