भीषण आग से 21 की मौत, मरने वालों की संख्या बढ़ रही, जान बचाने होटल से कूदे लोग
सीपीआई (एमएल) ने कहा कि दिल्ली के लोगों को बुलडोजर नहीं, बल्कि सुरक्षा, जवाबदेही और प्रभावी शासन की आवश्यकता है। सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। Delhi Malviya Nagar Restaurant Fire Update: दिल्ली के मालवीय नगर के एक होटल में बुधवार को भीषण अग्निकांड हो गया। 21 लोगों की मौत हो गई। वहीं कई लोगों ने अपनी जान कूद कर बचाई है। मरने वालों में विदेशी नागरिक भी बताए जा रहे हैं। घायलों को समीप के अस्पतालों में भेजा रहा है। बताया जा रहा है कि 6 कमरे का होटल संचालन का लाइसेंस था, जबकि यहां 25 से ज्यादा कमरे थे। सुरक
- सीपीआई (एमएल) ने कहा कि दिल्ली के लोगों को बुलडोजर नहीं, बल्कि सुरक्षा, जवाबदेही और प्रभावी शासन की आवश्यकता है।
सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। Delhi Malviya Nagar Restaurant Fire Update: दिल्ली के मालवीय नगर के एक होटल में बुधवार को भीषण अग्निकांड हो गया। 21 लोगों की मौत हो गई। वहीं कई लोगों ने अपनी जान कूद कर बचाई है। मरने वालों में विदेशी नागरिक भी बताए जा रहे हैं। घायलों को समीप के अस्पतालों में भेजा रहा है। बताया जा रहा है कि 6 कमरे का होटल संचालन का लाइसेंस था, जबकि यहां 25 से ज्यादा कमरे थे। सुरक्षा के नाम पर खिलवाड़ किया गया। जान बचाने के लिए लोगों को बिल्डिंग से कूदना पड़ा।
दिल्ली अग्निकांड पर सीपीआई (एमएल) ने हमला दिया है। पार्टी का कहना है कि "मौत का चैंबर बनती जा रही है राजधानी दिल्ली।" दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुई भीषण आग की घटना में 21 लोगों की मौत के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन [CPIML] ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिल्ली की भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।
पार्टी ने कहा कि वह हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के दुख में सहभागी है और घायलों के प्रति संवेदना व्यक्त करती है। साथ ही सवाल उठाया कि आखिर दिल्ली तेजी से "मौत के चैंबर" में क्यों बदलती जा रही है। पार्टी के अनुसार राजधानी में लगातार आग लगने और इमारतें गिरने जैसी घटनाएं लोगों की जान ले रही हैं, लेकिन सरकार का पूरा ध्यान केवल बुलडोजर कार्रवाई पर केंद्रित है।
सीपीआई (एमएल) ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार लोगों के घर और रोजगार उजाड़ने में व्यस्त है, जबकि अग्नि सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों की अनदेखी की जा रही है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली फायर सर्विस गंभीर संसाधन और कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है, वहीं बिल्डर-भूस्वामी और प्रशासनिक गठजोड़ को सरकारी संरक्षण प्राप्त है।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि राजधानी में व्यापक स्तर पर सुरक्षा ऑडिट नहीं कराया जा रहा है और न ही लोगों की जान को बढ़ते खतरों से बचाने के लिए कोई ठोस रणनीति बनाई गई है। बयान में कहा गया कि भाजपा सरकार हर समस्या का समाधान बुलडोजर में तलाश रही है, मानो यह सरकार नहीं बल्कि कोई ध्वस्तीकरण कंपनी हो।
सीपीआई (एमएल) ने कहा कि दिल्ली के लोगों को बुलडोजर नहीं, बल्कि सुरक्षा, जवाबदेही और प्रभावी शासन की आवश्यकता है। पार्टी ने हादसे की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और राजधानी में व्यापक अग्नि एवं भवन सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
वहीं, भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने कहा-दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र के हौज रानी स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग के कारण हुए दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मृत्यु तथा दर्जनों लोगों के घायल होने की खबर अत्यंत दुखद, भयावह और झकझोर देने वाली है।
Samajwadi Party Media Cell ने भी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने कहा-फायर ऑडिट के नाम पर कोचिंग संस्थानों पर द्वेषपूर्ण भावना के तहत ताला लगा देना और सील कर देना बेहद शर्मनाक कृत्य भाजपा सरकार ने किया है।
क्योंकि स्टूडेंट्स की मांगों के साथ कोचिंग संचालकों ने आवाज उठाई थी, यही कसूर था? लेकिन फायर ऑडिट के बिना, सुरक्षा मानकों के बिना भाजपा सरकार में रिश्वतखोरी और पैसा खर्च करके भ्रष्टाचार के तहत तमाम रेस्टोरेंट होटल इत्यादि चल रहे हैं, जिसमें लोगों की जानें जा रही हैं।
क्योंकि इन जगहों से भाजपा नेताओं का पैसा आता है, भाजपाइयों की साझेदारी है? भाजपाई रिश्वतखोरी करते हैं? दिल्ली के मालवीय नगर में एक रेस्टोरेंट में आग लगने से 21 से ज्यादा लोगों के ऑन द स्पॉट मौत की खबर है, तथा कई के गंभीर घायल होने की सूचना है, बेहद दुखद और शर्मनाक है यह। दिल्ली में भाजपा की सरकार है, जहां जहां भाजपा की सरकार है, वहां-वहां मौत का तांडव और भ्रष्टाचार है।