BSL GM IR प्रभाकर कुमार का रिटायरमेंट के बाद जय झारखंड मजदूर समाज के हाथों सम्मान

जय झारखंड मजदूर समाज के कार्यालय में महाप्रबंधक का सम्मानद्ध मजदूरों के हित में की गई व्यवस्था के कारण ठेका कर्मियों की नौकरी कम से कम कार्यादेश की अवधि तक सुरक्षित रखने में मदद मिली है।

  • झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य सह जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बीके चौधरी ने कहा कि पूर्व जीएम प्रभाकर कुमार की कार्यशैली से मजदूरों को लाभ हुआ। 

सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट के औद्योगिक संबंध विभाग में कार्यरत महाप्रबंधक प्रभाकर कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद जय झारखंड मजदूर समाज के सेक्टर-9 स्थित कार्यालय में स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में इस्पातकर्मी और ठेकाकर्मी उपस्थित रहे। मजदूरों की ओर से प्रभाकर कुमार का फूल-माला, गुलदस्ता और अंगवस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।

स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य सह जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बीके चौधरी ने कहा कि प्रभाकर कुमार की कार्यशैली की जितनी भी प्रशंसा की जाए, वह सूर्य को दीपक दिखाने के समान है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से पहले ठेकेदार जब चाहे, मजदूरों को काम से हटा देते थे। मजदूरों को हटाने के पीछे अक्सर ‘मनीकट’ का विरोध करने का कारण बताया जाता था। इससे संबंधित मामले जब जय झारखंड मजदूर समाज के पास आते थे तो निकाले गए मजदूरों को दोबारा काम पर रखने की मांग को लेकर प्रबंधन के साथ कई दौर की बैठकें हुईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा था। इस दौरान यूनियन की ओर से विभागाध्यक्ष का घेराव भी किया गया।

बीके चौधरी ने कहा कि इसी दौरान एक बैठक में प्रभाकर कुमार भी शामिल हुए। उन्होंने सवाल किया कि मजदूर को काम से हटाने से पहले क्या उसे कोई नोटिस दिया गया था? इस पर जवाब मिला कि ऐसी कोई प्रक्रिया निर्धारित नहीं है। प्रभाकर कुमार ने इसे गलत बताते हुए कहा कि संबंधित मजदूर को पहले नोटिस देकर उसके कथित अपराध के संबंध में उसका पक्ष जानना चाहिए। यदि उसके जवाब से प्रबंधन संतुष्ट नहीं होता है, तभी आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके बाद उसी दिन संबंधित मजदूर को काम पर लिया गया।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में मेडिकल जांच के नाम पर प्रतिदिन दर्जनों मजदूरों को अनफिट किए जाने के बाद यूनियन ने हड़ताल का आह्वान किया था। इसके बाद सहायक श्रमायुक्त (केंद्रीय), धनबाद के समक्ष हुई त्रिपक्षीय वार्ता में समझौता हुआ।

समझौते के तहत दवा सेवन के लिए अनफिट किए गए मजदूरों की सात दिन बाद दोबारा जांच करने तथा किसी मजदूर को काम से हटाने से पहले तीन नोटिस देने पर सहमति बनी। इसके साथ ही आरोप की संयुक्त रूप से जांच-पड़ताल इंजीनियर इंचार्ज और यूनियन की ओर से किए जाने का प्रावधान किया गया।

बीके चौधरी ने कहा कि इस समझौता पत्र पर प्रबंधन की ओर से प्रभाकर कुमार ने भी हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के कारण ठेकाकर्मियों की नौकरी कम से कम कार्यादेश की अवधि तक सुरक्षित रखने में मदद मिली है। इसी वजह से मजदूरों के बीच प्रभाकर कुमार की पहचान ‘अन्नदाता’ के रूप में बनी।

कार्यक्रम में अध्यक्ष एनके सिंह, आईआर के सहायक महाप्रबंधक आरिफ हुसैन, प्रबंधक उज्ज्वल कुमार, प्रबंधक विनोद कुमार, झामुमो नेता हसन इमाम, फैयाज आलम, संयुक्त महामंत्री शंकर कुमार, अनिल कुमार, आरबी चौधरी, सीकेएस मुंडा, आई अहमद, आरआर सोरेन, रमा रबानी, रौशन कुमार, तुलसी साह, आरवी सिंह, अमोद कुमार, एडब्ल्यू अंसारी, विजय कुमार साह, अभिमन्यु माझी, शशिकांत कुमार, मानिकचंद शाह, राजेंद्र प्रसाद, विनोद कुमार, संजय गोसाईं, ओपी चौहान, देवेंद्र गोराई, रमाकांत राम, रामेश्वर माझी, नासिर खान, उत्तम कुमार, सुभाष चंद्र महतो, राजेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार सिंह, रामेश्वर ब्राइक, मनोज कुमार, सुनील चौधरी, विजय साहू, बराल, रामनाथ रजक, राजेश कुमार, राजेंद्र राम, दिलीप राजक सहित अन्य लोग उपस्थित थे।