BSP में शराब पीकर ड्यूटी करने वालों पर गिरी गाज, कर्मचारी सस्पेंड, ठेका श्रमिक का गेटपास जब्त
सेल-भिलाई स्टील प्लांट में कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार के सख्त रुख के बीच ड्यूटी के दौरान शराब के सेवन से जुड़े मामलों पर निगरानी बढ़ने की बात सामने आई है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। ड्यूटी के दौरान शराब पीकर प्लांट में काम करना अब भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों को भारी पड़ रहा है। काम के दौरान नशे की हालत में पकड़े जाने वालों के खिलाफ प्रबंधन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। एक नियमित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक ठेका श्रमिक का गेटपास जब्त कर उसे निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। ये कार्रवाई कार्यस्थल पर सुरक्षा और अनुशासन को लेकर प्रबंधन की गंभीरता को रेखांकित करती हैं।
सेल-भिलाई स्टील प्लांट में कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार के सख्त रुख के बीच ड्यूटी के दौरान शराब के सेवन से जुड़े मामलों पर निगरानी बढ़ने की बात सामने आई है। विभागाध्यक्ष की सतर्कता से सामने आए इन मामलों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में काम करना किस तरह बड़े औद्योगिक हादसे का कारण बन सकता है।
कोक ओवन विभाग के नियमित कर्मचारी पर निलंबन की कार्रवाई
कोक ओवन एंड कोल केमिकल डिपार्टमेंट (CO&CCD) में कार्यरत इंजीनियरिंग एसोसिएट संतोष कुमार को 9 अक्टूबर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वह सीबीसी ऑपरेशन सेक्शन में पदस्थ थे। निलंबन आदेश में कहा गया है कि उनके खिलाफ प्लांट के स्थायी आदेशों के तहत गंभीर कदाचार के आरोप सामने आए हैं। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए आगे की कार्यवाही और अंतिम आदेश तक उन्हें निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में उन्हें प्लांट के स्थायी आदेशों के प्रावधानों के तहत निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही, सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगाई गई है। उन्हें प्रतिदिन औद्योगिक संबंध (IR) विभाग में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश भी दिया गया है।
ब्रीथ एनालाइजर जांच में पकड़ा गया ठेका श्रमिक
दूसरा मामला 7 अक्टूबर का है। जेबी ट्रेड्स (J B Trades) एजेंसी के 33 वर्षीय ठेका श्रमिक युगल किशोर साहू, जो एसडब्ल्यू (SW) श्रेणी में कार्यरत थे, बी शिफ्ट में ड्यूटी पर थे। शिफ्ट के दौरान नियमित जांच में ब्रीथ एनालाइजर से उनकी जांच की गई। जांच में शराब के सेवन के संकेत मिले। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए एमएमपी ले जाया गया और बाद में सेक्टर-9 अस्पताल रेफर किया गया। विभागीय जानकारी में डॉक्टर की रिपोर्ट में भी नशे की पुष्टि होने की बात कही गई है। इस मामले में श्रमिक का गेटपास जब्त कर लिया गया है। गेटपास निरस्त करने की आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विभागाध्यक्ष की सतर्कता से सामने आए मामले
विभागीय जानकारी में इन मामलों के सामने आने का श्रेय विभागाध्यक्ष की सतर्कता को दिया गया है। नियमित जांच और समय रहते कार्रवाई औद्योगिक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। भिलाई स्टील प्लांट जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान में मशीनों, भारी उपकरणों, गर्म धातु और संवेदनशील उत्पादन प्रक्रियाओं के बीच काम करते समय पूरी तरह सतर्क रहना जरूरी है। ऐसे में नशे की हालत में ड्यूटी करना संबंधित व्यक्ति के साथ-साथ उसके सहकर्मियों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल सकता है।
कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों के लिए स्पष्ट संदेश
इन दोनों मामलों से कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों के लिए स्पष्ट संदेश है कि ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन या नशे की हालत में काम करना गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई का कारण बन सकता है। नियमित जांच, विभागीय निगरानी और सुरक्षा नियमों का पालन संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। औद्योगिक सुरक्षा का मूल मंत्र यही है-ड्यूटी पर पूरी सतर्कता, क्योंकि एक छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है।