BSP कर्मचारी कृष्ण कुमार पाटिल डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर से विभूषित
कृष्ण कुमार पाटिल आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के कलाकार, बहुमुखी प्रतिभा के धनी गायक, रचनाकार एवं वादक हैं। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल (SAIL) - भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant) में कार्यरत कृष्ण कुमार पाटिल छत्तीसगढ़ी भाषा के शास्त्रीय रागों पर आधारित किताब, “जय छत्तीसगढ़ दाई” के लिए विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ (भागलपुर बिहार) से विद्या वाचस्पति डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर से विभूषित हुए। ये खबर भी पढ़ें: CG NEWS: छत्तीसगढ़ी में और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चे 1 से 5 कक्षा तक करेंगे स्थानीय बोली में पढ़
- कृष्ण कुमार पाटिल आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के कलाकार, बहुमुखी प्रतिभा के धनी गायक, रचनाकार एवं वादक हैं।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल (SAIL) - भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant) में कार्यरत कृष्ण कुमार पाटिल छत्तीसगढ़ी भाषा के शास्त्रीय रागों पर आधारित किताब, “जय छत्तीसगढ़ दाई” के लिए विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ (भागलपुर बिहार) से विद्या वाचस्पति डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर से विभूषित हुए।
कृष्ण कुमार पाटिल आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के कलाकार, बहुमुखी प्रतिभा के धनी गायक, रचनाकार एवं वादक हैं। उनकी यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ी समाज के लिए गौरव का क्षण है। वे भिलाई इस्पात संयंत्र के मार्स-2 के कार्मिक हैं। उनकी इस उपलब्धि के लिए विभाग के सदस्यों ने भी बधाई दी।
पाटिल मुख्यमन्त्री भूपेश बघेल द्वारा संगीत सम्मान-2019 से सम्मानित हैं। अब डॉ कृष्ण कुमार पाटिल से सम्बोधित किए जाएंगे। डॉ पाटिल छत्तीसगढ़ी भाषा मे राग आधारित गायन एवं लेखन करने वाले एकमात्र कलाकार हैं।
डॉ कृष्ण कुमार पाटिल को इस गौरवशाली उपलब्धि हासिल करने के लिए कला जगत में खुशी व्याप्त है। समस्त कला बिरादरी परिवार, छत्तीसगढ़ की ओर से डॉक्टर पाटिल को बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई है।