RINL Accident: मानवाधिकार आयोग की बड़ी कार्रवाई, 9 श्रमिकों की मौत का स्वतः संज्ञान, आंध्र प्रदेश सरकार को नोटिस
NHRC Action on RINL Blast: 9 श्रमिकों की मौत पर मानवाधिकार आयोग सख्त। विशाखापत्तनम स्टील प्लांट हादसा, सुरक्षा लापरवाही के आरोपों की होगी जांच। RINL Blast Update: 1600 डिग्री तापमान में हुआ था विस्फोट, 9 मजदूरों की मौत पर हो चुकी है। सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली/विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के स्टील प्लांट में हुए भीषण विस्फोट और आग के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने हादसे में 9 श्रमिकों की मौत और छह अन
- NHRC Action on RINL Blast: 9 श्रमिकों की मौत पर मानवाधिकार आयोग सख्त।
- विशाखापत्तनम स्टील प्लांट हादसा, सुरक्षा लापरवाही के आरोपों की होगी जांच।
- RINL Blast Update: 1600 डिग्री तापमान में हुआ था विस्फोट, 9 मजदूरों की मौत पर हो चुकी है।
सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली/विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के स्टील प्लांट में हुए भीषण विस्फोट और आग के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने हादसे में 9 श्रमिकों की मौत और छह अन्य के गंभीर रूप से घायल होने की घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है।
एनएचआरसी ने कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्टों में प्रकाशित तथ्य सही हैं, तो यह मामला श्रमिकों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में आता है। आयोग ने राज्य सरकार से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी के आरोप
श्रमिक संगठनों ने इस हादसे के लिए संयंत्र प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी का आरोप लगाया है। यूनियनों का कहना है कि समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए जाते तो इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी। इन्हीं आरोपों को गंभीरता से लेते हुए एनएचआरसी ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है।
ये खबर भी पढ़ें: SAIL-Railway Coach Factory Project: अधीर रंजन चौधरी ने अश्विनी वैष्णव को भेजा प्रस्ताव, पढ़ें
1600 डिग्री तापमान पर हुआ था भयावह विस्फोट
8 जून 2026 को वाइजैग स्टील प्लांट की ‘स्टील मेल्टिंग शॉप’ में लगभग 150 टन तरल स्टील को एक लेडल के माध्यम से ले जाया जा रहा था। उस समय स्टील का तापमान करीब 1600 डिग्री सेल्सियस था।
अचानक पात्र में विस्फोट हो गया, जिससे पिघला हुआ स्टील पूरे कार्यस्थल पर फैल गया। विस्फोट इतना भीषण था कि कई श्रमिक उसकी चपेट में आ गए। हादसे में 9 श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कम से कम छह अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।
ये खबर भी पढ़ें: SAIL Bokaro Steel Plant Recruitment for Young Professionals: 1 लाख 40 हजार तक सैलरी, आवेदन शुरू, अंतिम तारीख 1 जुलाई
मुआवजा और घायलों की स्थिति पर मांगा जवाब
मानवाधिकार आयोग ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार द्वारा भेजी जाने वाली रिपोर्ट में घायल श्रमिकों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति का पूरा विवरण शामिल होना चाहिए। इसके साथ ही आयोग ने यह भी पूछा है कि मृतकों के परिजनों तथा घायलों को कितनी मुआवजा राशि दी गई है और भुगतान की प्रक्रिया किस स्थिति में है।
ये खबर भी पढ़ें: Visakhapatnam Steel Plant Accident: सीटू बोला-सुरक्षा से समझौते और निजीकरण की राजनीति का खतरनाक रिज़ल्ट, BSP भी उसी मॉडल पर
देशभर में उठे सुरक्षा मानकों पर सवाल
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुए इस हादसे ने एक बार फिर देश के भारी उद्योगों में श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रमिक संगठनों का कहना है कि उत्पादन बढ़ाने की होड़ में कई बार सुरक्षा मानकों से समझौता किया जाता है, जिसका खामियाजा कर्मचारियों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है। अब सभी की नजरें एनएचआरसी की जांच और राज्य सरकार की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सकेगी।
ये खबर भी पढ़ें: बिकने नहीं देंगे सेक्टर 9 हॉस्पिटल: कलेक्टर साहब आप भी कुछ कीजिए, बीएसपी सबकुछ छुपा रहा