SAIL RSP: दिलीप कुमार मिश्रा बने राउरकेला स्टील प्लांट के ईडी मैटेरियल्स मैनेजमेंट
नई जिम्मेदारी संभाली, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट का लंबा अनुभव; राउरकेला, दुर्गापुर और सेलम स्टील प्लांट में निभा चुके हैं अहम नेतृत्वकारी भूमिका। जानिए उनका करियर और अनुभव।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के राउरकेला स्टील प्लांट (RSP) में दिलीप कुमार मिश्रा ने कार्यकारी निदेशक (मैटेरियल्स मैनेजमेंट) यानी Executive Director (Materials Management) का पदभार ग्रहण कर लिया है। तकनीकी और प्रबंधकीय क्षेत्र में लंबा अनुभव रखने वाले मिश्रा इससे पहले सेल के दुर्गापुर और सेलम स्टील प्लांट में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
दिलीप कुमार मिश्रा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक हैं। इसके साथ ही उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री (MBA) भी हासिल की है। उनका सेल से जुड़ाव करीब तीन दशक पुराना है। उन्होंने 1 मार्च 1994 को राउरकेला स्टील प्लांट के एसएमएस-II (इलेक्ट्रिकल) विभाग में असिस्टेंट मैनेजर के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी।
इसके बाद उन्होंने राउरकेला स्टील प्लांट में इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। अपनी कार्यक्षमता और अनुभव के आधार पर प्रबंधकीय जिम्मेदारियों में आगे बढ़ते हुए दिसंबर 2014 तक एसएमएस-II (इलेक्ट्रिकल) के डिप्टी जनरल मैनेजर-इन-चार्ज के पद तक पहुंचे।
जून 2018 में उनका स्थानांतरण दुर्गापुर स्टील प्लांट (DSP) में हुआ। यहां उन्होंने जनरल मैनेजर के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद सिंटरिंग प्लांट के चीफ जनरल मैनेजर, आयरन विभाग के चीफ जनरल मैनेजर-इन-चार्ज, सीएंडआईटी के चीफ जनरल मैनेजर और सर्विसेज के चीफ जनरल मैनेजर-इन-चार्ज जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं।
जनवरी 2024 में उन्हें सेलम स्टील प्लांट (SRCL) में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) की जिम्मेदारी सौंपी गई। नवंबर 2024 में उन्हें कार्यकारी निदेशक (Executive Director) के पद पर पदोन्नति मिली। अब राउरकेला स्टील प्लांट में ईडी (मैटेरियल्स मैनेजमेंट) की नई जिम्मेदारी मिलने के साथ उनकी वापसी उसी संयंत्र में हुई है, जहां से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी।
कच्चे माल की व्यवस्था, इंजीनियरिंग सेवाओं, संयंत्र संचालन और विभिन्न विभागों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का उनका अनुभव मैटेरियल्स मैनेजमेंट के क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई जिम्मेदारी के तहत खरीद प्रक्रिया, आपूर्ति श्रृंखला, सामग्री प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े कार्यों में दक्षता बढ़ाने पर उनका अनुभव उपयोगी साबित हो सकता है।