Rourkela Steel Plant के कर्मचारी भड़के, सड़क जाम, इस्पात सचिव का फूंका पुतला, अब बायोमेट्रिक की जद में अफसर भी, Watch Video

स्थानीय स्तर के निर्णय प्लांट प्रबंधन पर छोड़े जाएं, न कि केंद्रीय हस्तक्षेप हो। कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है और औद्योगिक माहौल बिगड़ रहा है। सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। स्टील सेक्रेटरी संदीप पौंड्रिक का सेल राउरकेला स्टील प्लांट के कर्मचारियों ने पुतला फूंक दिया। मैनपॉवर घटाने, बाहर से बाहर निकलने पर सिर्फ कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक के आदेश से भड़की मान्यता प्राप्त यूनियन इंटक के बैनर तले कर्मचारियों ने मेन गेट पर जमकर हंगामा किया। ईडी स्तर के अधिकारियों को सड़क पर उतरना पड़ा। कर्मचारी सड़क प

  • स्थानीय स्तर के निर्णय प्लांट प्रबंधन पर छोड़े जाएं, न कि केंद्रीय हस्तक्षेप हो। कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है और औद्योगिक माहौल बिगड़ रहा है।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। स्टील सेक्रेटरी संदीप पौंड्रिक का सेल राउरकेला स्टील प्लांट के कर्मचारियों ने पुतला फूंक दिया। मैनपॉवर घटाने, बाहर से बाहर निकलने पर सिर्फ कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक के आदेश से भड़की मान्यता प्राप्त यूनियन इंटक के बैनर तले कर्मचारियों ने मेन गेट पर जमकर हंगामा किया। ईडी स्तर के अधिकारियों को सड़क पर उतरना पड़ा। कर्मचारी सड़क पर लेट गए गए थे। काफी देर तक आवागमन को बाधित किया था। इंटक के महासचिव प्रशांत कुमार बेहरा के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। ईडी एचआर, सीजीएम समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों की दखल से करीब आधे घंटे बाद आवागमन को सुचारू किया जा सका। इंटक ने प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा है। दूसरी ओर आरएसपी प्रबंधन ने ताज़ा सर्कुलर जारी कर दिया है। इसमें कर्मचारियों के साथ अब अधिकारियों को भी ड्यूटी टाइम में बाहर निकलने पर बायोमेट्रिक मशीन से आई कार्ड स्कैन अनिवार्य कर दिया गया है। राउरकेला श्रमिक संघ-INTUC ने स्टील सेक्रेटरी को लिखा पत्र, पढ़ें
  • SAIL राउरकेला स्टील प्लांट के दैनिक कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप एवं अव्यावहारिक, श्रमिक-विरोधी निर्देशों के संबंध में पत्र लिखा गया।
  • संघ ने SAIL राउरकेला स्टील प्लांट के कामकाज में लगातार हो रहे अनावश्यक हस्तक्षेप और श्रमिक-विरोधी निर्देशों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
  • इन निर्देशों से उत्पादन क्षमता और औद्योगिक सौहार्द पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
यूनियन की प्रमुख मांगें-आपत्तियां 40% मैनपावर कटौती का आदेश नियमित और ठेका कर्मचारियों में 40% कटौती का प्रस्ताव अव्यावहारिक है और प्लांट संचालन के लिए हानिकारक है। 39 महीनों के बकाया का भुगतान नहीं कंपनी लाभ में होने के बावजूद कर्मचारियों के 39 महीने के एरियर का भुगतान नहीं किया गया है। निजीकरण की ओर कदम I.G.H., टाउनशिप और शैक्षणिक संस्थानों के निजीकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदम कर्मचारियों और स्थानीय समुदाय के हितों के खिलाफ हैं। इंसेंटिव/बोनस में संशोधन नहीं पिछले दो दशकों से मासिक प्रोत्साहन, बोनस और पुरस्कार योजनाओं में कोई संशोधन नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में निराशा है। CISF हटाकर निजी सुरक्षा का प्रस्ताव: CISF की जगह निजी सुरक्षा एजेंसियों को लाने का प्रस्ताव सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन के लिहाज से चिंताजनक है। इस्पात सचिव को लिखे पत्र में ये भी लिखा
  • SAIL एक सार्वजनिक उपक्रम है, इसे सरकारी नीतियों के तहत स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाना चाहिए।
  • स्थानीय स्तर के निर्णय प्लांट प्रबंधन पर छोड़े जाने चाहिए, न कि अत्यधिक केंद्रीय हस्तक्षेप हो।
  • इस तरह के हस्तक्षेप से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है और औद्योगिक माहौल बिगड़ रहा है।
  • यदि भविष्य में औद्योगिक विवाद उत्पन्न होते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी इस्पात मंत्रालय की होगी।
  • इन निर्देशों की तुरंत समीक्षा कर तर्कसंगत और श्रमिक हितैषी निर्णय लिया जाए।
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