दुनिया में स्टील की मांग 2026 में स्थिर, 2027 में 1.7% वृद्धि का अनुमान; भारत सबसे तेज बढ़ने वाला बाजार, चीन को झटका

भारत में 2026 में 172.4 मिलियन टन और 2027 में 186.2 मिलियन टन पहुंचेगी स्टील की मांग, चीन में लगातार गिरावट की आशंका।

सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। वैश्विक इस्पात उद्योग के लिए वर्ष 2026 में मांग की तस्वीर उम्मीद से कमजोर रहने का अनुमान है। हालांकि, वर्ष 2027 में स्टील की मांग में तेजी से सुधार होने की उम्मीद जताई गई है। वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन (World Steel Association-Worldsteel) ने अपने शॉर्ट रेंज आउटलुक (SRO) में अनुमान लगाया है कि वैश्विक स्टील मांग 2026 में लगभग स्थिर रहते हुए 1,722 मिलियन टन रहेगी। इसके बाद 2027 में इसमें 1.7 प्रतिशत की वृद्धि होगी और मांग बढ़कर 1,752 मिलियन टन तक पहुंच सकती है।

वर्ल्डस्टील की अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्टील बाजार में सुधार की प्रक्रिया जारी है, लेकिन इसकी गति अप्रैल में लगाए गए अनुमान से धीमी है। चीन में संपत्ति बाजार और बुनियादी ढांचा निवेश की कमजोरी के कारण वैश्विक मांग पर दबाव बना हुआ है। दूसरी ओर, चीन को छोड़कर शेष दुनिया में स्टील की मांग में वृद्धि की संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं।

2027 में वैश्विक स्टील उद्योग को मिल सकती है मजबूती

वर्ल्डस्टील की इकोनॉमिक्स कमेटी के चेयरमैन अल्फोंसो हिडाल्गो डी काल्सेराडा ने कहा कि अप्रैल में व्यक्त किए गए व्यापक अनुमान की दिशा अभी भी कायम है, लेकिन अपेक्षित सुधार अधिक धीमा और क्रमिक साबित हो रहा है।

उन्होंने बताया कि पहले 2026 में वैश्विक स्टील मांग में मामूली वृद्धि का अनुमान था, लेकिन अब इसके स्थिर रहने की संभावना है। इसी तरह, 2027 में वृद्धि का अनुमान पहले 2.2 प्रतिशत था, जिसे संशोधित कर 1.7 प्रतिशत कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि इस संशोधन का अधिकांश हिस्सा चीन की आर्थिक परिस्थितियों से जुड़ा है। चीन को छोड़कर बाकी दुनिया में स्टील की मांग 2026 में 1.5 प्रतिशत बढ़ने और 2027 में 4 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज करने का अनुमान है।

इन नीतियों से स्टील की खपत को सहारा मिल सकता है

विकसित देशों में औद्योगिक गतिविधियों के स्थिर होने के बाद 2027 में व्यापक सुधार की उम्मीद है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े निवेश, रक्षा क्षेत्र पर खर्च, ऊर्जा परिवर्तन, बेहतर घरेलू आय और सरकारी नीतियों से स्टील की खपत को सहारा मिल सकता है।

हालांकि, मध्य पूर्व में जारी अस्थिरता और ऊर्जा बाजार में व्यवधान वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम बने हुए हैं। रिपोर्ट में उपलब्ध आंकड़े सितंबर 2026 की शुरुआत तक की परिस्थितियों पर आधारित हैं।

चीन में स्टील की मांग घटने का अनुमान

चीन में संपत्ति बाजार की सुस्ती और बुनियादी ढांचा निवेश में कमजोरी के कारण स्टील की मांग में गिरावट जारी रहने की संभावना है। वर्ल्डस्टील ने चीन में 2026 के लिए स्टील मांग में 2 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया है। अप्रैल में जारी पूर्वानुमान की तुलना में यह कमजोर स्थिति है। रियल एस्टेट निवेश में गिरावट उम्मीद के मुताबिक धीमी नहीं हुई है। बुनियादी ढांचा निवेश से भी इस वर्ष अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। चीन के विनिर्माण क्षेत्र में निर्यात के सहारे वृद्धि जारी है, लेकिन इससे संपत्ति बाजार और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कमजोरी की पूरी भरपाई नहीं हो पा रही है।

वर्ष 2027 में चीन की स्टील मांग में गिरावट घटकर 1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हालांकि, संपत्ति बाजार में कमजोरी बनी रह सकती है। निर्यात में संभावित बाधाएं और व्यापारिक तनाव चीन के स्टील उद्योग के लिए प्रमुख जोखिम होंगे।

भारत में स्टील की मांग 8 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद

भारत वैश्विक इस्पात बाजार में सबसे तेजी से बढ़ने वाला प्रमुख बाजार बना हुआ है। वर्ल्डस्टील के मुताबिक, भारत में स्टील की मांग 2026 में 7.9 प्रतिशत बढ़कर 172.4 मिलियन टन तक पहुंच सकती है। वर्ष 2027 में भी 8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ मांग 186.2 मिलियन टन होने का अनुमान है। भारत में स्टील की खपत बढ़ने के पीछे बुनियादी ढांचा निर्माण प्रमुख कारक है। सड़क, परिवहन, निर्माण और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से स्टील की मांग को लगातार समर्थन मिल रहा है।

निजी रियल एस्टेट क्षेत्र में भी मांग मजबूत बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, विनिर्माण गतिविधियों में वृद्धि, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की बड़ी पाइपलाइन और औद्योगिक उत्पादन क्षमता का विस्तार स्टील की खपत को बढ़ावा दे रहे हैं। इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल मशीनरी क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियां भी इस्पात की मांग को मजबूती दे रही हैं। ऑटोमोबाइल उत्पादन को घरेलू मांग, निर्यात और नीतिगत समर्थन से लाभ मिलने का अनुमान है। भारत की यह वृद्धि वैश्विक स्टील उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि चीन में मांग घटने के बावजूद भारतीय बाजार में लगातार विस्तार की संभावनाएं बनी हुई हैं।

विकासशील देशों में 2027 में तेज सुधार

चीन को छोड़कर विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में स्टील की मांग 2026 में 1.9 प्रतिशत और 2027 में 5.1 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। मध्य पूर्व में संघर्ष के कारण इस वर्ष मांग की वृद्धि प्रभावित हुई है। इससे पहले यह क्षेत्र वैश्विक स्टील बाजार में तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में शामिल था। हालांकि, अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में मांग की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है।

दक्षिण-पूर्व एशिया के पांच प्रमुख देशों (ASEAN-5) में स्टील की मांग 2026 में 5.2 प्रतिशत और 2027 में 3.2 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। वियतनाम इस क्षेत्र में प्रमुख बाजार के रूप में उभरा है। वहां आवासीय और व्यावसायिक निर्माण तथा सरकारी निवेश कार्यक्रमों के कारण स्टील की खपत बढ़ रही है। इस वर्ष वियतनाम में स्टील का उपयोग पहली बार लगभग 30 मिलियन टन तक पहुंचने की संभावना है।

खाड़ी देशों में 11 प्रतिशत गिरावट के बाद सुधार की उम्मीद

खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों में स्टील की मांग 2025 में 17.7 प्रतिशत बढ़ी थी। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में आवासीय निर्माण, आर्थिक विविधीकरण और परियोजनाओं के विस्तार से इस वृद्धि को समर्थन मिला था।

लेकिन मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण 2026 में GCC क्षेत्र की स्टील मांग लगभग 11 प्रतिशत घटने का अनुमान है। परियोजनाओं के आवंटन, निर्माण कार्य की शुरुआत और वित्तीय निर्णयों में देरी से मांग प्रभावित हो रही है।

वर्ल्डस्टील के अनुसार, यह गिरावट मांग के पूरी तरह समाप्त होने के बजाय परियोजनाओं के टलने को दर्शाती है। सुरक्षा संबंधी अनिश्चितता दूर होने, होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने और आपूर्ति शृंखला सामान्य होने पर मांग में मजबूत वापसी हो सकती है। वर्ष 2027 में GCC क्षेत्र की मांग 11.3 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।

यूरोप और अमेरिका में भी सुधार के संकेत

विकसित देशों में स्टील की मांग 2026 में 1 प्रतिशत और 2027 में 2.2 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है। हालांकि, इस सुधार की सीमा को ध्यान में रखना जरूरी है। वर्ष 2025 में विकसित दुनिया का स्टील बाजार 2017-2018 के स्तर से लगभग 60 मिलियन टन, यानी 15 प्रतिशत छोटा था। 2026 और 2027 में अनुमानित वृद्धि से इस अंतर का केवल एक हिस्सा ही पूरा हो सकेगा।

यूरोपीय संघ में स्टील की मांग 2026 में 0.3 प्रतिशत घटने और 2027 में 3.1 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। निर्माण क्षेत्र में सुधार धीमा है और ऑटोमोबाइल उद्योग पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, बुनियादी ढांचे, रक्षा, ऊर्जा और रेल परियोजनाओं में निवेश से 2027 में सुधार की उम्मीद है।

अमेरिका में 2026 में स्टील की मांग 2 प्रतिशत बढ़ सकती है। डेटा सेंटर, ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा और चुनिंदा विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश इसका प्रमुख आधार है। वर्ष 2027 में मांग में लगभग 1.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। आवास निर्माण क्षेत्र में ऊंची मॉर्गेज दरों और निर्माण लागत के कारण कमजोरी बने रहने की आशंका है।

जापान में स्टील की मांग 2026 में 0.9 प्रतिशत और 2027 में 1.7 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। दक्षिण कोरिया में यह वृद्धि क्रमशः 1.8 प्रतिशत और 1.3 प्रतिशत रह सकती है। दोनों देशों में निर्माण, मशीनरी, ऑटोमोबाइल और जहाज निर्माण क्षेत्र में सीमित सुधार की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, वर्ल्डस्टील का अक्टूबर 2026 का पूर्वानुमान बताता है कि चीन की कमजोर मांग वैश्विक स्टील उद्योग की वृद्धि को सीमित कर रही है। इसके बावजूद भारत सहित चीन के बाहर के बाजारों में मजबूत संभावनाएं बनी हुई हैं। वर्ष 2027 में बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, रक्षा, विनिर्माण और निर्माण क्षेत्र में निवेश बढ़ने से वैश्विक इस्पात उद्योग को नई गति मिल सकती है।