BSP BRM में ठेका मजदूर का कॉलर पकड़कर थप्पड़ मारा सेक्टर 6 सोसाइटी के पवन साहू ने, CGM तक पहुंचा केस

डीए रिपोर्ट अधूरी छोड़कर ड्यूटी से जाने पर हुआ विवाद; मजदूर का कॉलर पकड़कर धक्का देने और थप्पड़ मारने की शिकायत। CGM तक पहुंचा मामला, अधिकारियों ने दी सख्त हिदायत। दोनों पक्षों में समझौता हो गया।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल-भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के बार एंड रॉड मिल (BRM) के शिपिंग एरिया में ठेका मजदूर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि सेक्टर-6 बीएसपी को-ऑपरेटिव सोसाइटी के पदाधिकारी और बीएसपी कर्मचारी पवन साहू ने ठेका मजदूर का कॉलर पकड़कर उसे धक्का दिया और थप्पड़ मारे। मामला बीआरएम के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) योगेश शास्त्री तक पहुंचने के बाद प्रबंधन हरकत में आया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश दी और भविष्य में ऐसी घटना नहीं होने की सख्त हिदायत दी। पवन साहू बीएसपी डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन में भी पदाधिकारी हैं।

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल ठेका मजदूर की नौकरी की सुरक्षा को लेकर है। नियमित कर्मचारी और ठेका श्रमिक के बीच रोजगार की सुरक्षा का अंतर ऐसा है कि शिकायत करने के बाद भी ठेका मजदूर अपने भविष्य को लेकर आशंकित है। मजदूर ने समझौता इस डर से किया है कि कहीं उसकी नौकरी पर आफत न आ जाए। पीड़ित ठेका मजदूर ने घटनाक्रम का 

अधूरी रिपोर्ट की शिकायत के बाद भड़का विवाद

बीआरएम के शिपिंग एरिया स्थित कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य काम करने वाले आयुष रेड्डी ने घटना के संबंध में जानकारी साझा की। कैंप-2 निवासी आयुष पिछले पांच वर्षों से बीआरएम में काम कर रहे हैं।

उनके मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 10 बजे अधिकारियों ने डीए रिपोर्ट के बारे में पूछा। इस पर उन्होंने बताया कि पवन साहू रात करीब साढ़े 9 बजे ही जा चुके हैं और रिपोर्ट अधूरी है। आरोप है कि अधिकारियों की फटकार के बाद पवन साहू वापस लौटे और आयुष का कॉलर पकड़कर उन्हें धक्का दिया तथा थप्पड़ मारे। यह घटना उस समय हुई, जब आयुष विभागीय कर्मचारी रवि चौधरी से बात कर रहे थे। मामले में डीए रिपोर्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते कथित मारपीट तक पहुंच गया। शिपिंग एरिया में हुई इस घटना की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई।

DGM से लेकर CGM तक पहुंचा मामला, प्रबंधन ने दी चेतावनी

ठेका मजदूर के साथ कथित मारपीट की शिकायत डीजीएम वीजी मथई और डिप्टी मैनेजर पजियार से की गई। इस बीच मामला बीआरएम के सीजीएम योगेश शास्त्री तक भी पहुंच गया। इसके बाद अधिकारियों ने मामले में हस्तक्षेप किया।

मंगलवार को डीजीएम वीजी मथई के कार्यालय में दोपहर करीब ढाई बजे दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की गई। इस दौरान प्रबंधन ने पवन साहू को स्पष्ट हिदायत दी कि भविष्य में किसी भी कर्मचारी या श्रमिक पर हाथ नहीं उठाया जाना चाहिए। साथ ही, डीए रिपोर्ट पूरी करने के बाद ही प्लांट से जाने को कहा गया। ठेका मजदूर को भी निर्देश दिया गया कि यदि दोबारा ऐसी कोई घटना होती है या संबंधित कर्मचारी काम पूरा किए बिना चले जाते हैं, तो वह सीधे अधिकारियों को इसकी जानकारी दे।

ठेका मजदूर को सता रही नौकरी की चिंता

इस मामले में ठेका मजदूर की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। ग्रिप स्टैपिंग प्राइवेट लिमिटेड के तहत काम करने वाले श्रमिक को आशंका है कि शिकायत और विवाद के बाद कहीं उसकी नौकरी पर संकट न आ जाए। ठेका श्रमिकों के लिए काम से हटाए जाने का डर अक्सर शिकायत दर्ज कराने में भी बाधा बनता है।

हालांकि, प्रबंधन की ओर से उसे दोबारा ऐसी स्थिति बनने पर अधिकारियों को सूचना देने के लिए कहा गया है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे कोई विभागीय कार्रवाई होती है या प्रबंधन की समझाइश के बाद मामला समाप्त हो जाता है।

क्या है डीए रिपोर्ट का मामला?

बीआरएम के शिपिंग एरिया में वैगन रवाना होने से संबंधित प्रक्रिया के तहत डीए रिपोर्ट तैयार की जाती है। घटना के समय सात से आठ गाड़ियों की डीए रिपोर्ट अधूरी थी। इसी को लेकर अधिकारियों ने सवाल किया था। आरोप है कि रिपोर्ट अधूरी छोड़कर ड्यूटी से जाने की बात सामने आने के बाद पवन साहू गुस्से में आए और मजदूर की पिटाई कर दी। 

आरोपों पर पवन साहू ने क्या कहा?

सूचनाजी.कॉम ने पवन साहू से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया। मारपीट के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “किसने आपको यह बताया? मैंने कोई मारपीट नहीं की है। किसी तरह का कोई विवाद नहीं हुआ है।”

पवन साहू ने मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। दूसरी ओर, आयुष रेड्डी ने घटना का विवरण साझा किया है। शुक्रवार रात मारपीट से लेकर मंगलवार दिन में समझौते तक की बात खुलकर बताई। आरोपों और संबंधित पक्षों के बयानों के बीच प्रबंधन की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।