बोकारो स्टील प्लांट में हजारों कर्मचारियों-अधिकारियों की जान खतरे में, CM हेमंत सोरेन से SEFI की ये गुहार

बोकारो स्टील प्लांट में गंभीर स्थिति पर सेफी चिंतित, झारखंड के मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग। 15 हजार से अधिक कार्मिकों की सुरक्षा, औद्योगिक व्यवस्था की बहाली के लिएए अपील।

सूचनाजी न्यूज, बोकारो। स्टील एग्जीक्यूटिव्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (सेफी) के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार बंछोर ने बोकारो स्टील प्लांट में उत्पन्न गंभीर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर संयंत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संयंत्र परिसर में फंसे कर्मचारियों, अधिकारियों एवं ठेका श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा औद्योगिक गतिविधियों को शीघ्र सामान्य बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया है।

श्री बंछोर ने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट देश की एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय औद्योगिक संपत्ति है। इसका सुचारु संचालन देश की औद्योगिक प्रगति, झारखंड की अर्थव्यवस्था तथा बोकारो क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस संयंत्र से हजारों परिवारों की आजीविका प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है। ऐसे में संयंत्र में उत्पन्न मौजूदा स्थिति न केवल उत्पादन एवं आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर रही है, बल्कि कार्मिकों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने बताया कि बोकारो स्टील प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस 4 का भी उत्पादन ठप हो गया है। इसके कारण इस्पात गलनशाला, कोक ओवन, ऑक्सीजन प्लांट तथा अन्य संबद्ध इकाइयों का संचालन भी प्रभावित होने की आशंका है। उत्पादन में इस प्रकार का व्यवधान संयंत्र को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ संवेदनशील औद्योगिक प्रक्रियाओं के संचालन एवं सुरक्षा के लिए भी चुनौती उत्पन्न कर सकता है।

एनके बंछोर ने संयंत्र परिसर के भीतर लगभग 15,000 से अधिक कर्मचारियों, अधिकारियों एवं ठेका श्रमिकों के फंसे होने की जानकारी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा, कुशलक्षेम तथा सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी औद्योगिक विवाद या आंदोलन के दौरान कार्मिकों की सुरक्षा एवं आवश्यक आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

विदित हो कि बोकारो में विस्थापित समूहों द्वारा नियोजन की मांग को लेकर 10 अक्टूबर से भूख हड़ताल की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहले संयंत्र के मुख्य द्वार को छोड़कर अन्य द्वारों पर अवरोध उत्पन्न किया गया और 17 अक्टूबर को मुख्य द्वार भी अवरुद्ध कर दिया गया। इससे संयंत्र की सामान्य गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं।

सेफी का झारखंड सरकार से निवेदन

सेफी ने झारखंड सरकार से अनुरोध किया है कि बोकारो स्टील प्लांट में तत्काल हस्तक्षेप कर शांति एवं सामान्य स्थिति बहाल की जाए। संयंत्र परिसर में मौजूद सभी कार्मिकों की सुरक्षा एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाए। सभी प्रवेश एवं निकास द्वारों पर सामान्य आवागमन बहाल करने के साथ आवश्यक सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। 

नरेन्द्र कुमार बंछोर ने विश्वास व्यक्त किया कि झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री इस गंभीर परिस्थिति का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देंगे। उन्होंने कहा कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई करना कार्मिकों के जीवन की सुरक्षा, औद्योगिक व्यवस्था बहाल करने तथा देश की इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति को संभावित नुकसान से बचाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

सेफी के वाइस चेयरमैन अजय कुमार पांडेय ने आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार के त्वरित हस्तक्षेप एवं सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से बोकारो स्टील प्लांट में शीघ्र सामान्य स्थिति बहाल होगी और इस संकट का शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बोकारो स्टील ऑफिसर्स एसोसिएशन (BSOA) महासचिव बोले...

बोकारो स्टील प्लांट के सभी गेट बंद किए जाने तथा प्लांट के अंदर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के फँसे होने की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए स्टील एक्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया (SEFI) के उपाध्यक्ष एवं बोकारो स्टील ऑफिसर्स एसोसिएशन (BSOA) के महासचिव श्री अजय कुमार पांडेय ने सभी संबंधित पक्षों से इस गतिरोध को शीघ्र समाप्त करने की अपील की है।

श्री पांडेय ने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट देश की एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति है। इसका सुचारु संचालन न केवल देश की औद्योगिक प्रगति, बल्कि झारखंड राज्य की अर्थव्यवस्था और बोकारो के समग्र विकास के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्लांट से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से आकर यहाँ काम करने वाले कर्मचारी, ठेका श्रमिक, ठेकेदार, दुकानदार एवं अन्य व्यवसायी भी इससे लाभान्वित होते हैं।

उन्होंने कहा कि प्लांट के सभी गेट बंद होने से अधिकारियों एवं कर्मचारियों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। ऐसी परिस्थिति में किसी की तबीयत खराब होने या अन्य आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर गंभीर कठिनाइयाँ पैदा हो सकती हैं। इसलिए आपातकालीन सेवाओं और लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

 यह ध्यान रखना आवश्यक है कि समस्याओं के समाधान के प्रयास में प्लांट का संचालन बाधित न हो और हजारों अन्य परिवारों की आजीविका पर संकट उत्पन्न न हो।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी माँगों को रखना प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन प्लांट के सभी गेट बंद कर देना और उसके संचालन को प्रभावित करना किसी भी पक्ष के हित में नहीं है। धरना-प्रदर्शन के साथ-साथ आपसी संवाद, सहयोग और सकारात्मक पहल के माध्यम से समाधान का रास्ता निकालना आवश्यक है।

बोकारो स्टील प्लांट का हित, बोकारो की प्रगति, झारखंड का विकास और हजारों परिवारों की आजीविका एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। अतः ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए, जिससे सभी पक्षों के हित सुरक्षित रहें, प्लांट का सामान्य संचालन बहाल हो और देश एवं राज्य की प्रगति निरंतर जारी रहे।