INTUC: एरियर, इंसेंटिव, प्रमोशन, न्यूनतम वेतन, रिटेंशन स्कीम और चाहिए 650 वर्ग फीट तक के मकान लाइसेंस पर
बीएसपी प्रबंधन के साथ बैठक में इंटक ने उठाईं कर्मचारियों की समस्याएं, जल्द समाधान की मांग। वेतन समझौते के बकाया एरियर, इंसेंटिव स्कीम, प्रमोशन, सेक्टर-9 अस्पताल और टाउनशिप आवास सहित विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन एवं यूनियनों के बीच सीधे संवाद के तहत इस्पात भवन में आयोजित बैठक में स्टील एम्प्लाइज यूनियन इंटक ने कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया। बैठक में कार्यपालक निदेशक (एचआर) पवन कुमार, सीजीएम (एचआर) प्रशांत ओझा, अतुल नौटियाल, संजय द्विवेदी, सुरजीत मलिक तथा जीएम (आईआर) राजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में स्टील एम्प्लाइज यूनियन इंटक के कार्यकारी अध्यक्ष पूरन वर्मा एवं महासचिव संजय कुमार साहू ने प्रबंधन के समक्ष कर्मचारियों की समस्याओं को रखते हुए उनके शीघ्र निराकरण की मांग की।
इंटक ने उठाईं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
इंटक यूनियन ने 1 जनवरी 2017 के वेतन समझौते के अंतर्गत लंबित 39 माह के एरियर सहित अन्य लंबित मुद्दों का जल्द समाधान करने की मांग की। उन्होंने वर्ष 2007 से चली आ रही इंसेंटिव स्कीम को वर्तमान उत्पादन एवं उत्पादकता के अनुरूप संशोधित करने के लिए तत्काल कमेटी गठित करने तथा नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम शीघ्र शुरू करने पर जोर दिया।
इंटक ने नए वेतन समझौते के लिए जल्द कमेटी गठित कर वर्ष 2027 में वेतन समझौता संपन्न कराने की मांग भी रखी। इसके साथ ही भिलाई इस्पात संयंत्र में यूनियन की सदस्यता सत्यापन (मेंबरशिप वेरिफिकेशन) के लिए चुनाव जल्द कराने की आवश्यकता बताई। कर्मचारियों की पदोन्नति संबंधी समस्याओं पर चर्चा करते हुए यूनियन ने एस-5 से एस-6 में प्रमोशन के दौरान आ रही दिक्कतों को दूर करने तथा तीन वर्ष की सेवा के बाद एस-6 में पदोन्नति देने की मांग की।
सेक्टर-9 अस्पताल और चिकित्सा सुविधाओं पर चर्चा
इंटक यूनियन ने सेक्टर-9 अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार करने तथा अस्पताल के निजीकरण को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
टाउनशिप आवास सुविधाओं में सुधार की मांग
इंटक ने टाउनशिप में आवास संबंधी समस्याओं को उठाते हुए वेलकम स्कीम के तहत निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने, रिटेंशन स्कीम लागू करने तथा 650 वर्गफीट तक के आवासों को लाइसेंस पद्धति के अंतर्गत उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त आवास आवंटन में 'सब्जेक्ट टू वेकेशन' व्यवस्था शीघ्र लागू करने की बात कही। इंटक यूनियन ने संयंत्र परिसर में स्वच्छ पेयजल, बेहतर कैंटीन, स्वच्छ शौचालय तथा कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी बताई।
प्रबंधन ने समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन
चर्चा के दौरान कार्यपालक निदेशक (एचआर) पवन कुमार एवं मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन प्रशांत ओझा ने पदोन्नति नीति में जल्द सुधार करने की बात कही। उन्होंने बताया कि संयंत्र के भीतर स्वच्छ पेयजल की सुविधा बढ़ाने के लिए 500 वाटर प्यूरीफायर एवं वाटर कूलर लगाए जाएंगे।
सेक्टर-9 अस्पताल के संबंध में प्रबंधन की ओर से कहा गया कि अस्पताल का निजीकरण नहीं किया जाएगा। हालांकि, चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं। प्रबंधन ने यह भी बताया कि मॉडल कैंटीन, अन्य कैंटीनों तथा शौचालयों की स्थिति में सुधार के लिए कार्य किए जा रहे हैं और इसके लिए बजट भी निर्धारित किया गया है। इंसेंटिव स्कीम एवं नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम के मुद्दे पर उच्च प्रबंधन से चर्चा करने की बात कही गई।
ठेका श्रमिकों के वेतन और सुरक्षा पर भी हुई चर्चा
बैठक में ठेका श्रमिकों की वेतन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं बेहतर बनाने का मुद्दा भी उठाया गया। प्रबंधन ने बताया कि ठेका श्रमिकों के वेतन भुगतान को व्यवस्थित करने के लिए एस्क्रो अकाउंट खोले जाने की प्रक्रिया चल रही है। केंद्रीय न्यूनतम वेतन लागू करने के विषय में श्रम विभाग से दिशा-निर्देश प्राप्त होने के बाद आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात भी कही गई। बैठक के अंत में प्रबंधन ने संयंत्र में सुरक्षित कार्य प्रणाली, बेहतर उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए यूनियनों से सक्रिय सहभागिता की अपेक्षा की।
स्टील एम्प्लाइज यूनियन इंटक ने उम्मीद जताई कि बैठक में उठाए गए कर्मचारियों के लंबित मुद्दों पर प्रबंधन शीघ्र ठोस कदम उठाएगा, ताकि कर्मचारियों को उनका उचित लाभ मिले और संयंत्र में बेहतर औद्योगिक संबंध कायम रहें।