BSL BAKS: आमरण अनशन और मौन जुलूस से पहले सीजीएम आफिस पर दिखा रहे गुस्सा

बीएसएल कर्मचारियों से आगामी आंदोलन में एकजुट होकर भाग लेने की अपील की। सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (BAKS) ने अपने द्वितीय चरण के आंदोलन के तहत एसएमएस न्यू विभाग के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में विभाग के अधिकांश कर्मचारियों ने हिस्सा लि

  • बीएसएल कर्मचारियों से आगामी आंदोलन में एकजुट होकर भाग लेने की अपील की।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (BAKS) ने अपने द्वितीय चरण के आंदोलन के तहत एसएमएस न्यू विभाग के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में विभाग के अधिकांश कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों के समाधान में प्रबंधन की उदासीनता के कारण स्थिति गंभीर होती जा रही है। बीएसएल कर्मचारियों के 45 से अधिक मुद्दे सेल कॉरपोरेट स्तर पर, जबकि 60 से अधिक मुद्दे बोकारो स्टील प्लांट स्तर पर लंबित हैं। BAKS सहित कई यूनियनों ने वेज रिवीजन-2017, एरियर, बोनस फॉर्मूला, NJCS में सुधार और ग्रेच्युटी सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर अलग-अलग न्यायालयों में मामले भी दायर किए हैं। यूनियन का आरोप है कि कर्मचारियों को मिलने वाली कई सुविधाएं या तो बंद कर दी गई हैं या वर्षों से उनमें संशोधन नहीं किया गया है। इसके कारण कर्मचारियों को वर्तमान में मुख्य रूप से डीए और बेसिक पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। आमरण अनशन और मौन जुलूस की तैयारी सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के कोषाध्यक्ष राहुल प्रसाद साव ने कर्मचारियों से अगले चरण के आंदोलन में प्रस्तावित आमरण अनशन और मौन जुलूस को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब बिना आर-पार की लड़ाई के कुछ हासिल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि इस्पात मंत्रालय से लेकर सरकार तक की कथित चुप्पी ने प्रबंधन को कर्मचारियों की सैकड़ों मांगों को लंबित रखने में मदद की है। इसलिए अब बीएसएल कर्मचारियों को एकजुट होकर सड़क पर संघर्ष करना होगा। बोनस सब-कमेटी पर भी साधा निशाना राहुल प्रसाद साव ने बोनस सब-कमेटी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “बगैर वोट वाले सब-कमेटी के सदस्य हैं, तो जिनको वोट मिला है, वे बाहर बैठकर तमाशा देख रहे हैं।” प्रदर्शन के दौरान महासचिव हरिओम, अध्यक्ष दिलीप कुमार, उपाध्यक्ष कृष्ण रजवार, उपमहासचिव माणिक मुंडा, उपकोषाध्यक्ष देवेंद्र कुमार सहित यूनियन कार्यकारिणी के सदस्यों ने कर्मचारियों को संबोधित किया। ‘प्रबंधन का प्रस्ताव, प्रबंधन का फॉर्मूला और मनोनीत नेता’ यूनियन के विभागीय प्रतिनिधि अजय कुमार ने कहा कि जब बयान और प्रस्ताव प्रबंधन का हो, फॉर्मूला प्रबंधन का हो और नेता भी प्रबंधन द्वारा मनोनीत किए जाएं, तो कर्मचारियों का भला होना मुश्किल है। उन्होंने कहा, “NJCS से लेकर सेल कॉरपोरेट स्तर तक पूर्ण बदलाव के लिए हमें सड़क पर उतरना होगा। कर्मचारियों के पास अब दूसरा कोई विकल्प नहीं है।” उन्होंने बीएसएल कर्मचारियों से आगामी आंदोलन में एकजुट होकर भाग लेने की अपील की।