BSP Rajhara Accident: साढ़े 5 घंटे बाद निकली 3 लाश, गिरेगी अधिकारी पर गाज...?

3 शव को बीएसपी राजहरा हॉस्पिटल के मरच्यूरी में रखा गया है। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के राजहरा आयरन ओर माइंस टाउनशिप हादसे ने सबको झकझोर दिया है। पाइपलाइन बिछाते समय मिट्टी धंसने से हादसा हुआ। 3 मजदूरों के दबने से मौत हो गई। साढ़े 5 घंटे के बाद लाश को बाहर निकाला जा सका। 20 फीट लंबी पाइप में फंसने की वजह से शव को बाहर निकालने में खासा मशक्कत करनी पड़ी। रात 10.35 बजे दो लाश एक साथ निकाली गई। 3 शव को बीएसपी राजहरा हॉस्पिटल के मरच्यूरी में रखा गया है। बुधवार को पंचनामा के बाद पोस्ट

  • 3 शव को बीएसपी राजहरा हॉस्पिटल के मरच्यूरी में रखा गया है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के राजहरा आयरन ओर माइंस टाउनशिप हादसे ने सबको झकझोर दिया है। पाइपलाइन बिछाते समय मिट्टी धंसने से हादसा हुआ। 3 मजदूरों के दबने से मौत हो गई। साढ़े 5 घंटे के बाद लाश को बाहर निकाला जा सका। 20 फीट लंबी पाइप में फंसने की वजह से शव को बाहर निकालने में खासा मशक्कत करनी पड़ी। रात 10.35 बजे दो लाश एक साथ निकाली गई। 3 शव को बीएसपी राजहरा हॉस्पिटल के मरच्यूरी में रखा गया है। बुधवार को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा। इसके बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया जाएगा। हादसा मंगलवार शाम करीब 5 बजे हुआ, जब पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा था। करीब 10 फीट गहरे गड्ढे में पाइपलाइन बिछाई जा रही थी। गड्ढे से मिट्टी और मुरुम को बाहर निकालकर दूर रखने के बजाय मुंहाने पर ही रखा गया था, जिससे एक तरफ का हिस्सा धंस गया। मजदूर पाइप की चपेट में आ गए। वार्ड नंबर 7 के रहने वाले किशुन की पूरी शरीर मिट्टी में धंसी थी और चेहरा सिर्फ बाहर दिख रहा था। शव को निकालने के लिए कोशिश की गई, लेकिन 20 फीट लंबी पाइप से दबे होने के कारण बाहर निकाने में मशक्कत करनी पड़ी। दो अन्य मजदूर राकेश और बैशाखिन की लाश तक नहीं दिख रही थी। वहीं, रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए कोई एक्सपर्ट नहीं था। लेबर और पुलिस की मदद से ही शव को किसी तरह रात साढ़े 10 बजे बाहर निकाला जा सका। आखिर में राकेश और बैशाखिन का शव निकाला गया। दोनों शव आसपास ही थे। असुरक्षित कार्य को लेकर बीएसपी कर्मचारियों ने सवाल उठाए हैं। ठेकेदार बिजनू राम के कर्मचारी सिवरेज लाइन का कार्य करा रहे थे। बीएसपी की तरफ से कोई भी अधिकारी-कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था। कोई सुपरवाइजर न होने से हादसा हुआ। इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक रिव्यू मीटिंग में बोल चुके हैं कि हादसों पर कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि स्टील सेक्रेटरी के आदेश के बाद सेल में हुए पहले बड़े हादसे पर अब बीएसपी प्रबंधन क्या कार्रवाई करती है। किसकी जिम्मेदारी तय की जाती है? बीएसपी कर्मचारियों ने बताया कि 10 फीट गहरे गड्ढे में सिर्फ मिट्टी नहीं थी। मुरुम भी था, जिसकी वजह से एक हिस्सा धंस गया। हादसे की खबर लगते ही बीएसपी के अधिकारी, डौंडी लोहरा के एसडीएम, पुलिस अधिकारी, कांकेर के सांसद भोज राज नाग, पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर आदि मौके पर मौजूद रहे।