बीएसपी में हादसे रोकने ईडी फाइनेंस के नेतृत्व में बनी I2CFT जांच समिति का दिख रहा असर

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात सयंत्र प्रबंधन का कहना है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मेसर्स स्वस्या सोल्यूशन को सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है। इस सलाहकार समिति ने एक प्रभावी सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली तैयार की है, जिसका संयत्र स्तर पर कड़ाई से पालन किया जा रहा हैं और कार्यक्षेत्र के खतरों को कम करने और सुरक्षित कार्यव्यवहार अपनाने हेतु इसे लागू किया जा रहा है। निदेशक प्रभारी अनिर्बान दासगुप्ता की अध्यक्षता में सुरक्षा प्रबंधकारिणी समिति की संरचना की गयी

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात सयंत्र प्रबंधन का कहना है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मेसर्स स्वस्या सोल्यूशन को सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है। इस सलाहकार समिति ने एक प्रभावी सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली तैयार की है, जिसका संयत्र स्तर पर कड़ाई से पालन किया जा रहा हैं और कार्यक्षेत्र के खतरों को कम करने और सुरक्षित कार्यव्यवहार अपनाने हेतु इसे लागू किया जा रहा है।

निदेशक प्रभारी अनिर्बान दासगुप्ता की अध्यक्षता में सुरक्षा प्रबंधकारिणी समिति की संरचना की गयी है। इस समिति मे छह वर्टिकल कार्य प्रणाली सम्मिलित है, जिसमे I2CFT घटना जांच समिति भी शामिल है। डॉ. अशोक कुमार पंडा, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) के अध्यक्षता में incident investigation CFT (cross functional team) द्वारा सभी घटनाओं एवं नियर मिस मामलों कि रिपोर्ट कि गहन जांच कर घटना के मूल कारणों को पहचान कर सुधारात्मक उपायों को अमल में लाया जा रहा है।

I2CFT के गठन के उपरांत संयंत्र में घटित सभी गंभीर और घातक दुर्घटनाओं एवं नियर मिस मामलों को चिन्हित कर एक समय सीमा के अवधि में जांच की गई है और सभी सुधारात्मक कार्यवाहियों को लागू कर दुर्घटनाओं कि पुनरावृत्ति को रोकने का भरसक प्रयास किया गया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी अनिर्बान दासगुप्ता द्वारा I2CFT टीम द्वारा किए गए इन प्रयासों की सराहना की गई एवं इस टीम को बेस्ट सीएफटी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस संबंध में 16 मार्च को I2CFT टीम लीडर डॉ. अशोक कुमार पंडा, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) के सम्मेलन कक्ष में I2CFT के सभी सदस्यों की हौसला अफजाई की गई।

डॉ. पंडा ने उपस्थित सभी क्लस्टर सदस्यों अनूप दत्ता, मुख्य महाप्रबंधक (सिंटर प्लांट), एस के गजभिये, मुख्य महाप्रबंधक (यांत्रिकी), अनीष सेनगुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक (यूआरएम), एस टोकदार, मुख्य महाप्रबंधक (धमन भट्टी), इन्द्रजीत सेनगुप्ता, महाप्रबंधक प्रभारी (कच्चा माल विभाग), बीके महापात्र, मुख्य अग्नि शमन अधिकारी, एनके डेथे, महाप्रबंधक (कनवर्टर), बी मधु पिल्लई, महाप्रबंधक (इंस्ट्रूमेनटेसन), अविलाष पंसारी, सहा महाप्रबंधक (वित्त) एवं अन्य क्लस्टर सदस्य को उनके समर्पित कार्य एवं अथक प्रयासों के लिए बधाई दी। साथ ही संयंत्र के अंदर शून्य अग्नि दुर्घटना/घटना के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी सदस्यों से सामूहिक रूप से कार्य करने का आग्रह किया।