Durgapur Steel Plant: सीजीएम टाउनशिप का घेराव, सीआइएसएफ जवानों से धक्का-मुक्की, क्वार्टर लाइसेंसिंग समेत 12 मांग

यूनियन का आरोप अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। सड़क, पानी और बिजली की भी दिक्कतें बढ़ती जा रही। सूचनाजी न्यूज, दुर्गापुर। सेल दुर्गापुर स्टील प्लांट के कर्मचारी टाउनशिप की समस्याओं से त्रस्त हो गए हैं। क्वार्टर लाइसेंसिंग, टाउनशिप की खराब सड़कों की मरम्मत, टाउनशिप में पेयजल, बिजली सेवा में सुधार समेत 12 सूत्री मांगों को लेकर इंटक ने नगर प्रशासन भवन के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सीआइएसएफ जवानों से काफी धक्का-मुक्की भी हुई। सीआइएसएफ जवानों ने इंटक नेताओं को भवन में प्रवेश करने से रोका, जि

  • यूनियन का आरोप अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।
  • सड़क, पानी और बिजली की भी दिक्कतें बढ़ती जा रही।
सूचनाजी न्यूज, दुर्गापुर। सेल दुर्गापुर स्टील प्लांट के कर्मचारी टाउनशिप की समस्याओं से त्रस्त हो गए हैं। क्वार्टर लाइसेंसिंग, टाउनशिप की खराब सड़कों की मरम्मत, टाउनशिप में पेयजल, बिजली सेवा में सुधार समेत 12 सूत्री मांगों को लेकर इंटक ने नगर प्रशासन भवन के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सीआइएसएफ जवानों से काफी धक्का-मुक्की भी हुई। सीआइएसएफ जवानों ने इंटक नेताओं को भवन में प्रवेश करने से रोका, जिसको लेकर कर्मचारी नेता भड़क गए थे। शुक्रवार को संगठन के कार्यकर्ता व समर्थक राजीव गांधी स्मारक मैदान से मार्च कर सीजीएम (टाउन सर्विस) कार्यालय के समक्ष पहुंचे। उस समय सीजीएम अरूप दत्ता चौधरी कार्यालय में नहीं थे। इससे कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी। बाद में जब वे पहुंचे, तो एक प्रतिनिधिमंडल ने जाकर उन्हें 12 सूत्री मांगों वाला ज्ञापन सौंपा। संगठन के महासचिव (संयोजक) रजत दीक्षित ने कहा कि टाउनशिप की सेवा चरमरा गयी है। टाउनशिप की सड़कों की हालत ठीक-ठाक नहीं है। बीच-बीच में सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। वे कान में तेल डालकर सो रहे हैं। पानी और बिजली की भी दिक्कतें हैं। टाउनशिप पार्थेनियम के जंगलों से भरे हुए हैं। लेकिन अधिकारी चुप हैं। हम लंबे समय से क्वार्टर लाइसेंसिंग के बारे में बात कर रहे हैं। हम लंबे समय से क्वार्टर लाइसेंसिंग के लिए लड़ रहे हैं और आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन अधिकारी बेपरवाह हैं। अगर अधिकारी नहीं जागे, तो हम एक बड़ा आंदोलन करेंगे। CGM (टाउन सर्विस) अरूप दत्ता चौधरी ने मांगों पर गौर करने का भरोसा दिया। इस मौके पर राबिन गांगुली, शुभंकर बोस, कौशिक बनर्जी, राणा सरकार, उत्पल डे, बासुदेब मुखर्जी, संजीव घोष और दूसरे नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।