दुर्गापुर स्टील प्लांट में यूनियन चुनाव की मांग, इंटक ने डिप्टी लेबर कमिश्नर से लगाई गुहार

HSWU/INTUC यूनियन की तरफ से डिप्टी लेबर कमिश्नर को एक मेमोरेंडम दिया गया और अधिकारियों से रिक्वेस्ट की गई कि यूनियन मान्यता चुनाव करवाए जाएं।

सूचनाजी न्यूज, दुर्गापुर। सेल दुर्गापुर स्टील प्लांट में यूनियन चुनाव की आवाज उठ गई है। साल 2015 में पिछला चुनाव हुआ था। कर्मचारियों ने मतदान में हिस्सा लिया था। इसके बाद से मतदान थमा हुआ है। इंटक यूनियन के ज्वाइंट सेक्रेटरी रजत दीक्षित ने डिप्टी लेबर कमिश्नर को पत्र लिखकर जल्द से जल्द चुनाव कराने की मांग कर दी है। 

रजत दीक्षित का कहना है कि 2004, 2011 और 2015 में चुनाव हुआ था। पिछली बार सीटू ने मान्यता प्राप्त यूनियन का दर्जा हासिल किया था। HSWU/INTUC यूनियन ने संबंधित अधिकारियों से बार-बार निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव की मांग की,लेकिन अधिकारियों ने हर बार इसे मना कर दिया।

इसीलिए,पिछली ऑफिस बेयरर मीटिंग के फैसले के मुताबिक, उसी मांग के आधार पर,यानी स्वतंत्र और निष्पक्ष यूनियन मान्यता चुनाव करवाने की मांग की गई है। HSWU/INTUC यूनियन की तरफ से डिप्टी लेबर कमिश्नर को एक मेमोरेंडम दिया गया और अधिकारियों से रिक्वेस्ट की गई कि यूनियन मान्यता चुनाव करवाए जाएं। 

जानिए दुर्गापुर सीटू ने क्या कहा...

यूनियन का कहना है कि पश्चिम बंगाल में 2011 में तृणमूल सरकार आने के बाद दो बार यूनियन मान्यता चुनाव हुए हैं - 2011 के अंत में और 2015 में। दोनों बार CITU भारी मतों से जीती है, और 2015 में 2011 से भी अधिक वोटों से जीती है।

उस समय तृणमूल के शासन में CITU कार्यकर्ताओं पर भीषण अत्याचार हुआ, मारपीट की गई, घर से निकलने तक नहीं दिया गया। ऐसी अलोकतांत्रिक परिस्थिति में भी CITU कार्यकर्ताओं ने जीत हासिल की। सत्ता में तृणमूल के रहते CITU द्वारा डरा-धमकाकर चुनाव जीतने का सवाल ही नहीं उठता।