ग्रेडिंग, प्रमोशन, NEPP, चुनाव संग CITU के 20 मुद्दे, ईडी एचआर फेस्टिवल एडवांस 50 हजार करने के मूड में

सभी यूनियनों ने कई मुद्दों को रखा प्रबंधन के सामने और सभी यूनियनों ने किया एक दूसरे के मांगों का समर्थन। तीन-तीन माह में बैठक की सहमति के बावजूद वर्षों से लंबित समस्याएं; समयबद्ध कार्रवाई जरूरी।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र में कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को लेकर कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) के साथ ट्रेड यूनियन संवाद बैठक में सीटू ने 20 से अधिक प्रमुख मुद्दे उठाए। सीटू की ओर से विजय कुमार जांगड़े एवं केवेन्द्र सुंदर ने पूर्व में दिए गए पत्रों का हवाला देते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। चर्चा के दौरान कार्यपालक निदेशक ने अधिकांश मुद्दों पर सहमति जताते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। हालांकि, कई महत्वपूर्ण मांगों पर ठोस निर्णय अब भी बाकी हैं।

ग्रेडिंग, प्रमोशन और NEPP में सुधार हो 

सीटू ने ग्रेडिंग प्रणाली में पारदर्शिता, कर्मचारियों को अपनी ग्रेडिंग देखने की सुविधा तथा क्लस्टर परिवर्तन के समय तीन वर्ष में अपग्रेडेशन/प्रमोशन सुनिश्चित करने की मांग की। अस्पताल कर्मचारियों के पदनाम सुधार एवं डी-क्लस्टर का मामला भी उठाया गया। NEPP की खामियां दूर करने और चार्जमैन पद की आवश्यकता पर दोबारा अध्ययन करने के लिए प्रबंधन ने निर्देश दिए। इंसेंटिव प्रणाली को तर्कसंगत बनाने की मांग पर अभी निर्णय नहीं हुआ।

कैंटीन, स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था में सुधार 

सीटू ने कैंटीनों में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और यूरिनल-टॉयलेट की बदहाली का मुद्दा उठाया। कैंटीन प्रभारी सुरजीत मलिक को नियमित निगरानी एवं सुधार के निर्देश दिए गए। मॉडल कैंटीन बेस किचन जल्द शुरू करने, 32 कैंटीनों में टाइल लगाने एवं नवीनीकरण, 250 एक्वागार्ड और वाटर कूलर लगाने तथा कारोबार के आधार पर कैंटीनों को अपग्रेड करने की जानकारी दी गई। प्लेट मिल के वाशरूम एवं टॉयलेट की स्थिति नए ठेके की शर्तों के बाद सुधरी है और कोक ओवन में भी शीघ्र सुधार का आश्वासन दिया गया।

आवास, सड़क और गेट पर यातायात की समस्या 

जर्जर आवासों की मरम्मत, सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के लिए हेल्प डेस्क तथा असुरक्षित मकानों को जमींदोज करने की मांग दोहराई गई। बोरिया गेट से बीएसएफ चौक तक फॉरेस्ट एवेन्यू में डिवाइडर का पिछला टेंडर ठेकेदार द्वारा काम नहीं करने के कारण विफल रहा; अब नए सिरे से टेंडर जारी किया जाएगा। मेन गेट पर दोपहिया वाहनों की लंबी कतारों के समाधान के लिए जीएम (एचआर) को निर्देशित किया गया।

ठेका श्रमिकों के वेतन और सुविधाओं का सवाल 

सीटू ने रिवर्स ऑक्शन बंद करने, ठेका श्रमिकों को न्यूनतम ₹26,000 मासिक वेतन, समय पर भुगतान और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित करने की मांग की। प्रबंधन ने ठेका श्रमिकों के लिए सेंट्रल वेज शुरू करने की बात कही। फायर ब्रिगेड कर्मियों की नई यूनिफॉर्म अन्य लंबित सुविधाओं पर भी कार्रवाई की मांग की गई। सभी यूनियनों ने यूनियन कार्यालय को फ्री ऑफ कॉस्ट देने की मांग की।

फेस्टिवल एडवांस, अस्पताल और अन्य लंबित मुद्दे 

फेस्टिवल एडवांस ₹50,000 करने की मांग पर कार्यपालक निदेशक ने सहमति का रुख दिखाया। सेक्टर-9 अस्पताल के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल को सीधे निजी हाथों में नहीं सौंपा जा रहा, बल्कि निजी सहयोग से उत्कृष्टता की ओर ले जाने का प्रयास है। सीटू ने अस्पताल की सेवाओं और कर्मचारियों-सेवानिवृत्त कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए सभी हितधारकों से चर्चा की मांग दोहराई। प्रबंधन ने एक अन्य क्लब को आधुनिक बनाने की योजना भी बताई गई।

मान्यता चुनाव और लंबित मांगों पर जवाबदेही जरूरी 

प्रबंधन ने कहा कि मान्यता यूनियन चुनाव में केंद्रीय श्रम कार्यालय से प्राप्त आदेश के अनुसार पूरा सहयोग किया जाएगा और चुनाव में देरी के लिए प्रबंधन जिम्मेदार नहीं है। छोटे क्वार्टरों का लाइसेंस अचानक बंद होने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी जमा रहने तथा अनिश्चितता की समस्या, ग्रेच्युटी पर आयकर छूट और इंसेंटिव संशोधन जैसे मुद्दे अनुत्तरित रहे।

सीटू ने कहा कि तीन-तीन माह में बैठक करने की सहमति के बावजूद वर्षों तक समस्याओं पर चर्चा नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। कर्मचारियों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समयबद्ध निर्णय और प्रभावी क्रियान्वयन चाहिए। प्रबंधन को लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।