बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम की तकनीकी खामियों से कर्मचारी परेशान, मोबाइल पर BAMS नहीं खुलने से बढ़ी परेशानी

तकनीकी समस्या के कारण रात्रि पाली में काम करने वाले कर्मचारी अपनी शिफ्ट सर्टिफाई नहीं कर पा रहे थे। 2 अक्टूबर के एक्स्ट्रा वेज के लिए आवेदन करने तथा महीने के अंत में छुट्टियों का विवरण भरने और छुट्टी आवेदन करने में भी परेशानी रही।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र में बायोमैट्रिक अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम (BAMS) लागू हुए लगभग ढाई साल बीत चुके हैं, लेकिन इसकी तकनीकी खामियों से कर्मचारियों को आज भी निजात नहीं मिल पाई है। पिछले 10 दिनों से https://bams.sail-bhilaisteel.com/login लिंक मोबाइल पर नहीं खुल रहा है, जबकि प्लांट नेटवर्क से इसे खोलने पर सिस्टम काम कर रहा है। सभी कर्मचारियों को प्लांट के कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मोबाइल पर निर्भर कर्मचारियों के लिए अपनी हाजिरी देखना और आवश्यक आवेदन करना मुश्किल हो गया है।

हाजिरी, रात्रि पाली और छुट्टी आवेदन पर संकट 

इस तकनीकी समस्या के कारण रात्रि पाली में काम करने वाले कर्मचारी अपनी शिफ्ट सर्टिफाई नहीं कर पा रहे हैं। 2 अक्टूबर के एक्स्ट्रा वेज के लिए आवेदन करने तथा महीने के अंत में छुट्टियों का विवरण भरने और छुट्टी आवेदन करने में भी परेशानी होती रही है। अक्टूबर महीने का आखिरी दिन रहा, लेकिन कर्मचारी सिस्टम नहीं खुलने के कारण दिनभर परेशान नज़र आए। कई कर्मचारी आपस में और अधिकारियों को फोन कर शिकायत भी कर चुके हैं, इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

मेंटेनेंस की अनदेखी, कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ 

चिंता की बात यह है कि फेस रीडिंग मशीन के सामने खड़े होकर अटेंडेंस लगाने के बावजूद कई बार हाजिरी दर्ज नहीं होने की शिकायतें मिल रही हैं। मोबाइल पर सिस्टम नहीं खुलने से कर्मचारी अपनी उपस्थिति की पुष्टि भी नहीं कर पा रहे हैं, जिससे अनुपस्थिति दर्ज होने का खतरा बना रहता है। ढाई साल बाद भी सिस्टम की इन बुनियादी खामियों का बने रहना इसके रखरखाव और तकनीकी मेंटेनेंस पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 

प्रबंधन को तत्काल मोबाइल एक्सेस बहाल करने, फेस रीडिंग मशीनों की तकनीकी खामियां दूर करने तथा कर्मचारियों को होने वाली परेशानियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। तकनीकी विफलता का खामियाजा कर्मचारियों को नहीं भुगतना चाहिए।