NJCS Meeting Update: SAIL प्रबंधन मजदूरों का महज ढाई हजार बढ़ाने पर अड़ा, यूनियनें बोलीं-8 हजार बढ़ाएं, बगैर फैसला ही मीटिंग खत्म
मीटिंग के फर्स्ट हाफ तक इस्पात उत्पादन, प्रक्रिया और मजदूरों के योगदान पर विस्तार से जानकारी साझा की गई। अज़मत अली, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (Steel Authority Of India Limited) के ठेका मजदूरों का हाल भी नियमित कर्मचारियों जैसा हो गया है। प्रबंधन ने वेतन वृद्धि का ऐसा प्रस्ताव दिया कि जिसे सभी यूनियनों ने खारिज कर दिया है। प्रबंधन के रवैये को देखते हुए हर कोई हैरान है। महज 850 रुपए तक की वृद्धि की बात सुनकर यूनियन नेता तिलमिला गए, जबकि एनजेसीएस यूनियन नेताओं ने करीब हजार रुपए वृद्धि क
- मीटिंग के फर्स्ट हाफ तक इस्पात उत्पादन, प्रक्रिया और मजदूरों के योगदान पर विस्तार से जानकारी साझा की गई।
अज़मत अली, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (Steel Authority Of India Limited) के ठेका मजदूरों का हाल भी नियमित कर्मचारियों जैसा हो गया है। प्रबंधन ने वेतन वृद्धि का ऐसा प्रस्ताव दिया कि जिसे सभी यूनियनों ने खारिज कर दिया है। प्रबंधन के रवैये को देखते हुए हर कोई हैरान है।
महज 850 रुपए तक की वृद्धि की बात सुनकर यूनियन नेता तिलमिला गए, जबकि एनजेसीएस यूनियन नेताओं ने करीब हजार रुपए वृद्धि का प्रस्ताव संयुक्त रूप से रखा, लेकिन प्रबंधन ने दो टूक बोल दिया कि यह संभव नहीं है। इसलिए एडब्ल्यूए के राशि में 35 प्रतिशत का ही इजाफा किया जाएगा। बगैर नतीजा ही एनजेसीएस सब कमेटी की मीटिंग समाप्त हो गई है।
सीटू से एनजेसीएस मीटिंग में शामिल ललित मोहन मिश्र ने सूचनाजी.कॉम को बताया कि प्रबंधन के ढाई हजार रुपए बढ़ाने के प्रसताव को 8 हजार करने की मांग की गई। साथ ही इस राश को पीएफ से जोड़ने की मांग रखी गई। लेकिन प्रबंधन ने साफ शब्दों में बोल दिया कि ये संभव नहीं है। 35 प्रतिशत यानी करीब 875 रुपए ही वह बढ़ा सकता है। इस वजह से एनजेसीएस मीटिंग में कोई फैसला नहीं हो सका है।
प्रबंधन की तरफ से ईडी पीएंडए रंजन प्रसाद के अलावा मानस रथ, पवन कुमार, लीना कुमारी आदि रहीं। यूनियन की तरफ से इंटक से बीएन चौबे, एचएमएस से संजय वढावकर, एटक से रामाश्रय प्रसाद आदि मौजूद रहे।
मीटिंग के फर्स्ट हाफ तक इस्पात उत्पादन, प्रक्रिया और मजदूरों के योगदान पर विस्तार से जानकारी साझा की गई। 2 बजे तक प्रेंजेंटेशन ही चलता रहा। इसी बीच लंच का वक्त हो गया। मीटिंग को बीच में रोक दिया गया। लंच के बाद दोबारा मीटिंग शुरू हुई और मजदूरों के मूल मुद्दे पर चर्चा का दौर चला। मीटिंग में कर्मचारी यूनियन यूनियन इंटक, सीटू, एचएमएस, एटक आदि के प्रतिनिधि शामिल हुए।