राउरकेला स्टील प्लांट महिलाओं को बना रहा आत्मनिर्भर, बांस शिल्प का प्रशिक्षण
पहल न केवल पारंपरिक बाँस शिल्प को संरक्षित करती है, बल्कि आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा देती है। सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) (Rourkela STeel plant) ने अपनी निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहल के तहत ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और स्थायी आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम उठाते हुए, परिधीय गांवों की महिलाओं के लिए बांस शिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। नुआगांव ब्लॉक के लिंड्रा गांव में, कौशल विकास के क्षेत्र में कार
- पहल न केवल पारंपरिक बाँस शिल्प को संरक्षित करती है, बल्कि आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा देती है।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) (Rourkela STeel plant) ने अपनी निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहल के तहत ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और स्थायी आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम उठाते हुए, परिधीय गांवों की महिलाओं के लिए बांस शिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। नुआगांव ब्लॉक के लिंड्रा गांव में, कौशल विकास के क्षेत्र में कार्यरत एक प्रतिष्ठित गैर सरकारी संगठन, निर्माण के सहयोग से यह प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।
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यह पहल रीना स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की सदस्यों पर केंद्रित है, जिन्हें बांस के उत्पाद, विशेष रूप से विभिन्न आकार और प्रकार की टोकरियाँ बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद, महिलाओं ने स्थानीय बाजारों में अपने हस्तशिल्प का उत्पादन और बिक्री शुरू कर दी है, जिससे आय सृजन और आर्थिक आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
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लाभार्थियों में से एक, कुलामनी मुंडारी ने अपनी खुशी और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, "मुझे यह बाँस शिल्प प्रशिक्षण पूरी तरह से निःशुल्क मिला। अब, मैं न केवल टोकरियाँ बना सकती हूँ, बल्कि उन्हें बाज़ार में बेचकर पैसे भी कमा सकती हूँ। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है और मेरे परिवार को भी मदद मिल रही है।"
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यह पहल न केवल पारंपरिक बाँस शिल्प को संरक्षित करती है, बल्कि आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा देती है। कौशल विकास और बाज़ार संपर्कों को सक्षम बनाकर, आरएसपी क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में सार्थक योगदान दे रहा है और एक ज़िम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक के रूप में अपनी भूमिका की पुष्टि कर रहा है।
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