SAIL चेयरमैन सोमा मंडल की विदाई से पहले 39 माह का एरियर मिलना मुश्किल, WhatsApp-Facebook नहीं, सड़क की होगी लड़ाई
एनजेसीएस नेताओं ने संयुक्त आंदोलन का दिया संकेत। अप्रैल में चेयरमैन से मीटिंग कर मामला हल कराने की कोशिश। अज़मत अली, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (Steel Authority of India Limited) सेल प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच गहराई बढ़ती जा रही है। कर्मचारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। 39 महीने का बकाया एरियर भुगतान अब तक नहीं हुआ है। इसको लेकर न कोई मीटिंग बुलाई जा रही है और न ही आधिकारिक रूप से कुछ बोला जा रहा है। ये खबर भी पढ़ें: Auto Expo 2023: छत्तीसगढ़ में खरीदें कोई भी गाड़ी, टैक्स में प
- एनजेसीएस नेताओं ने संयुक्त आंदोलन का दिया संकेत। अप्रैल में चेयरमैन से मीटिंग कर मामला हल कराने की कोशिश।
अज़मत अली, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (Steel Authority of India Limited) सेल प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच गहराई बढ़ती जा रही है। कर्मचारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। 39 महीने का बकाया एरियर भुगतान अब तक नहीं हुआ है। इसको लेकर न कोई मीटिंग बुलाई जा रही है और न ही आधिकारिक रूप से कुछ बोला जा रहा है।
नेशनल ज्वाइंट कमेटी फॉर स्टील इंडस्ट्री-एनजेसीएस की मीटिंग 20 मार्च के बाद बुलाने का आश्वासन कारपोरेट आफिस ने दिया था, लेकिन इस पर भी कोई अमल नहीं हुआ। एनजेसीएस नेता भी प्रबंधन के रवैये पर तिलमिलाए हुए हैं। वाट्सएप-फेसबुक पर लिखने मात्र से कुछ नहीं हो रहा है, इसलिए जमीन पर उतरने की बात नेताओं ने बोल दिया है।
संयुक्त आंदोलन का माहौल बनने जा रहा है। रांची में सेफ्टी पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे नेताओं ने आपस में बातचीत करके जल्द ही संयुक्त मीटिंग करने का प्लान बनाया है, क्योंकि यूनियनों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है।
सेल चेयरमैन सोमा मंडल अप्रैल में रिटायर हो जाएंगी। एनजेसीएस नेताओं का पूरा जोर है कि मैडल की विदाई से पहले लंबित मामला हल करा लिया जाए। अप्रैल में एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचेगा। अगर, वहां से मायूसी हाथ लगी तो आंदोलन का एलान कर दिया जाएगा।
एनजेसीएस सदस्य व बोकारो के इंटक नेता बीरेंद्र नाथ चौबे ने Suchnaji.com को बताया कि यूनाइटेड फाइट ही अब करने की नौबत आ गई है। मैनेजमेंट कोई रिस्पांश नहीं करता है। सेल प्रबंधन से अप्रैल में मिलेंगे। इसके बाद ज्वाइंट प्रोटेस्ट शुरू होगा। दिशा और दशा इंटक ही तय करेगा। एचएमएस, सीटू, एटक नेताओं से बातचीत हो रही है।
वहीं, एनजेसीएस सदस्य व एचएमएस बोकारो के नेता राजेंद्र सिंह ने कहा कि सेल प्रबंधन ने 20 मार्च के बाद मीटिंग का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। मैडम के जाने से पहले सब क्लियर कराने पर फोकस है, ताकि नए चेयरमैन के आने के बाद मामले को उलझने से बचाया जा सके। नाइट शिफ्ट एलाउंस और ठेका मजदूर का मामला मीटिंग होते ही तय हो जाएगा।
राजेंद्र सिंह ने कहा कि वेज रिवीजन होने के बाद से कर्मचारी भी शांत हो गए हैं। वाट्सएप में लड़ने से कुछ नहीं होगा, जमीन पर लड़ना होगा। जब जमीन पर बुलाया जाता है तो कोई आता नहीं है। प्रबंधन इसी कमजोरी का फायदा उठाती है। वैसे, हम लोगों ने आपस में बात किया है। जल्द ही आंदोलन का रूप दिखेगा।