Bokaro Steel Plant संकट: AK सिंह ने DC को घेरा, SEFI ने सरकार तक पहुंचाई आवाज, हाईकोर्ट ने दिया जीवनदान

बोकारो स्टील प्लांट में विस्थापितों के आंदोलन से पैदा हुए संकट पर ऑफिसर्स एसोसिएशन अध्यक्ष AK सिंह का रहा सराहनीय कार्य। SEFI ने मुख्यमंत्री सचिव से संवाद कर सुरक्षा और प्लांट में आवाजाही बहाली का मुद्दा उठाया। अधिकारियों की सुरक्षा, प्लांट में प्रवेश और उत्पादन बहाली को लेकर हस्तक्षेप की मांग की थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद हटाए गए जाम कर रहे विस्थापित।

सूचनाजी न्यूज, बोकारो। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के बोकारो स्टील प्लांट (BSL) में विस्थापितों के आंदोलन से पैदा हुए संकट के बीच अधिकारियों की सुरक्षा और प्लांट के सुचारू संचालन को लेकर कई स्तरों पर प्रयास किए गए। बोकारो स्टील ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एके सिंह इस वक्त विस्थापितों की गालियों का सामना कर रहे हैं। इस मामले में जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए उपायुक्त (DC), बोकारो को कड़ा पत्र सौंपा और आधी रात तक मिलकर सारी स्थिति से अवगत कराते रहे। वहीं, स्टील एग्जीक्यूटिव्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SEFI) ने भी राज्य सरकार और प्रशासन के समक्ष मामले को उठाया।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्लांट को जाम कर रहे विस्थापितों को हटाया गया। इसके बाद प्लांट के मुख्य द्वार से आवाजाही बहाल होने और अंदर फंसे कार्मिकों के सुरक्षित घर लौटने का रास्ता साफ हुआ। इस पूरे घटनाक्रम में अधिकारियों की सुरक्षा, उत्पादन ठप होने से होने वाले नुकसान और औद्योगिक गतिविधियों को सामान्य बनाने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। आखिर संकट की घड़ी में जिम्मेदारी निभाने वालों ने सराहनीय कार्य किए। 

AK सिंह ने DC को पत्र लिखकर जताई थी गंभीर चिंता

बोकारो स्टील ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एके सिंह ने उपायुक्त, बोकारो को संबोधित पत्र में प्लांट की स्थिति को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए तत्काल प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की थी। पत्र में अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा, प्लांट परिसर में प्रवेश तथा बाहर निकलने की सुविधा बहाल करने और उत्पादन दोबारा शुरू कराने पर जोर दिया गया।

पत्र के मुताबिक, 16 अक्टूबर 2026 की सुबह बोकारो स्टील प्लांट के अधिकारी परिसर में दाखिल हुए थे और उसके बाद से वहीं फंसे हुए थे। लंबे समय तक परिसर में रहने के कारण अधिकारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पत्र में दावा किया गया कि कई अधिकारी अस्वस्थ हो रहे थे और उन्हें भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा था।

एके सिंह ने यह भी उल्लेख किया था कि प्लांट का उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया था, जिससे सेल को भारी नुकसान होने की आशंका थी। पत्र में एक वीडियो का हवाला देते हुए अधिकारियों को उनके घरों में घुसकर नुकसान पहुंचाने की धमकी दिए जाने की बात भी कही गई। एसोसिएशन ने इसे अधिकारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताया।

अधिकारियों और परिवारों की सुरक्षा पर जोर

DC को लिखे पत्र में एके सिंह ने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट देश के विभिन्न हिस्सों से आए अधिकारियों और कर्मचारियों के साझा योगदान का प्रतीक है। यहां काम करने वाले कार्मिक देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में मौजूदा हालात से उनके बीच सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हुई।

एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से अधिकारियों और कर्मचारियों के जीवन एवं सुरक्षा की रक्षा करने, उनका विश्वास बहाल करने और प्लांट के प्रवेश तथा निकास द्वारों को सुरक्षित तरीके से खुलवाने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। पत्र में यह भी कहा गया कि स्थिति का असर कानून-व्यवस्था और बोकारो की प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ सकता है। एके सिंह ने अपने पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया कि प्लांट का सामान्य संचालन बहाल करना और अधिकारियों-कर्मचारियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना तत्काल प्राथमिकता होनी चाहिए।

SEFI ने मुख्यमंत्री सचिव तक पहुंचाया मामला

बोकारो स्टील प्लांट में पैदा हुए संकट को लेकर SEFI ने भी अपनी भूमिका निभाई। संगठन के अध्यक्ष नरेंद्र बंछोर की ओर से प्लांट में उत्पन्न गंभीर स्थिति के समाधान के लिए पत्र लिखा गया। वहीं, SEFI के वाइस चेयरमैन अजय पांडेय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सचिव अविनाश कुमार से संवाद कर बोकारो की स्थिति से अवगत कराया।

SEFI की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मामले को संज्ञान में लिया गया और रात में ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। इसके बाद प्लांट के मुख्य द्वार से आवाजाही बहाल कराने की कार्रवाई हुई। संगठन ने दावा किया कि इससे अंदर फंसे कार्मिक सुरक्षित अपने घर लौट सके और अगली सुबह ड्यूटी पर आने वाले अधिकारी, कर्मचारी तथा ठेका श्रमिक बिना बाधा प्लांट में प्रवेश कर पाए। SEFI ने इस पूरे घटनाक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनके सचिव अविनाश कुमार, पुलिस एवं जिला प्रशासन और स्थानीय सहयोगियों के समन्वय तथा सहयोग के लिए आभार जताया।

विस्थापितों से संवाद के जरिए समाधान की अपील

SEFI ने विस्थापितों और अन्य संबंधित पक्षों से संयम बनाए रखने तथा बातचीत के माध्यम से समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की अपील की। संगठन का कहना है कि प्लांट का निर्बाध संचालन केवल सेल या उसके कर्मचारियों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इससे देश, राज्य और स्थानीय लोगों की आजीविका भी जुड़ी हुई है।

गठन ने यह भी आग्रह किया कि किसी भी तरह के राजनीतिक प्रभाव या बहकावे में आने के बजाय सभी पक्ष आपसी संवाद और सौहार्द के साथ आगे बढ़ें। विस्थापन से जुड़े मुद्दों का समाधान निकालना और औद्योगिक गतिविधियों को सुचारू बनाए रखना, दोनों ही महत्वपूर्ण हैं।

संकट टालने में कई स्तरों पर प्रयास

बोकारो स्टील प्लांट में पैदा हुए गतिरोध के दौरान अधिकारियों के संगठन, SEFI, राज्य सरकार और जिला प्रशासन के स्तर पर हस्तक्षेप की पहल की गई। एके सिंह ने अधिकारियों की सुरक्षा और प्लांट संचालन को लेकर DC के समक्ष मांगें रखीं, जबकि SEFI ने राज्य सरकार के स्तर पर संवाद किया।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्लांट को जाम कर रहे विस्थापितों को हटाए जाने और मुख्य द्वार से आवाजाही बहाल होने के बाद कार्मिकों की सुरक्षित आवाजाही का रास्ता खुला। हालांकि, विस्थापन से जुड़े मुद्दों का स्थायी समाधान और भविष्य में इस तरह की स्थिति की पुनरावृत्ति रोकना आगे भी महत्वपूर्ण रहेगा।

SEFI ने प्लांट को संभावित बड़े नुकसान और किसी अप्रिय घटना से बचाने में सहयोग देने वाले सभी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष सहयोगियों के प्रति आभार जताया। साथ ही, सभी पक्षों से औद्योगिक शांति बनाए रखने और संवाद के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।