बोकारो स्टील प्लांट में Green Heaven Garden, DIC-ED के पड़े कदम

इस उद्यान में बैठने की ब्यवस्था के साथ पाथ-वे का भी निर्माण किया गया,जो इस उद्यान के आकर्षण का केंद्र है। सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल के बोकारो स्टील प्लांट-बीएसएल (SAIL - Bokaro Steel plant BSL) के हॉट स्ट्रिप मिल के रीहीटिंग फर्नेस एरिया के समीप सीईडी तथा हॉट स्ट्रिप मिल विभाग के संयुक्त प्रयास के द्वारा नव-विकसित ग्रीन हेवन गार्डेन तैयार किया गया है। ये खबर भी पढ़ें : सेल राउरकेला इस्पात संयंत्र: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य जातोयु हुसैन पहुंचे आरएसपी इसका उद्घाटन निदेशक प्रभारी बीरे

  • इस उद्यान में बैठने की ब्यवस्था के साथ पाथ-वे का भी निर्माण किया गया,जो इस उद्यान के आकर्षण का केंद्र है।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल के बोकारो स्टील प्लांट-बीएसएल (SAIL - Bokaro Steel plant BSL) के हॉट स्ट्रिप मिल के रीहीटिंग फर्नेस एरिया के समीप सीईडी तथा हॉट स्ट्रिप मिल विभाग के संयुक्त प्रयास के द्वारा  नव-विकसित ग्रीन हेवन गार्डेन तैयार किया गया है। ये खबर भी पढ़ें: सेल राउरकेला इस्पात संयंत्र: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य जातोयु हुसैन पहुंचे आरएसपी इसका उद्घाटन निदेशक प्रभारी बीरेंद्र कुमार तिवारी के द्वारा किया गया। इस मौके पर अधिशासी निदेशक (संकार्य) सीआर महापात्रा, अधिशासी निदेशक (वित्त एवं लेखा) सुरेश रंगानी, अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) राजश्री बनर्जी, अधिशासी निदेशक (माइंस) विकास मनवटी, अधिशासी निदेशक (सामग्री प्रबंधन) सीआर मिश्रा, बीजीएच के प्रभारी डॉ बीबी करुणामय तथा विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष तथा वरीय अधिशासी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। बीएसएल के शीर्ष प्रबंधन के द्वारा उद्यान के उद्घाटन के साथ-साथ यहाँ स्मृति वृक्ष भी लगाया गया। ये खबर भी पढ़ें: बोकारो स्टील प्लांट ने जानवरों के लिए लगाया कूलर-पंखा, ठंडा-ठंडा-कूल-कूल इस उद्यान में बैठने की ब्यवस्था के साथ पाथ-वे का भी निर्माण किया गया,जो इस उद्यान के आकर्षण का केंद्र है। मुख्य महाप्रबंधक (सीईडी) शालीग्राम सिंह ने इस अवसर पर बताया कि प्लांट परिसर में और भी ऐसे उद्यानों का निर्माण तथा जीर्णोधार किया जा रहा है। ये खबर भी पढ़ें: Bhilai Steel Plant में बड़ी घटना: ब्लास्ट फर्नेस 7 के जले ट्यूअर्स और कूलर, प्रोडक्शन ठप, सेक्टर 9 हॉस्पिटल-टाउनशिप रहा अंधेरे में इस स्थल को विकसित कर एक गार्डेन का रूप देने में सी.ई.डी के सहायक महा प्रबंधक विभाष चंद्रा और अन्य सहकर्मियों का अहम योगदान रहा। ये खबर भी पढ़ें: SAIL Rourkela Steel Plant: स्कूली बच्चों को मिलेगा बोतल बंद दूध, एमओयू का नवीनीकरण