विस्थापितों का बवाल: बोकारो स्टील प्लांट का प्रोडक्शन ठप, फर्नेस 4, मिल डाउन, हजारों कार्मिक फंसे, हादसे का डर

राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले प्लांट के करीब 15 हजार से अधिक कर्मचारी, अधिकारी और ठेका मजदूर भी प्लांट के अंदर बंधक हैं। हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। शासन-प्रशासन स्तर पर अब तक कोई ठोस पहल न होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल बोकारो स्टील प्लांट के हालात बेकाबू हो गए हैं। प्लांट का उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया है। 3 ब्लास्ट फर्नेस का प्रोडक्शन डाउन किया गया था, ब्लास्ट फर्नेस 4 का उत्पादन भी रोक दिया गया है। फर्नेस का उत्पादन थमते ही स्टील मेल्टिंग शॉप, कोक ओवन, आक्सीजन प्लांट तक असर पड़ना शुरू हो गया है। करोड़ों का नुकसान हो रहा है। साथ ही हादसे का डर भी अब बनता जा रहा है। 

राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले प्लांट के करीब 15 हजार से अधिक कर्मचारी, अधिकारी और ठेका मजदूर भी प्लांट के अंदर बंधक हैं। हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। शासन-प्रशासन स्तर पर अब तक कोई ठोस पहल न होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 

विस्थापित समूहों की ओर से नियोजन की मांग को लेकर 10 अक्टूबर से भूख हड़ताल चल रही है। शुक्रवार को बीएसएल का मेन गेट छोड़कर सभी गेट जाम किया गया था। शनिवार भोर से मेन गेट भी जाम कर दिया गया। रात के अंधेरे में ही कार्मिक प्लांट में दाखिल हो चुके थे। जो अब बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। विस्थापितों की मांग है कि उनको नौकरी दी जाए। जबकि प्रबंधन स्पष्ट कर चुका है कि नौकरी केंद्र सरकार के नियमों के तहत दी जाती है। स्थानीय स्तर पर कोई प्रावधान नहीं है कि सीधी भर्ती कर दी जाए।