Chhattisgarh News: पेंशन बहाली के लिए पूर्व राज्यपाल रमेश बैस से मिले पेंशनभोगी प्राध्यापक

छत्तीसगढ़ सरकार के आदेश से सेवानिवृत प्राध्यापक व कर्मचारी ही प्रभावित नहीं होंगे बल्कि वर्तमान में कार्यरत प्राध्यापकों व कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति पर उन्हें पेंशन व ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिल पाएगा।

सूचनाजी न्यूज, रायपुर। छत्तीसगढ़ अनुदानित अशासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक पेंशनर्स संघ के प्रतिनिधि मंडल ने महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा वरिष्ठ नेता रमेश बैस से भेंट कर राज्य सरकार के अचानक पेंशन बंद करने के अमानवीय निर्णय से उपजी परिस्थितियों से उन्हें अवगत कराया। 

इस अवसर पर प्राध्यापक पेंशनर संघ तथा वर्तमान में कार्यरत प्राध्यापकों के प्रादेशिक संघ द्वारा उन्हें ज्ञापन भी दिए। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और राज्य सरकार के इस निर्णय पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए अपने स्तर से पेंशन पुनर्बहाली हेतु मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से चर्चा करने का आश्वासन दिया।

छत्तीसगढ़ अनुदानित अशासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक पेंशनर्स संघ के अध्यक्ष डॉ हरिनारायण दुबे, महासचिव डॉ. डीएन शर्मा, डॉ. एआर वर्मा, डॉ. सरोज प्रकाश तथा प्रादेशिक अनुदानित अशासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के महासचिव डॉ. सुभाष चंद्राकर व कोषाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र शुक्ला प्रतिनिधि मंडल में शामिल रहे।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 सितंबर 2026 को एक आदेश जारी कर प्रदेश के 13 शत–प्रतिशत अनुदानित अशासकीय महाविद्यालयों से सेवानिवृत हुए प्राध्यापकों व कर्मचारियों की 40 साल से निरंतर मिल रही पेंशन को अचानक बंद कर दिया। 

इसके फलस्वरुप पेंशनर्स के समक्ष रोटी, दवा और रोजाना के खर्चे के लिए एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस आदेश से सेवानिवृत प्राध्यापक व कर्मचारी ही प्रभावित नहीं होंगे बल्कि वर्तमान में कार्यरत प्राध्यापकों व कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति पर उन्हें पेंशन व ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिल पाएगा।